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पाले की मार से नकदी फसलें बीमार
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पाला
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज। आसमान से किसानों पर आफत टूट रही है। मौसम में पाले की मार से फसलें बीमार हो रहीं है। नकदी फसलों पर सबसे अधिक मार है। हालांकि कोहरे से गेहूं की फसल को कुछ हद तक राहत मिलेगी, लेकिन तुषार फसलों की बढ़वार पर रोक लगा रहा है। इसके अलावा आलू और मटर की फसल झुलसा रोग से प्रभावित हो रही है।
मौसम में बदलाव के साथ ही किसानों के लिए परेशानी शुरू हो गई है। आसमान से अब रात में पाला गिर रहा है। पाले फसलों के लिए अभिशाप है। तुषार से मौसम में ठिठुरन हो रही है और फसलों की बढ़वार प्रभावित हो रही है। आलू और मटर की नकदी फसलों में पाले से झुलसा रोग की संभावना बढ़ गई है। तमाम किसानों ने पाले की आशंका के चलते पहले से फसलों में रोगों से बचाव के लिए दवाओं का प्रयोग कर रहे हैं। शुक्रवार सुबह पाले का आलम यह रहा कि कल्याणपुर हिम्मतपुरसई सहित कई गांव में जमीन पर बर्फ जैसी पतली परत जम गई थी। मौसम को लेकर किसान काफी चिंतित हैं।
किसानों की बात-
- मौसम में पाले से फसलें पूरी तरह प्रभावित हो रहीं हैं। आलू और मटर की फसल खेत में खड़ी है। मटर से अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन तुषार फसल बर्बाद कर रहा है- बीरी सिंह, हिम्मतपुरसईं।
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- मौसम में पाले से ठंड बढ़ गई है। खेतों में भी पाले से फसलों को नुकसान होगा। कोहरा होता है तो गेहूं की फसल को फायदा हो जाता है, लेकिन पाले से नुकसान ही नुकसान है- दुलारी देवी, हिम्मतपुरसईं।
बढ़ गई ठंड, समय परिवर्तन की मांग
कासगंज। पाले और कोहरे से मौसम में काफी ठंड बढ़ गई है। अभिभावकों ने जिला प्रशासन से स्कूल समय परिवर्तन की मांग उठाई है। अभिभावक प्रमोद कुमार, प्रेम सिंह, राजकुमार आदि ने कहा कि सुबह मौसम में काफी ठिठुरन हो रही है। कुछ जिलों में स्कूलों का समय परिवर्तित हो गया है। कासगंज में भी समय परिवर्तन होना चाहिए।
पाले से मटर और आलू की फसल को नुकसान होता है। तुषार के प्रभाव को कम करने के लिए किसान हल्की या बौछारी सिंचाई करें। कोहरे से गेहूं की फसल को फायदा होता है।
राजकुमार, उपनिदेशक कृषि, आत्मा योजना।
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मौसम में बदलाव के साथ ही किसानों के लिए परेशानी शुरू हो गई है। आसमान से अब रात में पाला गिर रहा है। पाले फसलों के लिए अभिशाप है। तुषार से मौसम में ठिठुरन हो रही है और फसलों की बढ़वार प्रभावित हो रही है। आलू और मटर की नकदी फसलों में पाले से झुलसा रोग की संभावना बढ़ गई है। तमाम किसानों ने पाले की आशंका के चलते पहले से फसलों में रोगों से बचाव के लिए दवाओं का प्रयोग कर रहे हैं। शुक्रवार सुबह पाले का आलम यह रहा कि कल्याणपुर हिम्मतपुरसई सहित कई गांव में जमीन पर बर्फ जैसी पतली परत जम गई थी। मौसम को लेकर किसान काफी चिंतित हैं।
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किसानों की बात-
- मौसम में पाले से फसलें पूरी तरह प्रभावित हो रहीं हैं। आलू और मटर की फसल खेत में खड़ी है। मटर से अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन तुषार फसल बर्बाद कर रहा है- बीरी सिंह, हिम्मतपुरसईं।
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- मौसम में पाले से ठंड बढ़ गई है। खेतों में भी पाले से फसलों को नुकसान होगा। कोहरा होता है तो गेहूं की फसल को फायदा हो जाता है, लेकिन पाले से नुकसान ही नुकसान है- दुलारी देवी, हिम्मतपुरसईं।
बढ़ गई ठंड, समय परिवर्तन की मांग
कासगंज। पाले और कोहरे से मौसम में काफी ठंड बढ़ गई है। अभिभावकों ने जिला प्रशासन से स्कूल समय परिवर्तन की मांग उठाई है। अभिभावक प्रमोद कुमार, प्रेम सिंह, राजकुमार आदि ने कहा कि सुबह मौसम में काफी ठिठुरन हो रही है। कुछ जिलों में स्कूलों का समय परिवर्तित हो गया है। कासगंज में भी समय परिवर्तन होना चाहिए।
पाले से मटर और आलू की फसल को नुकसान होता है। तुषार के प्रभाव को कम करने के लिए किसान हल्की या बौछारी सिंचाई करें। कोहरे से गेहूं की फसल को फायदा होता है।
राजकुमार, उपनिदेशक कृषि, आत्मा योजना।