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प्रदूषण मुक्त करने को हरिपदी में छोड़े जाएंगे कछुए
Updated Fri, 25 May 2018 11:10 PM IST
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चौबीसों घंटे नालों से गिरते मल-जल से हालात भयावह
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज। दशहरा के अवसर पर गंगा हरितिमा अभियान के अंतर्गत हरिपदी, सोरों पर कासगंज वन प्रभाग व गंगा आरती समिति के साथ अलीगढ़ मंडल के वन संरक्षक बी प्रभाकर ने विशेष रूप से गंगा आरती में भाग लिया। उन्होंने लोगों से गंगा हरितिमा अभियान के बारे में बताया और उनसे विचार विमर्श किया। हरिपदी गंगाघाट, सोरों की सफाई कार्यों का निरीक्षण किया।
हरिपदी में काई के कारण हो रहे प्रदूषण पर उन्होंने चिंता व्यक्त की तथा कासगंज वन प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी दिवाकर वशिष्ठ व क्षेत्रीय वन अधिकारी अशोक कुमार शाक्य, संतोष मिश्र अध्यक्ष श्रीगंगा जी आरती समिति, अशोक कुमार तिवारी व कुलदीप तिवारी साथ विचार विमर्श कर यह निर्णय लिया गया कि हरिपदी के घाटों पर शाकाहारी कछुआ छोड़े जाएं। जिससे हरिपदी की जमी हुई काई को भोजन बनाकर हरिपदी की सफाई करेंगे। इससे हरिपदी का जल प्राकृतिक रूप से स्वच्छ व निर्मल हो जाएगा। वन संरक्षक वन्य जीव लखनऊ एपी सिन्हा ने आश्वासन दिया कि एक माह के अंदर कछुआ प्रजनन केंद्रों से संपर्क कर कछुओं को एकत्रित करायेंगे तथा हरिपदी में इनको छोड़ेने की व्यवस्था करेंगे। वन संरक्षक ने कहा कि 22 जून आयोजित होने वाले गंगा दशहरा उत्सव के अवसर पर कछुओं को हरिपदी गंगा जी में छोड़ा जाएगा। श्रीगंगा सभा सोरों के अध्यक्ष कैलाशचंद्र कटारे ने वन संरक्षक अलीगढ़ के फैसले का स्वागत किया।
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हरिपदी में काई के कारण हो रहे प्रदूषण पर उन्होंने चिंता व्यक्त की तथा कासगंज वन प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी दिवाकर वशिष्ठ व क्षेत्रीय वन अधिकारी अशोक कुमार शाक्य, संतोष मिश्र अध्यक्ष श्रीगंगा जी आरती समिति, अशोक कुमार तिवारी व कुलदीप तिवारी साथ विचार विमर्श कर यह निर्णय लिया गया कि हरिपदी के घाटों पर शाकाहारी कछुआ छोड़े जाएं। जिससे हरिपदी की जमी हुई काई को भोजन बनाकर हरिपदी की सफाई करेंगे। इससे हरिपदी का जल प्राकृतिक रूप से स्वच्छ व निर्मल हो जाएगा। वन संरक्षक वन्य जीव लखनऊ एपी सिन्हा ने आश्वासन दिया कि एक माह के अंदर कछुआ प्रजनन केंद्रों से संपर्क कर कछुओं को एकत्रित करायेंगे तथा हरिपदी में इनको छोड़ेने की व्यवस्था करेंगे। वन संरक्षक ने कहा कि 22 जून आयोजित होने वाले गंगा दशहरा उत्सव के अवसर पर कछुओं को हरिपदी गंगा जी में छोड़ा जाएगा। श्रीगंगा सभा सोरों के अध्यक्ष कैलाशचंद्र कटारे ने वन संरक्षक अलीगढ़ के फैसले का स्वागत किया।
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