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बारिश के इंतजार में अब पीली पड़ रही धान की पौध
Updated Wed, 18 Jul 2018 11:39 PM IST
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बिलासपुर में खेत में खड़ी धान की फसल।
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज। जिले में अच्छी बारिश न होने से धान की खेती प्रभावित हो रही है। रोपाई के लिए तैयार की गई पौध पीली पढ़ने लगी है। परेवट न होने से खेत खाली पड़े हैं जिससे किसान काफी चिंतित है। किसानों को धान की खेती की चिंता सता रही है।
जिले में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। आम तौर पर इस फसल की बुवाई जून के आखिर तक हो जाती है। जनपद में 14719 हेक्टेयर में धान की फसल उगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। धान की फसल के लिए पानी की अधिक आवश्यकता होती है। जब तक खेत पानी से भर नहीं जाते तब तक पौध की रोपाई नहीं हो पाती। किसान ने फसल के लिए बाजार से बीज खरीद कर पौध तो तैयार कर ली, लेकिन मौसम की बेरुखी से किसान की हिम्मत जवाब दे रही है। बारिश न हो पाने से किसान खेत की परेवट नहीं कर पा रहा। कुछ साधन संपन्न किसानों ने ही नलकूप से खेतों में पानी भरकर अपनी पौध लगा ली। जिले का अधिकांश किसान खेती के लिए बारिश पर निर्भर रहता है। जिले में अभी तक बारिश की स्थिति काफी खराब रही है। बीच-बीच में थोड़ी बहुत बारिश हुई भी है तो उससे खेत नहीं भरे। इससे किसान धान की पौध की रोपाई नहीं कर पा रहा। धान की पौध पीली तक पड़ने लगी है। किसान राम प्रसाद का कहना है कि जिले में अभी तक इतनी बारिश नहीं हुई कि धान की पौध लगाई जा सके। पौध पीली पड़ने लगी है। यदि जल्द ही बारिश नहीं हुई तो पौध भी खराब हो जाएगी। किसान धर्मपाल का कहना है कि धान की फसल के लिए अधिक पानी की आवश्यकता होती है। बीच-बीच में जो बारिश हुई है उससे पौध की रोपाई नहीं हो सकती।
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जिले में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। आम तौर पर इस फसल की बुवाई जून के आखिर तक हो जाती है। जनपद में 14719 हेक्टेयर में धान की फसल उगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। धान की फसल के लिए पानी की अधिक आवश्यकता होती है। जब तक खेत पानी से भर नहीं जाते तब तक पौध की रोपाई नहीं हो पाती। किसान ने फसल के लिए बाजार से बीज खरीद कर पौध तो तैयार कर ली, लेकिन मौसम की बेरुखी से किसान की हिम्मत जवाब दे रही है। बारिश न हो पाने से किसान खेत की परेवट नहीं कर पा रहा। कुछ साधन संपन्न किसानों ने ही नलकूप से खेतों में पानी भरकर अपनी पौध लगा ली। जिले का अधिकांश किसान खेती के लिए बारिश पर निर्भर रहता है। जिले में अभी तक बारिश की स्थिति काफी खराब रही है। बीच-बीच में थोड़ी बहुत बारिश हुई भी है तो उससे खेत नहीं भरे। इससे किसान धान की पौध की रोपाई नहीं कर पा रहा। धान की पौध पीली तक पड़ने लगी है। किसान राम प्रसाद का कहना है कि जिले में अभी तक इतनी बारिश नहीं हुई कि धान की पौध लगाई जा सके। पौध पीली पड़ने लगी है। यदि जल्द ही बारिश नहीं हुई तो पौध भी खराब हो जाएगी। किसान धर्मपाल का कहना है कि धान की फसल के लिए अधिक पानी की आवश्यकता होती है। बीच-बीच में जो बारिश हुई है उससे पौध की रोपाई नहीं हो सकती।
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