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ताज की दक्षिणी दीवार पर मडपैक का काम खत्म
Updated Fri, 04 Aug 2017 08:28 PM IST
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आगरा। डायना सीट पर बैठकर ताजमहल के सामने फोटोग्राफी कराने वाले सैलानियों को अब न केवल ताज चमका नजर आएगा, बल्कि फोटो में लोहे के पाइपों वाली पाड़ भी नजर नहीं आएगी जो ताजमहल के मडपैक के लिए लगाई गई है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने तय समय से दो महीने पहले ही ताजमहल मुख्य गुंबद के नीचे दक्षिणी दीवार से मडपैक का काम खत्म कर दिया। शुक्रवार को ताज की दक्षिण-पूर्वी मीनार से भी लोहे के पाइपों की पाड़ हटा दी गई।
एएसआई रसायन शाखा के अधीक्षण पुरातत्व रसायनविद् डा. एम के भटनागर के नेतृत्व में चल रहे मडपैक के काम में सबसे ज्यादा दिक्कत मुख्य गुंबद की दक्षिणी दीवार पर हुई। यहां से गुंबद में कब्रों को देखने के लिए सैलानी प्रवेश करते हैं। दक्षिणी दीवार पर सितंबर अंत तक काम होना था, लेकिन इसे शुक्रवार को ही पूरा कर लिया गया।
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अब इसकी धुलाई का काम अगले दिनों में किया जाएगा। दक्षिणी दीवार के बाद यमुना किनारा की उत्तरी दीवार, पश्चिमी दीवार और दक्षिण-पश्चिमी दीवार पर मडपैक होना है। गुंबद के नीचे काम होने के बाद ऊपर चारों छतरियों और बाद में मुख्य गुंबद, पिनेकल का केमिकल ट्रीटमेंट किया जाएगा।
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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने तय समय से दो महीने पहले ही ताजमहल मुख्य गुंबद के नीचे दक्षिणी दीवार से मडपैक का काम खत्म कर दिया। शुक्रवार को ताज की दक्षिण-पूर्वी मीनार से भी लोहे के पाइपों की पाड़ हटा दी गई।
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एएसआई रसायन शाखा के अधीक्षण पुरातत्व रसायनविद् डा. एम के भटनागर के नेतृत्व में चल रहे मडपैक के काम में सबसे ज्यादा दिक्कत मुख्य गुंबद की दक्षिणी दीवार पर हुई। यहां से गुंबद में कब्रों को देखने के लिए सैलानी प्रवेश करते हैं। दक्षिणी दीवार पर सितंबर अंत तक काम होना था, लेकिन इसे शुक्रवार को ही पूरा कर लिया गया।
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अब इसकी धुलाई का काम अगले दिनों में किया जाएगा। दक्षिणी दीवार के बाद यमुना किनारा की उत्तरी दीवार, पश्चिमी दीवार और दक्षिण-पश्चिमी दीवार पर मडपैक होना है। गुंबद के नीचे काम होने के बाद ऊपर चारों छतरियों और बाद में मुख्य गुंबद, पिनेकल का केमिकल ट्रीटमेंट किया जाएगा।