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शंकराचार्य के शिष्य के साथ पुलिस ने की मारपीट
Updated Wed, 22 Aug 2018 10:24 PM IST
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वृंदावन (मथुरा)। द्वारका शारदा एवं ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य और आश्रम व्यवस्थापक के साथ पुलिस ने मारपीट कर दी। विवाद गाड़ी के शहर में प्रवेश को लेकर हुआ। सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा जारी पास को पुलिसकर्मियों ने फेंक दिया और पीटते हुए कोतवाली ले आए। संत समाज ने दोषी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग की।
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य आश्रम के व्यवस्थापक कुलदीप ब्रह्मचारी और दीपक बुधवार की शाम 8:30 बजे बोलेरो गाड़ी द्वारा मथुरा से वृंदावन आ रहे थे। उन्होंने गाड़ी को परिक्रमा मार्ग में ही मोड़ा था तभी वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। यहां कुलदीप ने सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किया गया वाहन पास भी दिखाया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने पास को फेंक दिया। इसे लेकर दोनों में पहले बहस हुई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने कुलदीप के साथ मारपीट शुरू कर दी। मोबाइल छीनकर तोड़ दिया।
कुलदीप का आरोप है कि जब उन्होंने शंकराचार्य जी का परिचय दिया तो पुलिसकर्मियों ने भला बुरा कहा। बचाव को आए दीपक के साथ भी मारपीट की। इसके बाद कुलदीप को पीटते हुए कोतवाली ले आए। यहां भी मारपीट की गई, कपड़े फाड़ दिए। दीपक की सूचना पर श्रीमहंत सहजानंद ब्रह्मचारी, तीताराम शरण ब्रह्मचारी आदि संत कोतवाली पहुंच गए। संतों ने इस मामले की शिकायत प्रदेश के पुलिस अधिकारियों से भी की है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि जांच कराई जा रही है और जो भी दोषी पुलिसकर्मियों होंगे उनके खिलाफ अधिकारियों को बताया जाएगा। कार्रवाई अधिकारियों को करनी है।
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जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य आश्रम के व्यवस्थापक कुलदीप ब्रह्मचारी और दीपक बुधवार की शाम 8:30 बजे बोलेरो गाड़ी द्वारा मथुरा से वृंदावन आ रहे थे। उन्होंने गाड़ी को परिक्रमा मार्ग में ही मोड़ा था तभी वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। यहां कुलदीप ने सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किया गया वाहन पास भी दिखाया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने पास को फेंक दिया। इसे लेकर दोनों में पहले बहस हुई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने कुलदीप के साथ मारपीट शुरू कर दी। मोबाइल छीनकर तोड़ दिया।
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कुलदीप का आरोप है कि जब उन्होंने शंकराचार्य जी का परिचय दिया तो पुलिसकर्मियों ने भला बुरा कहा। बचाव को आए दीपक के साथ भी मारपीट की। इसके बाद कुलदीप को पीटते हुए कोतवाली ले आए। यहां भी मारपीट की गई, कपड़े फाड़ दिए। दीपक की सूचना पर श्रीमहंत सहजानंद ब्रह्मचारी, तीताराम शरण ब्रह्मचारी आदि संत कोतवाली पहुंच गए। संतों ने इस मामले की शिकायत प्रदेश के पुलिस अधिकारियों से भी की है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि जांच कराई जा रही है और जो भी दोषी पुलिसकर्मियों होंगे उनके खिलाफ अधिकारियों को बताया जाएगा। कार्रवाई अधिकारियों को करनी है।
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