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असुविधा के लिए खेद है, लैब बंद है
Updated Mon, 08 Oct 2018 08:08 PM IST
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मथुरा। महिला जिला अस्पताल की लैब बंद हो गई है। खून और पेशाब से संबंधित कोई भी जांच फिलहाल यहां हो नहीं पा रही है। जांच के लिए जिन केमिकल की जरूरत होती है उसकी सप्लाई कंपनी ने बंद कर दी है। पुराना पेमेंट न हो पाने के कारण कंपनी ने केमिकल व अन्य पदार्थों की आपूर्ति करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। इलाज कराने आने वाली महिलाओं को निजी पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ रहा है।
महिला जिला अस्पताल की लैब में हीमोग्लोबिन, शुगर, ब्लड ग्रुप के साथ ही खून से संबधित तमाम जांचें नहीं हो पा रही हैं। जांच के लिए महिलाएं प्राइवेट लैब का सहारा ले रही हैं। अगर कोई इमरजेंसी होती है तो उस स्थिति में जिला अस्पताल की प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिया जाता है। लेकिन वहां इतनी लंबी लाइन होती है कि नंबर आ पाना संभव ही नहीं हो पाता।
बताया जाता है कि महिला चिकित्सालय में अस्पताल प्रशासन द्वारा दवाओं और अन्य सामानों का भुगतान सप्लाई करने वाली फर्म को नहीं हो पाया है कि जिससे उसने केमिकल व अन्य पदार्थों की सप्लाई अस्पताल को भेजनी बंद कर दी है। अस्पताल की महिला चिकित्सक स्वयं यहां आने वाली महिलाओं को जांच कराने के लिए निजी पैथोलॉजी भेज रही हैं।
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सीएमएस डॉ. बसंत लाल ने बताया कि डीसीएम यूनिट से बजट ट्रांसफर न होने के कारण दवा व अन्य सामान प्रदान करने वाली कंपनी का भुगतान नहीं हो सका है। इसलिए आगे सामान की पूर्ति नहीं हो पा रही है। इस संबंध में सीएमओ को भी अवगत करा दिया गया है।
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महिला जिला अस्पताल की लैब में हीमोग्लोबिन, शुगर, ब्लड ग्रुप के साथ ही खून से संबधित तमाम जांचें नहीं हो पा रही हैं। जांच के लिए महिलाएं प्राइवेट लैब का सहारा ले रही हैं। अगर कोई इमरजेंसी होती है तो उस स्थिति में जिला अस्पताल की प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिया जाता है। लेकिन वहां इतनी लंबी लाइन होती है कि नंबर आ पाना संभव ही नहीं हो पाता।
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बताया जाता है कि महिला चिकित्सालय में अस्पताल प्रशासन द्वारा दवाओं और अन्य सामानों का भुगतान सप्लाई करने वाली फर्म को नहीं हो पाया है कि जिससे उसने केमिकल व अन्य पदार्थों की सप्लाई अस्पताल को भेजनी बंद कर दी है। अस्पताल की महिला चिकित्सक स्वयं यहां आने वाली महिलाओं को जांच कराने के लिए निजी पैथोलॉजी भेज रही हैं।
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सीएमएस डॉ. बसंत लाल ने बताया कि डीसीएम यूनिट से बजट ट्रांसफर न होने के कारण दवा व अन्य सामान प्रदान करने वाली कंपनी का भुगतान नहीं हो सका है। इसलिए आगे सामान की पूर्ति नहीं हो पा रही है। इस संबंध में सीएमओ को भी अवगत करा दिया गया है।