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कागजों में बनाए जा रहे शौचालय

Sun, 19 Aug 2018 11:05 PM IST
Updated Sun, 19 Aug 2018 11:05 PM IST
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कागजों में बनाए जा रहे शौचालय

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एटा। जिले में स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रशासन बड़ा खेल कर रहा है। शौचालयों का निर्माण कराए बिना ही एमआइएस फीडिंग चल रही है। कागजों में शौचालय का निर्माण कराकर जिले को ओडीएफ घोषित करने का खेल रचा गया है। ऐसे में स्वच्छ भारत मिशन की धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं। दरअसल, जिले को 30 सितंबर तक खुले में शौच मुक्त किया जाना है, लेकिन शौचालयों के निर्माण की रफ्तार बेहद सुस्त है। जिले में अब ढाई लाख शौचालयों के सापेक्ष महज एक लाख 80 हजार शौचालय ही बन सके हैं। ऐसे में लक्ष्य को पूरा दिखाने के लिए विभाग ने नया खेल रचा है। आंकड़ों और कागजों में शौचालयों का निर्माण कराकर जिले को ओडीएफ किया जा रहा है। पढ़िए रिपोर्ट...

एमआईएस कराकर ओडीएफ होगा जिला
स्वच्छ भारत मिशन के मानकों के मुताबिक किसी भी शौचालय का निर्माण शुरू होने के बाद अनुदान देने पर लाभार्थी की एमआईएस फीडिंग कराई जाती है, लेकिन जिले में केवल एमआईएस की फीडिंग हो रही है। जबकि जमीन पर शौचालय बने ही नहीं हैं।
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फीडिंग को पूरा करने पर जोर
प्रशासन 30 सितंबर तक एमआईएस को 100 फीसदी पूरा कराकर जिले को ओडीएफ घोषित करने की तैयारी मेें है। इसके लिए दिन-रात फीडिंग का काम चल रहा है। जबकि तमाम लाभार्थियों को अब तक पहली किस्त ही नहीं मिली है।
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ग्राम पंचायतों से मांगी गई सूची
एमआईएस फीडिंग में भी खेल हो रहा है। हर ग्राम पंचायत सचिव से ग्राम पंचायत के साथ उसमें बनने वाले शौचालयों की नाम सहित सूची मांग ली गई है। इनको कागजों में दिखाकर फीड किया जा रहा है। इसके लिए ग्राम पंचायत सचिवों पर दबाव बनाया जा रहा है।


खातों में नहीं पहुंची धनराशि
एक ओर ओडीएफ की एमआईएस फीडिंग पूरी की जा रही हैं। वहीं दूसरी ओर ग्राम निधि छह खाता खाली पड़ा है। शासन से मिले 20 करोड़ और 35 करोड़ रुपये अब तक ग्राम पंचायतों में पहुंची ही नहीं है। ऐसे में स्वच्छ भारत मिशन की धज्जियां उड़ रही हैं।


493 गांवों को करना है ओडीएफ
जिले के 853 गांवों में से 360 गांव ओडीएफ होने का दावा किया जा रहा है। इनमें तमाम गांव ऐसे हैं, जहां काम पूरा ही नहीं हो सका है। साथ ही 493 गांवों को डेढ़ महीने में विभाग को ओडीएफ करना है।


एक फोटो से 10 एमआईएस
एमआईएस फीडिंग के साथ फोटो अपलोडिंग में खेल हो रहा है। एक शौचालय फोटो को अलग-अलग तरीके से खींचकर 10 एमआईएस के साथ अपलोड किया जाता है। साथ ही उसे सत्यापित भी किया जा रहा है।



शौचालयों के निर्माण के साथ ही एमआईएस फीडिंग कराई जा रही है। लक्ष्य को पूरा करने के लिए पूरा प्रशासन लगा है। टीमें फील्ड में दौड़ रही हैं। कोई भी गलत एमआईएस नहीं कराई जा रही है। 30 सितंबर तक जिले को ओडीएफ कर देंगे।
उग्रसेन पांडेय, सीडीओ


आंकड़े एक नजर में
853 राजस्व गांव होने हैं ओडीएफ
360 गांव हो चुके हैं ओडीएफ
33364 एमआईएस फीड होना अवशेष
64275 एमआईएस नहीं हुई एप्रूव्ड
30 सितंबर तक ओडीएफ करना है जिला
217523 शौचालय बनने थे जिले में
220078 शौचालयों की हो गई एमआईएस फीडिंग
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