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बुजुर्ग पर जानलेवा हमले के आरोपियों को पांच-पांच वर्ष का कारावास
Updated Sat, 26 May 2018 11:56 PM IST
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फिरोजाबाद। थाना नारखी क्षेत्र में दस वर्ष पूर्व बाइक सवार वृद्ध पर हुए जानलेवा हमले के तीन आरोपियों को न्यायालय ने दोषी मानते हुए पांच-पांच वर्ष के कारावास एवं पांच-पांच हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
थाना नारखी क्षेत्र के निवासी सुनील कुमार ने एक अप्रैल 2008 को अभियोग दर्ज कराया कि अपने पिता जगदीश नाई को बाइक पर बैठाकर पिल्खतर जा रहा था। रास्ते में कुबेर गढ़ी निवासी धीरेंद्र सिंह, कुंवरपाल व राजू पुत्र कल्लू वाल्मीकि व कल्लू वाल्मीकि पुत्र दीवाल ने पिता के सिर पर किसी भारी वस्तु से प्रहार किया। बाइक से गिरने के बाद ही उनके साथ लाठी, डंडे से मारपीट की। इस मामले की विवेचना करने के साथ फाइनल रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की।
14 जुलाई 2008 के द्वारा विचारण हेतु सत्र न्यायालय के सुपुर्द किया गया। अपर जिला जज पंचम संजीव कुमार सिंह ने साक्ष्यों एवं गवाहों के बयान सुनने के साथ ही आरोपों की जानकारी दी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार चंचल ने हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट की कई दलीलों को रखते हुए आरोपियों के सख्त सजा की पैरवी की। न्यायाधीश संजीव कुमार सिंह ने आरोपी धीरेंद्र सिंह, कुंवरपाल सिंह एवं राजू को दोषी मानते हुए तीनों को पांच-पांच वर्ष का कारावास की सजा सुनाई। तीनों पर पांच-पांच हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं कराने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास की ही सजा भोगनी होगी।
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थाना नारखी क्षेत्र के निवासी सुनील कुमार ने एक अप्रैल 2008 को अभियोग दर्ज कराया कि अपने पिता जगदीश नाई को बाइक पर बैठाकर पिल्खतर जा रहा था। रास्ते में कुबेर गढ़ी निवासी धीरेंद्र सिंह, कुंवरपाल व राजू पुत्र कल्लू वाल्मीकि व कल्लू वाल्मीकि पुत्र दीवाल ने पिता के सिर पर किसी भारी वस्तु से प्रहार किया। बाइक से गिरने के बाद ही उनके साथ लाठी, डंडे से मारपीट की। इस मामले की विवेचना करने के साथ फाइनल रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की।
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14 जुलाई 2008 के द्वारा विचारण हेतु सत्र न्यायालय के सुपुर्द किया गया। अपर जिला जज पंचम संजीव कुमार सिंह ने साक्ष्यों एवं गवाहों के बयान सुनने के साथ ही आरोपों की जानकारी दी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार चंचल ने हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट की कई दलीलों को रखते हुए आरोपियों के सख्त सजा की पैरवी की। न्यायाधीश संजीव कुमार सिंह ने आरोपी धीरेंद्र सिंह, कुंवरपाल सिंह एवं राजू को दोषी मानते हुए तीनों को पांच-पांच वर्ष का कारावास की सजा सुनाई। तीनों पर पांच-पांच हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं कराने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास की ही सजा भोगनी होगी।
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