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निगम के 20 नलकूप छोड़ गए पानी का साथ
Updated Sat, 28 Apr 2018 08:03 PM IST
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पानी का संकट
- फोटो : डैमो
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मथुरा। महानगर में नगर निगम के 20 नलकूप पानी का साथ छोड़ चुके हैं। जलस्तर गिरने से बोरिंग फेल हो गए हैं। अब नगर निगम इन नलकूप के बोरिंग को दोबारा से कराने की तैयारी कर रहा है। बोरिंग फेल होने से 30 मोहल्लों में पानी का संकट खड़ा हो गया है।
मथुरा में जलस्तर तेजी के साथ नीचे जा रहा है। महानगर में जो इलाके ऊंचाई पर बसे हैं वहां सबसे बुरा हाल है। नगर निगम ने जो नलकूपों की बोरिंग कराई थी वह 100 से 150 फुट तक की थी। लेकिन पिछले एक साल के भीतर जलस्तर 20 फुट तक नीचे चला गया है।
जिससे यह नलकूप पानी का साथ छोड़ गए हैं। 20 बोरिंग फेल हो चुके हैं। इससे गली रावलिया, गली गुजरान, महोली की पौर, कुत्ता पायसा, चौक बाजार, नगला पायसा, गजा पायसा, गांधी पार्क, घाटी बहालराय, शीतला घाटी, विभानी धर्मशाला और गोपालपुरा में पानी का संकट है। जलकल की
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इन्हीं नलकूपों को रीबोर करा कर ठीक कराने का प्रयास किया जाएगा। यदि यह ठीक नहीं होते हैं तो अलग से बोरिंग कराई जाएगी।
- मंजू गुप्ता, महाप्रबंधक
नौहझील, राया, फरह और बलदेव में बुरा हाल
मथुरा। जनपद के नौहझील, राया, फरह और बलदेव में जलस्तर काफी नीचे चला गया है। किसानों के नलकूप के बोरिंग भी फेल हो गए हैं। किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए बोरिंग गहरे कराने पड़ रहे हैं। एक बोरिंग पर ही तीस से चालीस हजार का खर्च आ रहा है। शासन ने इन सभी विकास खंड को डार्क जोन घोषित कर दिया था। लेकिन भाजपा सरकार ने डार्क जोन को खत्म करते हुए यहां नलकूप के लिए बिजली के कनेक्शन देना शुरू कर दिया है।
1700 हैंडपंप भी दे गए जवाब
मथुरा। जिले में इंडिया मार्का के 1700 हैंडपंप भी जवाब दे गए हैं। इन हैंडपंप का भी बोरिंग फेल हो चुका है। इनमें सबसे ज्यादा हैंडपंप मांट, नौहझील, गोकुल, बलदेव, राया और सौंख में खराब पड़े हैं।
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मथुरा में जलस्तर तेजी के साथ नीचे जा रहा है। महानगर में जो इलाके ऊंचाई पर बसे हैं वहां सबसे बुरा हाल है। नगर निगम ने जो नलकूपों की बोरिंग कराई थी वह 100 से 150 फुट तक की थी। लेकिन पिछले एक साल के भीतर जलस्तर 20 फुट तक नीचे चला गया है।
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जिससे यह नलकूप पानी का साथ छोड़ गए हैं। 20 बोरिंग फेल हो चुके हैं। इससे गली रावलिया, गली गुजरान, महोली की पौर, कुत्ता पायसा, चौक बाजार, नगला पायसा, गजा पायसा, गांधी पार्क, घाटी बहालराय, शीतला घाटी, विभानी धर्मशाला और गोपालपुरा में पानी का संकट है। जलकल की
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इन्हीं नलकूपों को रीबोर करा कर ठीक कराने का प्रयास किया जाएगा। यदि यह ठीक नहीं होते हैं तो अलग से बोरिंग कराई जाएगी।
- मंजू गुप्ता, महाप्रबंधक
नौहझील, राया, फरह और बलदेव में बुरा हाल
मथुरा। जनपद के नौहझील, राया, फरह और बलदेव में जलस्तर काफी नीचे चला गया है। किसानों के नलकूप के बोरिंग भी फेल हो गए हैं। किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए बोरिंग गहरे कराने पड़ रहे हैं। एक बोरिंग पर ही तीस से चालीस हजार का खर्च आ रहा है। शासन ने इन सभी विकास खंड को डार्क जोन घोषित कर दिया था। लेकिन भाजपा सरकार ने डार्क जोन को खत्म करते हुए यहां नलकूप के लिए बिजली के कनेक्शन देना शुरू कर दिया है।
1700 हैंडपंप भी दे गए जवाब
मथुरा। जिले में इंडिया मार्का के 1700 हैंडपंप भी जवाब दे गए हैं। इन हैंडपंप का भी बोरिंग फेल हो चुका है। इनमें सबसे ज्यादा हैंडपंप मांट, नौहझील, गोकुल, बलदेव, राया और सौंख में खराब पड़े हैं।