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‘राजा’ ने तोड़े किसानों के अरमान
Updated Sat, 24 Nov 2018 10:31 PM IST
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जलेसर। सब्जियों के ‘राजा’ ने एक बार फिर किसानों के अरमान तोड़ दिया। लगातार गिर रहीं आलू की कीमतों से जिले के किसानों को झटका लगा है। आलम यह है कि आलू की कीमतें 50-100 रुपये बोरे पर आ गई हैं। ऐसे में किसान माथा पकड़कर बैठे हैं। वहीं कोल्ड स्टोर से आलू की निकासी नहीं कर रहे हैं। उधर, कोल्ड स्टोर संचालकों ने किसानों को 30 नवंबर तक आलू की निकासी कराने के लिए कह दिया है।
मई, जून, जुलाई मे आलू के रेट 700 रुपये से लेकर 900 रुपये प्रति बैग चल रहे थे। किसानों ने एक हजार रुपये प्रति बैग के रेट की उम्मीद में अपना आलू बेचा नहीं था और मौजूदा समय में नया आलू बाजार में आने और पुराने का कोई खरीदार न होने के कारण कीमत जमीन पर आ गई है। अब नया आलू बाजार मे आने के चलते पुराने आलू की मांग और कीमतें घट गई हैं। आलम यह है कि छोटा किर्री आलू मात्र 50 रुपये पैकेट और गुल्ला बीच का आलू 100 रुपये प्रति बैग के हिसाब से बिक रहा है। वहीं शीतगृह का किराया 130 रुपये प्रति बैग है। शीतगृह का भाड़ा भी नहीं निकलने के चलते आलू किसान शीतगृह की ओर भी नहीं आ रहे है। जबकि शीतगृह स्वामी किसानों पर आलू निकालने का दबाव बना रहे है। नबंवर माह के बाद भी शीतगृह स्वामी परेशान हैं। उनका भाड़ा भी मिल नहीं रहा है। साथ ही बिजली का बिल भी जमा करना पड़ रहा है। बता दें कि पिछले साल भी हजारों बोरी आलू फिंकवाना पड़ा था। शीतगृह स्वामियों को चिंता है कि कहीं इस बार भी आलू फिंकवाना नहीं पड़े। शीतगृह स्वामियों का कहना है कि किसान न तो आलू निकाल रहा है और न ही निकासी के लिए मना कर रहा है। शीतगृह स्वामियों ने 30 नवंबर तक समय सीमा तय कर दी। इसके बाद आलू शीतगृह से निकाल दिया जायेगा। ऐसे में किसानों की मुसीबत बढ़ने की आशंका है।
इन शीतगृहों में इतना आलू भंडारण
-बाबा कोल्ड स्टोरेज - 15 हजार बोरी।
-माया कोल्ड स्टोरेज - 8 हजार बोरी।
- अग्रवाल कोल्ड स्टोरेज - 11 हजार बोरी।
- कोठीवाल कोल्ड - 14 हजार बोरी।
- विद्या कोल्ड स्टोरेज - 20 हजार बोरी।
- किशोरीलाल कोल्ड स्टोरेज व अर्जुन सिंह कोल्ड स्टोरेज - 8 हजार बोरी।
मौजूदा समय मे आलू बीज प्रति बोरी 50 रुपये, गुल्ला 100 रुपये और बड़ा बालू 300 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से बिक रहा है। उसके भी खरीदार नहीं मिल रहे। जबकि मंडी समति के अधिकारी मंडी शुल्क 800 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से वसूल रहे है।
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रविराज अग्रवाल, संचालक बाबा कोल्ड स्टोरेज
आलू उत्पादक किसानों की स्थिति काफी खराब हो रही है। पिछले तीन वर्षों के दौरान उनकी कमर टूट गई है।
लखन यादव, किसान नेता
तीन वर्षों में आलू की कीमत नहीं मिलने से बैंक और साहूकारों के कर्ज मे डूब गये हैं। क्या करें समझ में नहीं आ रहा।
रिंकू ठाकुर, किसान
आलू की कीमत पिछले तीन साल से नहीं मिल पाई। अब आलू का उत्पादन नहीं करने में ही भलाई है।
अनंत कुमार यादव, किसान
आलू की कीमत न मिलने से किसान पलायन या आत्महत्या करने को मजबूर है। सरकार को इसके लिए उचित प्रबंध करने चाहिए।
विक्की ठाकुर, युवा इकाई जिलाध्यक्ष भाकियू भानु
आंकड़ों पर नजर
