{"_id":"5aec86d74f1c1b46098b7fe0","slug":"121525450455-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सब्जी का राजा हुआ महंगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सब्जी का राजा हुआ महंगा
Updated Fri, 04 May 2018 11:23 PM IST
विज्ञापन
potato
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कासगंज।
सब्जियों के राजा आलू ने अभी से अपनी अकड़ दिखाना शुरू कर दी है। आलू की कीमतें आसमान पर पहुंचने लगी है। भाव बढ़कर 24 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं, जिससे लोगों की चिंताएं बढ़ी हुई है। लोगों को कीमतें और बढ़ने का डर सताने लगा है।
इस बार फसल अच्छी न होने से आलू का उत्पादन काफी घट गया। हालत ये है कि अभी तक कोल्ड स्टोर तक नहीं भरे जा सके। किसान ने मार्च माह में अपना आलू या तो कोल्ड स्टोर में लगा दिया या फिर कारोबारियों को बेच दिया। किसान का आलू अधिकतम 10 रुपये किलो के भाव में थोक में बिका। उस समय फुटकर में आलू की कीमतें 8 रुपये से 12 रुपये किलो तक रही।
वर्ष 2016 में भी कम उत्पादन के चलते आलू की कीमतों में उछाल आया था, लेकिन यह उछाल सितंबर माह में आया। उस समय आलू की कीमतें अधिकतम 22 रुपये किलो तक पहुंची। जबकि इस साल अभी से आलू 24 रुपये किलो के भाव तक पहुंच गया है। बाजार में जीएम आलू 24 रुपये किलो है, जबकि अन्य वैरायटी का आलू, 18 व 20 रुपये किलो तक बिक रहा है। जबकि आलू की फसल की नई फसल आने में अभी छह माह का समय है। कोल्ड स्टोर में भी पर्याप्त भंडारण नहीं है, ऐसी स्थिति में आलू की कीमतों में और इजाफा होने के कयास भी लगाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
-ग्रहणी राजरानी का कहना है कि आलू की कीमतें इतनी अधिक कभी नहीं हुई। कीमतें अधिक होने से इसका असर बजट पर पड़ रहा है।
-आलू का उत्पादन कम होने से ही आलू की कीमतों में इजाफा हुआ है। कोल्ड स्टोर में भी पर्याप्त भंडार नहीं है। किसान के पास भी आलू का स्टॉक समाप्त हो गया है, जिससे आने वाले समय में कीमतें और भी बढ़ेंगी। नन्हे आलू कारोबारी
सब्जियों के राजा आलू ने अभी से अपनी अकड़ दिखाना शुरू कर दी है। आलू की कीमतें आसमान पर पहुंचने लगी है। भाव बढ़कर 24 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं, जिससे लोगों की चिंताएं बढ़ी हुई है। लोगों को कीमतें और बढ़ने का डर सताने लगा है।
इस बार फसल अच्छी न होने से आलू का उत्पादन काफी घट गया। हालत ये है कि अभी तक कोल्ड स्टोर तक नहीं भरे जा सके। किसान ने मार्च माह में अपना आलू या तो कोल्ड स्टोर में लगा दिया या फिर कारोबारियों को बेच दिया। किसान का आलू अधिकतम 10 रुपये किलो के भाव में थोक में बिका। उस समय फुटकर में आलू की कीमतें 8 रुपये से 12 रुपये किलो तक रही।
विज्ञापन
वर्ष 2016 में भी कम उत्पादन के चलते आलू की कीमतों में उछाल आया था, लेकिन यह उछाल सितंबर माह में आया। उस समय आलू की कीमतें अधिकतम 22 रुपये किलो तक पहुंची। जबकि इस साल अभी से आलू 24 रुपये किलो के भाव तक पहुंच गया है। बाजार में जीएम आलू 24 रुपये किलो है, जबकि अन्य वैरायटी का आलू, 18 व 20 रुपये किलो तक बिक रहा है। जबकि आलू की फसल की नई फसल आने में अभी छह माह का समय है। कोल्ड स्टोर में भी पर्याप्त भंडारण नहीं है, ऐसी स्थिति में आलू की कीमतों में और इजाफा होने के कयास भी लगाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
-ग्रहणी राजरानी का कहना है कि आलू की कीमतें इतनी अधिक कभी नहीं हुई। कीमतें अधिक होने से इसका असर बजट पर पड़ रहा है।
-आलू का उत्पादन कम होने से ही आलू की कीमतों में इजाफा हुआ है। कोल्ड स्टोर में भी पर्याप्त भंडार नहीं है। किसान के पास भी आलू का स्टॉक समाप्त हो गया है, जिससे आने वाले समय में कीमतें और भी बढ़ेंगी। नन्हे आलू कारोबारी