{"_id":"599855b74f1c1bd9138b4ab4","slug":"131503155639-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रतिबंध के बावजूद बन रहीं पीओपी की प्रतिमाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रतिबंध के बावजूद बन रहीं पीओपी की प्रतिमाएं
Updated Sat, 19 Aug 2017 09:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा। गणेश महोत्सव के लिए अभी से तैयारी शुरू हो गई हैं। शहर में भगवान गणेश की मूर्तियां आकार लेने लगी हैं। एनजीटी के प्रतिबंध के बावजूद प्लास्टर आफ पेरिस (पीओपी) की मूर्तियां बड़े पैमाने पर बन रही हैं।
हाईकोर्ट और एनजीटी के प्रतिबंध के बाद शहर में यमुना में प्र्रतिमा विसर्जन प्रतिबंध है। लोगों की आस्था को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष नगर निगम वैकल्पिक इंतजाम करता है। इसके तहत कैलाश मंदिर, बल्केश्वर मंदिर, हाथी घाट, दशहरा घाट पर अस्थाई कुंड बनाकर उनमें पानी भरा जाता है। इन कुंडों में ही मूर्तियों को विसर्जित किया जाता है।
नगर निगम और प्रशासन हर वर्ष मुहिम चलाता है कि पीओपी की मूूर्तियां न बने लेकिन प्रतिबंध के बावजूद पीओपी की प्रतिमाएं बनाई जाती हैं। अधिकारियों की कहना है कि मिट्टी की प्रतिमाएं तो पानी में गल जाती हैं लेकिन पीओपी और जूट से बनी प्रतिमाएं गलती नहीं हैं। इससे प्रदूषण फैलता है। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने बताया कि प्रतिमा विसर्जन में पूर्र्व की भांति प्रतिबंध लागू रहेगा। उन्होंने जनता से अपील की गणेश पंडाल या दुर्गा पंडालों में पीओपी निर्मित प्रतिमाओं की स्थापना न करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
हाईकोर्ट और एनजीटी के प्रतिबंध के बाद शहर में यमुना में प्र्रतिमा विसर्जन प्रतिबंध है। लोगों की आस्था को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष नगर निगम वैकल्पिक इंतजाम करता है। इसके तहत कैलाश मंदिर, बल्केश्वर मंदिर, हाथी घाट, दशहरा घाट पर अस्थाई कुंड बनाकर उनमें पानी भरा जाता है। इन कुंडों में ही मूर्तियों को विसर्जित किया जाता है।
विज्ञापन
नगर निगम और प्रशासन हर वर्ष मुहिम चलाता है कि पीओपी की मूूर्तियां न बने लेकिन प्रतिबंध के बावजूद पीओपी की प्रतिमाएं बनाई जाती हैं। अधिकारियों की कहना है कि मिट्टी की प्रतिमाएं तो पानी में गल जाती हैं लेकिन पीओपी और जूट से बनी प्रतिमाएं गलती नहीं हैं। इससे प्रदूषण फैलता है। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने बताया कि प्रतिमा विसर्जन में पूर्र्व की भांति प्रतिबंध लागू रहेगा। उन्होंने जनता से अपील की गणेश पंडाल या दुर्गा पंडालों में पीओपी निर्मित प्रतिमाओं की स्थापना न करें।
विज्ञापन