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गोल्ड लोन घोटाला: पीड़ितों ने सीबीआई सहित अन्य जांच एजेंसियों का दरवाजा खटखटाया
Updated Wed, 04 Jul 2018 11:14 PM IST
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गोल्ड लोन घोटाला: पीड़ितों ने सीबीआई सहित अन्य जांच एजेंसियों का दरवाजा खटखटाया
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज। सिढ़पुरा केनरा बैंक के गोल्ड लोन घोटाले के शिकार खाताधारकों में बेचैनी का आलम है। बैंक और पुलिस की जांच से पीड़ित खाताधारक संतुष्ट नहीं हैं। ऐसी स्थिति में खाताधारकों ने सीबीआई सहित अन्य जांच एजेंसियों के दरवाजे खटखटाए हैं। पीड़ितों ने जांच एजेंसियों के पोर्टल पर शिकायत अपलोड की हैं।
गोल्ड लोन घोटाले के मामले में धोखाधड़ी के शिकार 27 खाताधारकों ने निदेशक सीबीआई दिल्ली, निदेशक विशेष अपराध शाखा लखनऊ, निदेशक एसीबी गाजियाबाद, संयुक्त निदेशक प्रशासन प्रवर्तन निदेशालय दिल्ली को बैंक घोटाले के संबंध में शिकायत प्रेषित की हैं। इन शिकायतों में तत्कालीन बैंक मैनेजर मनोज सिंह एवं बैंक के गोल्ड लोन वैल्युअर राहुल देव उर्फ भोले पर घोटाले का आरोप है। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि क्षेत्र के तमाम गरीब किसान, मजदूर, लोगों के नाम से धोखाधड़ी कर गोल्ड लोन एवं जमीन पर लोन लिया गया। लोगों ने कहा कि गोल्ड लोन और जमीन पर लोन लेने वाले अधिकांश खाताधारकों को तो जानकारी भी नहीं है। राहुल देव अपने परिवार सहित करोड़ों का घोटाला करके फरार है। पीड़ितों का कहना है कि बैंक और पुलिस के अधिकारी पीड़ितों को राहत देना तो दूर उल्टा उन्हें ही आरोपी बताने में जुटे हैं। इस मामले में बैंक अपनी जांच पड़ताल लगातार आगे बढ़ा रही है।
राहुल की सिफारिश से ही होता था लोन
कासगंज। पीड़ित खाताधारक बृजेश पांडे ने बताया कि राहुल की बैंक में काफी धाक थी। राहुल की सिफारिश के बिना तत्कालीन बैंक मैनेजर कोई लोन नहीं करते थे। ऐसी स्थिति में खाताधारक राहुल के प्रभाव में रहते थे और इसी प्रभाव का गलत इस्तेमाल राहुल ने किया। धोखाधड़ी कर वह जमीन की खरीद फरोख्त का काम करता था।
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केसीसी और पेंशन के नाम पर खाताधारकों के लिए फोटो, कराए हस्ताक्षर
कासगंज। धोखाधड़ी के शिकार लोगों ने बताया कि राहुल केसीसी लोन और पेंशन के बहाने लोगों को झांसा देकर फोटो और आईडी ले लेता था। इसके बाद बैंक के प्रपत्रों पर हस्ताक्षर करा लेता था। पीड़ित संतोष यादव ने बताया कि उन्हें इस बात का कतई बोध नहीं था कि राहुल लोगों की मदद नहीं बल्कि जालसाजी कर रहा है।
तेजी से चल रहा जांच का कार्य
कासगंज। लीड बैंक प्रबंधक महेश प्रकाश ने कहा कि गोल्ड लोन घोटाले में जांच चल रही है। अब तक 162 खातों में से 65 खातों की जांच की गई है। उन्होंने कहा कि बैंक जांच कर रही है। थाने में भी शिकायत दर्ज है। पुलिस भी अपनी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।
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गोल्ड लोन घोटाले के मामले में धोखाधड़ी के शिकार 27 खाताधारकों ने निदेशक सीबीआई दिल्ली, निदेशक विशेष अपराध शाखा लखनऊ, निदेशक एसीबी गाजियाबाद, संयुक्त निदेशक प्रशासन प्रवर्तन निदेशालय दिल्ली को बैंक घोटाले के संबंध में शिकायत प्रेषित की हैं। इन शिकायतों में तत्कालीन बैंक मैनेजर मनोज सिंह एवं बैंक के गोल्ड लोन वैल्युअर राहुल देव उर्फ भोले पर घोटाले का आरोप है। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि क्षेत्र के तमाम गरीब किसान, मजदूर, लोगों के नाम से धोखाधड़ी कर गोल्ड लोन एवं जमीन पर लोन लिया गया। लोगों ने कहा कि गोल्ड लोन और जमीन पर लोन लेने वाले अधिकांश खाताधारकों को तो जानकारी भी नहीं है। राहुल देव अपने परिवार सहित करोड़ों का घोटाला करके फरार है। पीड़ितों का कहना है कि बैंक और पुलिस के अधिकारी पीड़ितों को राहत देना तो दूर उल्टा उन्हें ही आरोपी बताने में जुटे हैं। इस मामले में बैंक अपनी जांच पड़ताल लगातार आगे बढ़ा रही है।
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राहुल की सिफारिश से ही होता था लोन
कासगंज। पीड़ित खाताधारक बृजेश पांडे ने बताया कि राहुल की बैंक में काफी धाक थी। राहुल की सिफारिश के बिना तत्कालीन बैंक मैनेजर कोई लोन नहीं करते थे। ऐसी स्थिति में खाताधारक राहुल के प्रभाव में रहते थे और इसी प्रभाव का गलत इस्तेमाल राहुल ने किया। धोखाधड़ी कर वह जमीन की खरीद फरोख्त का काम करता था।
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केसीसी और पेंशन के नाम पर खाताधारकों के लिए फोटो, कराए हस्ताक्षर
कासगंज। धोखाधड़ी के शिकार लोगों ने बताया कि राहुल केसीसी लोन और पेंशन के बहाने लोगों को झांसा देकर फोटो और आईडी ले लेता था। इसके बाद बैंक के प्रपत्रों पर हस्ताक्षर करा लेता था। पीड़ित संतोष यादव ने बताया कि उन्हें इस बात का कतई बोध नहीं था कि राहुल लोगों की मदद नहीं बल्कि जालसाजी कर रहा है।
तेजी से चल रहा जांच का कार्य
कासगंज। लीड बैंक प्रबंधक महेश प्रकाश ने कहा कि गोल्ड लोन घोटाले में जांच चल रही है। अब तक 162 खातों में से 65 खातों की जांच की गई है। उन्होंने कहा कि बैंक जांच कर रही है। थाने में भी शिकायत दर्ज है। पुलिस भी अपनी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।