{"_id":"5babc3a8867a5501363bde85","slug":"11537983400-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में हर महीने तीन लोग करते हैं आत्महत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में हर महीने तीन लोग करते हैं आत्महत्या
Updated Wed, 26 Sep 2018 11:06 PM IST
विज्ञापन
जिले में हर महीने तीन लोग करते हैं आत्महत्या
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। जिले के लोग परिवार में छोटी-छोटी बातों पर होने वाली क्लेश को बर्दास्त नहीं कर पा रहे। नतीजतन वे आत्महत्या जैसा घातक रास्ता अपनाने में जरा भी नहीं हिचकतें। प्रत्येक माह 12 लोग आत्महत्या करने का रास्ता अपनाते हैं जिनमें तीन लोगों की तो जान ही चली जाती है। जिन लोगों को उनके परिवारीजन समय से अस्पताल ले जाते हैं उनकी जान भी बच जाती है।
जिले में इस साल में अब तक 105 लोगों ने अपनी जान देने की कोशिश की। जान देने के इन मामलों में वजह अधिक बड़ी नहीं रही। अधिकांश मामलों में परिवार के छोटे मोटे झगडे़ आत्महत्या का रास्ता चुनने की वजह बने। जान देने के लिए लोगों ने जहर खाने, फांसी लगाने, आग लगाने आदि रास्ते अपनाए। जिन लोगों ने अपनी जान देने की कोशिश की उनमें से 28 लोगों को जान चली गई। जबकि जिन लोगों को परिजन समय से अस्पताल ले गए उनमें से 77 लोग बच गए हैं।
30 जनवरी को गंजडुंडवारा में मां के डांटने पर 11 वर्षीय बालिका ने मौत का रास्त चुन लिया।
16 अप्रैल को गंजडुंडवारा के एक स्कूल के चौकीदार ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
21 अप्रैल को पटियाली के नवाबगंज में पति से विवाद होने पर महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
30 अप्रैल को पटियाली में परिवार में क्लेश होने पर एक वृद्ध फांसी पर झूल गया।
10 मई को पत्नी से झगड़ा होने पर सहावर क्षेत्र में एक युवक ने फांसी लगाकर अपनी जान गंवा दी।
26 जून को सिढ़पुरा में परिवार के शादी के लिए राजी न होने पर प्रेमी युगल ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
लोगों में सहनशक्ति की कमी आती जा रही है जिससे वे घर परिवार में होने वाले छोटे से झगड़े को भी बर्दास्त नहीं कर पाते और आत्महत्या जैसा घातक कदम उठा लेते हैैं। पवित्र मोहन त्रिपाठी अपर पुलिस अधीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में इस साल में अब तक 105 लोगों ने अपनी जान देने की कोशिश की। जान देने के इन मामलों में वजह अधिक बड़ी नहीं रही। अधिकांश मामलों में परिवार के छोटे मोटे झगडे़ आत्महत्या का रास्ता चुनने की वजह बने। जान देने के लिए लोगों ने जहर खाने, फांसी लगाने, आग लगाने आदि रास्ते अपनाए। जिन लोगों ने अपनी जान देने की कोशिश की उनमें से 28 लोगों को जान चली गई। जबकि जिन लोगों को परिजन समय से अस्पताल ले गए उनमें से 77 लोग बच गए हैं।
विज्ञापन
30 जनवरी को गंजडुंडवारा में मां के डांटने पर 11 वर्षीय बालिका ने मौत का रास्त चुन लिया।
16 अप्रैल को गंजडुंडवारा के एक स्कूल के चौकीदार ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
21 अप्रैल को पटियाली के नवाबगंज में पति से विवाद होने पर महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
30 अप्रैल को पटियाली में परिवार में क्लेश होने पर एक वृद्ध फांसी पर झूल गया।
10 मई को पत्नी से झगड़ा होने पर सहावर क्षेत्र में एक युवक ने फांसी लगाकर अपनी जान गंवा दी।
26 जून को सिढ़पुरा में परिवार के शादी के लिए राजी न होने पर प्रेमी युगल ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
लोगों में सहनशक्ति की कमी आती जा रही है जिससे वे घर परिवार में होने वाले छोटे से झगड़े को भी बर्दास्त नहीं कर पाते और आत्महत्या जैसा घातक कदम उठा लेते हैैं। पवित्र मोहन त्रिपाठी अपर पुलिस अधीक्षक
विज्ञापन