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विप्रा इंजीनियर चला रहे अवैध निर्माण का गोरखधंधा
Updated Mon, 21 May 2018 08:29 PM IST
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डैमो
- फोटो : डैमो
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मथुरा। पूर्व विप्रा उपाध्यक्ष के जाने के बाद धड़ल्ले से अवैध निर्माण किए जा रहे हैं। इंजीनियरों के संरक्षण में चल रहे इस गोरखधंधे में प्राधिकरण के अधिकारियों ने भी खुली छूट दे रखी है। कई स्थानों पर सील बंद निर्माणों को भी पूरा कराया जा रहा है। कई होटलों पर लगी सील खामोशी के साथ खोल दी गई है या फिर खोलने की तैयारी की जा रही है।
तत्कालीन विप्रा उपाध्यक्ष यशु रुस्तगी ने न केवल अवैध निर्माणों पर लगाम लगाई थी बल्कि कई प्रभावशाली लोगों के ऐसे निर्माणों को भी सील कर दिया था जो कि निर्माण रोकने के आदेशों की अवहेलना कर रहे थे। उनके स्थानातंरण होते ही इंजीनियरों ने ऐसे अवैध निर्माणों को बेखौफ पूरा करवाना प्रारंभ कर दिया है।
अकेले कृष्णानगर, गणेशरा, हाइवे, गोवर्धन रोड पर करीब दो दर्जन से अधिक बड़े अवैध निर्माण किए जा रहे हैं। आरोप हैं कि इन निर्माणकर्ताओं के पास विप्रा का कोई नक्शा आदि नहीं है। अकेले थाना गोविंद नगर क्षेत्र में इंजीनियर और अधिकारियों की मिलीभगत से कई अवैध निर्माण इमारतों में तब्दील हो गए हैं। इन निर्माणों के ध्वस्तीकरण तक के आदेश प्राधिकरण ने जारी किए थे।
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गायब पांच हजार फाइलों में कई राज
विकास प्राधिकरण से गायब हुई नक्शा आदि की पांच हजार फाइलों में कई बड़े राज छुपे हैं। इनमें शहर की करीब एक सैकड़ा से अधिक सफेदपोशों और अधिकारियों की मिलीभगत से कराए गए कार्यों की फाइल भी शामिल हैं। तत्कालीन विप्रा उपाध्यक्ष ने ऐसे एक बाबू के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज करवाई थी। अवैध निर्माणों से संबंधित किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करेंगे। संबंधित जेई के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपाध्यक्ष समीर वर्मा ने बताया कि अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। जहां भी गड़बड़ी मिलेगी उसके लिए दोषियों पर कठोर एक्शन होगा।
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तत्कालीन विप्रा उपाध्यक्ष यशु रुस्तगी ने न केवल अवैध निर्माणों पर लगाम लगाई थी बल्कि कई प्रभावशाली लोगों के ऐसे निर्माणों को भी सील कर दिया था जो कि निर्माण रोकने के आदेशों की अवहेलना कर रहे थे। उनके स्थानातंरण होते ही इंजीनियरों ने ऐसे अवैध निर्माणों को बेखौफ पूरा करवाना प्रारंभ कर दिया है।
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अकेले कृष्णानगर, गणेशरा, हाइवे, गोवर्धन रोड पर करीब दो दर्जन से अधिक बड़े अवैध निर्माण किए जा रहे हैं। आरोप हैं कि इन निर्माणकर्ताओं के पास विप्रा का कोई नक्शा आदि नहीं है। अकेले थाना गोविंद नगर क्षेत्र में इंजीनियर और अधिकारियों की मिलीभगत से कई अवैध निर्माण इमारतों में तब्दील हो गए हैं। इन निर्माणों के ध्वस्तीकरण तक के आदेश प्राधिकरण ने जारी किए थे।
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गायब पांच हजार फाइलों में कई राज
विकास प्राधिकरण से गायब हुई नक्शा आदि की पांच हजार फाइलों में कई बड़े राज छुपे हैं। इनमें शहर की करीब एक सैकड़ा से अधिक सफेदपोशों और अधिकारियों की मिलीभगत से कराए गए कार्यों की फाइल भी शामिल हैं। तत्कालीन विप्रा उपाध्यक्ष ने ऐसे एक बाबू के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज करवाई थी। अवैध निर्माणों से संबंधित किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करेंगे। संबंधित जेई के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपाध्यक्ष समीर वर्मा ने बताया कि अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। जहां भी गड़बड़ी मिलेगी उसके लिए दोषियों पर कठोर एक्शन होगा।