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सुहागनगरी नहीं भूलेगी विनोद अग्रवाल के भजनों की धुन
Updated Tue, 06 Nov 2018 11:36 PM IST
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फिरोजाबाद। सूफी अंदाज में भगवान कृष्ण के भजनों पर मंत्रमुग्ध करने वाले भजन सम्राट विनोद अग्रवाल के निधन से सुहागनगरी के लोग भी स्तब्ध रह गए। बर्फानी समिति के तत्वावधान में कई बार कार्यक्रम किए हैं।
भजन सम्राट विनोद अग्रवाल ने वर्ष 2007 में एसआरके कालेज के मैदान पर प्रस्तुति दी थी। कार्यक्रम से पूर्व तेज-आंधी तूफान आया। व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गई थीं। आयोजक बबलू बर्फानी ने बताया कि समिति के लोग चिंतित हो गए थे, मगर विनोद अग्रवाल ने कहा कि अगर आंधी-बारिश भी होगी तो भी भजन गाऊंगा। जैसे ही सूफी अंदाज में विनोद अग्रवाल ने भजन की शुरुआत की, बारिश पूरी तरह बंद हो गई थी।
वह आयोजन रात डेढ़ बजे तक सफलता पूर्वक चला। इसी प्रकार 2015 में जीआर प्लाजा में आयोजित हुए कार्यक्रम में भी भजनों से जनता को मंत्रमुग्ध कर दिया। बर्फानी समिति के संस्थापक कृष्ण गोपाल मित्तल ने बताया कि विनोद अग्रवाल फिरोजाबाद से विशेष लगाव करते थे। उन्होंने आयोजन के लिए एक भी पैसा फिरोजाबाद से नहीं लिया। जब भी फिरोजाबाद आते थे या फिर इटावा की तरफ जाते थे तो फोन करके पान मंगाते थे। ढोकला भी फिरोजाबाद का विशेष पसंद था। उनके प्रशंसक अनुग्रह गोपाल ने कहा कि आज देश ने नहीं बल्कि पूरे विश्व ने भजन सम्राट खो दिया।
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भजन सम्राट विनोद अग्रवाल ने वर्ष 2007 में एसआरके कालेज के मैदान पर प्रस्तुति दी थी। कार्यक्रम से पूर्व तेज-आंधी तूफान आया। व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गई थीं। आयोजक बबलू बर्फानी ने बताया कि समिति के लोग चिंतित हो गए थे, मगर विनोद अग्रवाल ने कहा कि अगर आंधी-बारिश भी होगी तो भी भजन गाऊंगा। जैसे ही सूफी अंदाज में विनोद अग्रवाल ने भजन की शुरुआत की, बारिश पूरी तरह बंद हो गई थी।
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वह आयोजन रात डेढ़ बजे तक सफलता पूर्वक चला। इसी प्रकार 2015 में जीआर प्लाजा में आयोजित हुए कार्यक्रम में भी भजनों से जनता को मंत्रमुग्ध कर दिया। बर्फानी समिति के संस्थापक कृष्ण गोपाल मित्तल ने बताया कि विनोद अग्रवाल फिरोजाबाद से विशेष लगाव करते थे। उन्होंने आयोजन के लिए एक भी पैसा फिरोजाबाद से नहीं लिया। जब भी फिरोजाबाद आते थे या फिर इटावा की तरफ जाते थे तो फोन करके पान मंगाते थे। ढोकला भी फिरोजाबाद का विशेष पसंद था। उनके प्रशंसक अनुग्रह गोपाल ने कहा कि आज देश ने नहीं बल्कि पूरे विश्व ने भजन सम्राट खो दिया।
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