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फर्जी काउंसलिंग पर एसएन कालेज में अलर्ट
Updated Sun, 30 Jul 2017 09:12 AM IST
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एसएन मेडिकल कालेज
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा। मेडिकल कालेज में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होते ही एसएन मेडिकल कालेज में अलर्ट जारी कर दिया है। विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वह कक्ष को खाली न छोड़ें। संदिग्धों पर नजर रखें, इसकी तत्काल प्राचार्य कार्यालय में सूचना दें।
एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के नाम पर गैंग सक्रिय है। ये छात्रों से कोटे के तहत प्रवेश दिलाने के नाम पर मोटी रकम में सौदा तय करते हैं। इस गैंग के सदस्य संबंधित मेडिकल कालेज के किसी भी कमरे में चंद घंटे फर्जी काउंसलिंग कर रुपये ऐंठ लेते हैं। इससे बचने के लिए विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि कक्ष, सेमिनार हॉल, लेक्चर रूम में कार्य होने के बाद तत्काल ताला लगा दें।
चपरासी को आगाह करें, किसी भी अज्ञात के कहने पर इनको न खोलें। खासतौर से दोपहर बाद विशेष नजर रखी जाए। एसआइसी डा. अजय अग्रवाल ने बताया कि पूर्व में मेडिकल कालेज में फर्जी काउंसलिंग हो चुकी है, इससे बचने के लिए सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
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दो बार हो चुकी है फर्जी काउंसलिंग
एसएन कालेज में दो बार फर्जी काउंसलिंग कर छात्रों से ठगाई हो चुकी है। 2013-14 में नर्सिंग कालेज के कमरे में बाकायदा काउंसलिंग की गई। इसमें पांच अभ्यर्थियों से 40-40 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। काउंसलिंग के बाद पूरी रकम भी दे दी। फीस भरने आए तब इसका खुलासा हुआ।
मुकदमा दर्ज हुआ, इसमें एसएन के एक क्लर्क की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जांच ठंडे बस्ते में चली गई। 2014-15 में नेत्र रोग विभाग में फर्जी काउंसलिंग कर तीन छात्रों को प्रवेश दे दिया गया। यहां भी ऐसा ही हाल हुआ। इसकी जांच सीबीसीआईडी ने की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
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एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के नाम पर गैंग सक्रिय है। ये छात्रों से कोटे के तहत प्रवेश दिलाने के नाम पर मोटी रकम में सौदा तय करते हैं। इस गैंग के सदस्य संबंधित मेडिकल कालेज के किसी भी कमरे में चंद घंटे फर्जी काउंसलिंग कर रुपये ऐंठ लेते हैं। इससे बचने के लिए विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि कक्ष, सेमिनार हॉल, लेक्चर रूम में कार्य होने के बाद तत्काल ताला लगा दें।
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चपरासी को आगाह करें, किसी भी अज्ञात के कहने पर इनको न खोलें। खासतौर से दोपहर बाद विशेष नजर रखी जाए। एसआइसी डा. अजय अग्रवाल ने बताया कि पूर्व में मेडिकल कालेज में फर्जी काउंसलिंग हो चुकी है, इससे बचने के लिए सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
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दो बार हो चुकी है फर्जी काउंसलिंग
एसएन कालेज में दो बार फर्जी काउंसलिंग कर छात्रों से ठगाई हो चुकी है। 2013-14 में नर्सिंग कालेज के कमरे में बाकायदा काउंसलिंग की गई। इसमें पांच अभ्यर्थियों से 40-40 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। काउंसलिंग के बाद पूरी रकम भी दे दी। फीस भरने आए तब इसका खुलासा हुआ।
मुकदमा दर्ज हुआ, इसमें एसएन के एक क्लर्क की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जांच ठंडे बस्ते में चली गई। 2014-15 में नेत्र रोग विभाग में फर्जी काउंसलिंग कर तीन छात्रों को प्रवेश दे दिया गया। यहां भी ऐसा ही हाल हुआ। इसकी जांच सीबीसीआईडी ने की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।