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गंगा: जिले में साधारण बाढ़ के हालात बरकरार
Updated Thu, 20 Jul 2017 11:44 PM IST
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ganga river
- फोटो : amarujala
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कासगंज।
जिले में साधारण बाढ़ के हालात बरकरार बने हुए हैं। पिछले 24 घंटों से जलस्तर स्थिर बना हुआ है। शुक्रवार को जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि जिले में अभी बाढ़ की आशंका नहीं है।
गौरतलब है कि नरौरा बैराज से गुरुवार को 37194 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जबकि बुधवार को यह पानी 30 हजार क्यूसेक के आसपास था। 7000 क्यूसेक पानी अधिक छोड़े जाने के कारण इसका असर जलस्तर पर शुक्रवार को पड़ेगा। हरिद्वार एवं बिजनौर बैराज पर भी पानी का दबाव सामान्य है। फिलहाल बाढ़ का खतरा नहीं है, लेकिन कटान का खतरा बना हुआ है। कई दिनों से गंगा का पानी कच्चे बांधों के इर्द गिर्द जमा है। गंगा के जलस्तर में उतार चढ़ाव के कारण कच्चे बांधों की मिट्टी का कटान हो रहा है। इससे बांधों को खतरा भी पैदा हो सकता है। हालांकि सिंचाई विभाग और ग्रामीण कच्चों बांधों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उढ़ेर, शहवाजपुर, नरदौली सहित कई अन्य क्षेत्रों में गंगा के कच्चे बांध मौजूद हैं।
सिंचाई विभाग के सहायक बाढ़ प्रभारी एके सिंह का कहना है कि नरौरा से 7000 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज गुरुवार को बढ़ा है। इस पानी का कछला की ओर असर शुक्रवार को आ जाएगा जिससे जलस्तर कुछ सेंटीमीटर की वृद्धि होगी। गंगा के सभी तटबंध सही हैं। तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है।
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जिले में साधारण बाढ़ के हालात बरकरार बने हुए हैं। पिछले 24 घंटों से जलस्तर स्थिर बना हुआ है। शुक्रवार को जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि जिले में अभी बाढ़ की आशंका नहीं है।
गौरतलब है कि नरौरा बैराज से गुरुवार को 37194 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जबकि बुधवार को यह पानी 30 हजार क्यूसेक के आसपास था। 7000 क्यूसेक पानी अधिक छोड़े जाने के कारण इसका असर जलस्तर पर शुक्रवार को पड़ेगा। हरिद्वार एवं बिजनौर बैराज पर भी पानी का दबाव सामान्य है। फिलहाल बाढ़ का खतरा नहीं है, लेकिन कटान का खतरा बना हुआ है। कई दिनों से गंगा का पानी कच्चे बांधों के इर्द गिर्द जमा है। गंगा के जलस्तर में उतार चढ़ाव के कारण कच्चे बांधों की मिट्टी का कटान हो रहा है। इससे बांधों को खतरा भी पैदा हो सकता है। हालांकि सिंचाई विभाग और ग्रामीण कच्चों बांधों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उढ़ेर, शहवाजपुर, नरदौली सहित कई अन्य क्षेत्रों में गंगा के कच्चे बांध मौजूद हैं।
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सिंचाई विभाग के सहायक बाढ़ प्रभारी एके सिंह का कहना है कि नरौरा से 7000 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज गुरुवार को बढ़ा है। इस पानी का कछला की ओर असर शुक्रवार को आ जाएगा जिससे जलस्तर कुछ सेंटीमीटर की वृद्धि होगी। गंगा के सभी तटबंध सही हैं। तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है।
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