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बोल-बोलकर कराई जा रही थी नकल

Thu, 15 Mar 2018 11:06 PM IST
Updated Thu, 15 Mar 2018 11:06 PM IST
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बोल-बोलकर कराई जा रही थी नकल
बोल बोलकर कराई जा रही थी नकल - फोटो : अमर उजाला
एटा। दीनबंधु दीनानाथ महाविद्यालय में बोल-बोलकर नकल कराई जा रही थी। प्रशासन की कार्रवाई के बाद जिले में नकल विहीन विश्वविद्यालय की परीक्षाओं की पोल खुल गई है। ग्रामीण अंचल के अधिकांश परीक्षा केंद्र पर ऐसा ही हाल है।
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विश्वविद्यालय एवं जिला प्रशासन के दावों के बाद भी जिले में नकल विहीन परीक्षाएं नहीं हो पा रहीं। सूत्रों की मानें तो प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पकड़े गए कक्ष निरीक्षकों ने इस बात को स्वीकार किया है कि वह लोग बोल बोलकर नकल करा रहे थे।
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बताते चले कि नकल के लिए जिला पहले से ही कुख्यात है। नकल माफियाओं के आगे महाविद्यालय संचालक ही नहीं प्रशासनिक व्यवस्थाएं भी बौनी साबित हो रही हैं। कहने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है, मगर दीनबंधु दीनानाथ के एक-दो कक्षों में कैमरे तो लगे लेकिन वे भी बंद मिले। इसकी जांच एसडीएम बृजेश कुमार ने कराई।
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सूत्रों की मानें तो अकेले दीनबंधु दीनानाथ महाविद्यालय ही नहीं बल्कि ग्रामीण अंचल के दर्जनों परीक्षा केंद्रों पर बोल बोलकर नकल कराई जा रही है। यह काम केंद्रों पर लगाए गए कक्ष निरीक्षक ही करा रहे हैं। नोडल अधिकारियों के निरीक्षण के बाद मिल रही अनियमितताएं सामूहिक नकल की ओर इशारा कर रही हैं।

बुधवार को जनता इंटर कालेज परसौंन के नोडल अधिकारी डॉ विजय सिंह यादव ने अधिकांश केंद्रों पर अव्यवस्थाओं की बात कही। एक केंद्र पर सीसीटीवी न होने एवं एक पर बंद होने की बात कही। पुलिस प्रशासन की व्यवस्थाओं पर निराशा जताते हुए बताया कि किसी भी केंद्र पर फोर्स तो दूर होमगार्ड भी नहीं था। डॉ यादव ने विश्वविद्यालय प्रशासन को भेजी लिखित शिकायत में अव्यवस्थाओं व अनियमितताओं की बात कही है। जिले में संचालित 107 महाविद्यालयों के लिए चार नोडल एवं 64 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।


नहीं आया बाहरी सचल दल
आठ दिनों की परीक्षा के बाद भी केंद्रों पर विश्वविद्यालय, जिला प्रशासन एवं शिक्षा अधिकारियों का कोई सचल दल नहीं पहुंचा। इसके चलते भी नकल माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। बताते चलें कि गत वर्ष संपन्न विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में तत्कालीन जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने डीआईओएस, डायट प्राचार्य सहित छह बाहरी सचल दल गठित कर परीक्षाओं की जिम्मेदारी सौंपी थी।


किसी भी केंद्र पर नहीं पहुंच रही पुलिस
परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों की शिकायत है कि सूचना के बाद भी केंद्रों पर पुलिस नहीं पहुंच रही। ऐसे में उन्हें बाहरी व्यवस्थाएं बनाने में परेशानी हो रही है। इसकी पुष्टि नोडल अधिकारियों के औचक निरीक्षण में भी हुई है। नोडल अधिकारियों ने इसकी लिखित शिकायत विश्वविद्यालय प्रशासन को भी की है।


नोडल अधिकारी नहीं जानते प्राचार्य का नाम
नोडल अधिकारियों का आरोप है कि परीक्षा केंद्र वांछित सूचनाएं नहीं दे रहे। इतना ही हनीं अभी तक इन लोगों ने प्राचार्य के नाम व मोबाइल नंबर नहीं दिए हैं। नोडल अधिकारी डॉ विजय सिंह यादव के अनुसार उन्हें केंद्र व्यवस्थापक के नाम व नंबर नहीं पता।



चंद्रास्वामी व जय बजरंग केंद्र पर छापा
एसडीएम सीओ टीम ने शाम की पाली में चंद्रा स्वामी एवं जय बजरंग डिग्री कालेज केंद्रों पर भी छापा मारा। यहां पहुंचे अधिकारियों ने देखा कि परीक्षा के दो घंटे बाद भी अधिकांश परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं कोरी थीं। कुछ ने एक दो प्रश्न ही हल किए थे। कापी बदलने की आशंका के बाद एसडीएम सदर ब्रजेश कुमार सिंह ने दोनों केंद्रों पर टीम को तैनात कर दिया। इतना ही नहीं परीक्षा समाप्त होने के बाद इनके सामने ही कापियां सील भी कराई गईं।
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