50 से 100 रुपये प्रति बोरा बिक रहा जिले में आलू
130 रुपये प्रति बोरा आ रहा शीतगृह का खर्चा
700 से 900 रुपये प्रति बोरा बिक चुका है जिले में आलू
30 नवंबर तक किसानों को शीतगृहों से आलू निकाले जाने की दी जा चुकी है चेतावनी
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मई, जून, जुलाई मे आलू के रेट 700 रुपये से लेकर 900 रुपये प्रति बैग चल रहे थे। किसानों ने एक हजार रुपये प्रति बैग के रेट की उम्मीद में अपना आलू बेचा नहीं था और मौजूदा समय में नया आलू बाजार में आने और पुराने का कोई खरीदार न होने के कारण कीमत जमीन पर आ गई है। अब नया आलू बाजार मे आने के चलते पुराने आलू की मांग और कीमतें घट गई हैं। आलम यह है कि छोटा किर्री आलू मात्र 50 रुपये पैकेट और गुल्ला बीच का आलू 100 रुपये प्रति बैग के हिसाब से बिक रहा है। वहीं शीतगृह का किराया 130 रुपये प्रति बैग है। शीतगृह का भाड़ा भी नहीं निकलने के चलते आलू किसान शीतगृह की ओर भी नहीं आ रहे है। जबकि शीतगृह स्वामी किसानों पर आलू निकालने का दबाव बना रहे है। नबंवर माह के बाद भी शीतगृह स्वामी परेशान हैं। उनका भाड़ा भी मिल नहीं रहा है। साथ ही बिजली का बिल भी जमा करना पड़ रहा है। बता दें कि पिछले साल भी हजारों बोरी आलू फिंकवाना पड़ा था। शीतगृह स्वामियों को चिंता है कि कहीं इस बार भी आलू फिंकवाना नहीं पड़े। शीतगृह स्वामियों का कहना है कि किसान न तो आलू निकाल रहा है और न ही निकासी के लिए मना कर रहा है। शीतगृह स्वामियों ने 30 नवंबर तक समय सीमा तय कर दी। इसके बाद आलू शीतगृह से निकाल दिया जायेगा। ऐसे में किसानों की मुसीबत बढ़ने की आशंका है।
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इन शीतगृहों में इतना आलू भंडारण
-बाबा कोल्ड स्टोरेज - 15 हजार बोरी।
-माया कोल्ड स्टोरेज - 8 हजार बोरी।
- अग्रवाल कोल्ड स्टोरेज - 11 हजार बोरी।
- कोठीवाल कोल्ड - 14 हजार बोरी।
- विद्या कोल्ड स्टोरेज - 20 हजार बोरी।
- किशोरीलाल कोल्ड स्टोरेज व अर्जुन सिंह कोल्ड स्टोरेज - 8 हजार बोरी।
मौजूदा समय मे आलू बीज प्रति बोरी 50 रुपये, गुल्ला 100 रुपये और बड़ा बालू 300 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से बिक रहा है। उसके भी खरीदार नहीं मिल रहे। जबकि मंडी समति के अधिकारी मंडी शुल्क 800 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से वसूल रहे है।
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रविराज अग्रवाल, संचालक बाबा कोल्ड स्टोरेज
आलू उत्पादक किसानों की स्थिति काफी खराब हो रही है। पिछले तीन वर्षों के दौरान उनकी कमर टूट गई है।
लखन यादव, किसान नेता
तीन वर्षों में आलू की कीमत नहीं मिलने से बैंक और साहूकारों के कर्ज मे डूब गये हैं। क्या करें समझ में नहीं आ रहा।
रिंकू ठाकुर, किसान
आलू की कीमत पिछले तीन साल से नहीं मिल पाई। अब आलू का उत्पादन नहीं करने में ही भलाई है।
अनंत कुमार यादव, किसान
आलू की कीमत न मिलने से किसान पलायन या आत्महत्या करने को मजबूर है। सरकार को इसके लिए उचित प्रबंध करने चाहिए।
विक्की ठाकुर, युवा इकाई जिलाध्यक्ष भाकियू भानु
आंकड़ों पर नजर
50 से 100 रुपये प्रति बोरा बिक रहा जिले में आलू
130 रुपये प्रति बोरा आ रहा शीतगृह का खर्चा
700 से 900 रुपये प्रति बोरा बिक चुका है जिले में आलू
30 नवंबर तक किसानों को शीतगृहों से आलू निकाले जाने की दी जा चुकी है चेतावनी