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आगरा: 13 साल के टिंकू ने अपनी जान पर खेलकर बचाई पांच बच्चों की जान
Thu, 30 May 2019 04:50 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 30 May 2019 04:50 PM IST
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घटना के बाद यमुना किनारे खड़े ग्रामीण और पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के थाना पिढ़ौरा क्षेत्र में 13 वर्षीय किशोर ने बुधवार को अपनी जान पर खेलकर पांच बच्चों की जान बचाई। ये बच्चे यमुना नदी में डूब रहे थे। गांव के लोग किशोर की बहादुरी पर उसे शाबाशी दे रहे हैं। हालांकि वो एक बच्ची को नहीं बचा पाया, जिसका उसे मलाल है।
पिढ़ौरा के गांव कांकर की मढै़या से महज एक किलोमीटर की दूरी पर यमुना नदी बहती है। बुधवार को गांव के बच्चे पूजाराम (10) पुत्र प्रमोद, गौरव (7) पुत्र मुरारी, राजा बाबू (5) पुत्र हरिश्चंद्र, विनोद (8) पुत्र छदामी, सनोज (8) पुत्र चंदन सिंह, नवाब (11) पुत्र प्रेमचंद, गिरिजा (8) पुत्री रामदास बकरियां चराने के लिये घर से गए थे।
दोपहर के वक्त ये सभी बच्चे यमुना में नहाने लगे। इस दौरान बच्चे गहरे पानी में डूबने लगे। नदी के दूसरे किनारे पर गांव का 13 वर्षीय टिंकू पुत्र रामसहाय खड़ा था। उसने बच्चों को डूबता देखा तो अपनी जान की परवाह किए बगैर वो नदी में कूद गया।
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पिढ़ौरा के गांव कांकर की मढै़या से महज एक किलोमीटर की दूरी पर यमुना नदी बहती है। बुधवार को गांव के बच्चे पूजाराम (10) पुत्र प्रमोद, गौरव (7) पुत्र मुरारी, राजा बाबू (5) पुत्र हरिश्चंद्र, विनोद (8) पुत्र छदामी, सनोज (8) पुत्र चंदन सिंह, नवाब (11) पुत्र प्रेमचंद, गिरिजा (8) पुत्री रामदास बकरियां चराने के लिये घर से गए थे।
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दोपहर के वक्त ये सभी बच्चे यमुना में नहाने लगे। इस दौरान बच्चे गहरे पानी में डूबने लगे। नदी के दूसरे किनारे पर गांव का 13 वर्षीय टिंकू पुत्र रामसहाय खड़ा था। उसने बच्चों को डूबता देखा तो अपनी जान की परवाह किए बगैर वो नदी में कूद गया।
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टिंकू ने पांच बच्चों को तो निकाल लिया, लेकिन आठ साल गिरिजा नदी में डूब गई। बच्चों को निकालने के बाद उसने ग्रामीणों को सूचना दी। सूचना पर थानाध्यक्ष पिढ़ौरा ऊदल सिंह भी फोर्स के साथ पहुंचे। ग्रामीणो की मदद से पुलिस बच्ची की खोजबीन में जुटी।
देर शाम बच्ची का शव लोगों ने खोज निकला। शव देखते ही घर-परिवार के लोग बिलख पड़े। वहीं पांच बच्चों को सुरक्षित बचाने वाले टिंकू भी दुखी है। टिंकू ने बताया कि एक-एक कर पांच बच्चों को सुरक्षित निकाला, लेकिन तब तब गिरिजा डूब चुकी थी।
देर शाम बच्ची का शव लोगों ने खोज निकला। शव देखते ही घर-परिवार के लोग बिलख पड़े। वहीं पांच बच्चों को सुरक्षित बचाने वाले टिंकू भी दुखी है। टिंकू ने बताया कि एक-एक कर पांच बच्चों को सुरक्षित निकाला, लेकिन तब तब गिरिजा डूब चुकी थी।