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प्रथम चरण में 8 किमी. तक होगा बाईपास का डामरीकरण
Updated Tue, 03 Jul 2018 10:50 PM IST
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रामपुर में पनवड़िया पुल के पास निर्माणाधीन रोड। -अमर उजाला
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कासगंज।
जिले की सबसे महत्वपूर्ण कैनाल रूट बाईपास निर्माण परियोजना धीमी गति से चल रही है। इस परियोजना पर पहले फेज में डामरीकरण का कार्य शुरू कर दिया है। इस परियोजना का रिवाइज एस्टीमेट भी शासन को भेजा गया है। 31 मार्च 2019 तक निर्माण का लक्ष्य पूरा करने का समय निर्धारित है।
नगर में जाम के झाम से मुक्ति के लिए कैनालरूट बाईपास की परियोजना अखिलेश सरकार के समय में स्वीकृत हुई थी। इस पर उनकी सरकार के समय में भूमि अधिग्रहण और निर्माण के कार्य में तेजी पकड़ी, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद इस परियोजना पर काम रुक गया। कुछ समय पहले से फिर से काम ने गति पकड़ी है, लेकिन अपेक्षित गति निर्माण की नहीं है। निर्माणदायी कंपनी ने शासन के निर्देशों पर फर्स्ट फेज में 8 किलोमीटर तक डामरीकरण का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जबकि इस बाईपास की लंबाई 18.11 किलोमीटर की है। इसमें विलंब का कारण ब्रिज कॉर्पोरेशन की पुल बनाने में ढिलाई है। यदि सड़क का काम पूरा हो भी जाए तो भी बिना पुलों के बाईपास पर यातायात चलना संभव नहीं है।
- बाईपास निर्माण का रिवाइज एस्टीमेट शासन को भेजा गया है। नई तकनीकि से बाईपास का निर्माण किया जा रहा है। अभी 8 किलोमीटर तक डामरीकरण होगा। राजाराम मथुरिया, सहायक अभियंता
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जिले की सबसे महत्वपूर्ण कैनाल रूट बाईपास निर्माण परियोजना धीमी गति से चल रही है। इस परियोजना पर पहले फेज में डामरीकरण का कार्य शुरू कर दिया है। इस परियोजना का रिवाइज एस्टीमेट भी शासन को भेजा गया है। 31 मार्च 2019 तक निर्माण का लक्ष्य पूरा करने का समय निर्धारित है।
नगर में जाम के झाम से मुक्ति के लिए कैनालरूट बाईपास की परियोजना अखिलेश सरकार के समय में स्वीकृत हुई थी। इस पर उनकी सरकार के समय में भूमि अधिग्रहण और निर्माण के कार्य में तेजी पकड़ी, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद इस परियोजना पर काम रुक गया। कुछ समय पहले से फिर से काम ने गति पकड़ी है, लेकिन अपेक्षित गति निर्माण की नहीं है। निर्माणदायी कंपनी ने शासन के निर्देशों पर फर्स्ट फेज में 8 किलोमीटर तक डामरीकरण का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जबकि इस बाईपास की लंबाई 18.11 किलोमीटर की है। इसमें विलंब का कारण ब्रिज कॉर्पोरेशन की पुल बनाने में ढिलाई है। यदि सड़क का काम पूरा हो भी जाए तो भी बिना पुलों के बाईपास पर यातायात चलना संभव नहीं है।
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- बाईपास निर्माण का रिवाइज एस्टीमेट शासन को भेजा गया है। नई तकनीकि से बाईपास का निर्माण किया जा रहा है। अभी 8 किलोमीटर तक डामरीकरण होगा। राजाराम मथुरिया, सहायक अभियंता
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