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भगवान से संबंध टूटने पर घेर लेते हैं दुख और चिंता
Updated Fri, 20 Apr 2018 11:20 PM IST
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कुसमरा। आज के युग में प्रत्येक प्राणी किसी न किसी दुख में फंसा हुआ है, जिसका सीधा कारण उसका परमात्मा से संपर्क टूटना है। ऐसे आप जब तक मोबाइल के टावर के रेंज में रहते हैं तब तक आपकी बातचीत होती रहती है। वैसी ही स्थिति हमारी भी है। भगवान से संबंध टूटते ही मनुष्य दुख और चिंता से घिर जाता है। यह प्रवचन आचार्य अखिलेश द्विवेदी ने दिए।
अहिमलपुर के श्रीकृष्ण कुंज पंचवटी आश्रम पर श्रीराम कथा के तीसरे दिन शुक्रवार को आचार्य ने कहा कि हम जब तक परमात्मा और प्रकृति से जुड़े रहते हैं, जब तक हम स्वस्थ और प्रसन्न बने रहते हैं। ज्यों ही हमारा संबंध परमात्मा और प्रकृति से टूटता है, हम अंधकार में चले जाते हैं। हमारा जीवन चिंताग्रस्त और दुखपूर्ण हो जाता है।
सत्संग में शिवशंकर पांडेय, हरिशंकर पांडेय, प्रेमशंकर शुक्ला, रामप्रकाश तिवारी, विपिन पांडेय, चंद्रप्रकाश मिश्रा, ब्रजलाल शाक्य, सुंदरलाल शुक्ला, रविप्रकाश शास्त्री, शिवानंद दुबेे, कृपाशंकर पांडेय, प्रमोद तिवारी, सुनील दुबे रहे।
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अहिमलपुर के श्रीकृष्ण कुंज पंचवटी आश्रम पर श्रीराम कथा के तीसरे दिन शुक्रवार को आचार्य ने कहा कि हम जब तक परमात्मा और प्रकृति से जुड़े रहते हैं, जब तक हम स्वस्थ और प्रसन्न बने रहते हैं। ज्यों ही हमारा संबंध परमात्मा और प्रकृति से टूटता है, हम अंधकार में चले जाते हैं। हमारा जीवन चिंताग्रस्त और दुखपूर्ण हो जाता है।
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सत्संग में शिवशंकर पांडेय, हरिशंकर पांडेय, प्रेमशंकर शुक्ला, रामप्रकाश तिवारी, विपिन पांडेय, चंद्रप्रकाश मिश्रा, ब्रजलाल शाक्य, सुंदरलाल शुक्ला, रविप्रकाश शास्त्री, शिवानंद दुबेे, कृपाशंकर पांडेय, प्रमोद तिवारी, सुनील दुबे रहे।
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