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खूब किए जतन पर नहीं दे सका मां को कफन
Updated Tue, 24 Apr 2018 11:21 PM IST
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खूब किए जतन पर नहीं दे सका मां को कफन
- फोटो : अमर उजाला
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मारहरा। मां, दुनिया का सबसे अनमोल रिश्ता। इसके लिए हर बेटा सब कुछ कुर्बान कर देता है। मगर जिले में सरकारी रहनुमाओं के यतनों से एक बेटा अभागा बन गया। दो दिन तक मां की लाश पर आंसू बहाता रहा, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते मां के लिए अंतिम समय तक कफन का बंदोबस्त नहीं कर सका। अंतिम सहारा मां को छोड़कर जाने के दुख के साथ आर्थिक तंगी ने बेटे को बुरी तरह से तोड़ दिया, मगर बेरहम सरकारी अफसर नहीं पसीजे। मां के जाने के बाद चपरासी बेटे ने खूब जतन किए, लेकिन वेतन नहीं मिलने से पाई-पाई को मोहताज बेटा कुछ भी नहीं कर सका। दो दिन बाद जब लोगों को पता लगा, तो कुछ समाजसेवियों ने चंदा कर अंतिम संस्कार कराया।
मामला क्षेत्रीय सहकारी समिति मारहरा का है। इसमें राम सिंह चतुर्थ श्रेणी कर्मी है। बताया जाता है कि राम सिंह को प्रभारी सचिव नेम सिंह छह माह से वेतन भुगतान नहीं कर रहे हैं। वेतन नहीं मिलने के चलते राम सिंह की बीमार मां का इलाज नहीं हो सका। अचानक सोमवार सुबह राम सिंह की मां रामलली चल बसीं, लेकिन दुर्भाग्य देखिए राम सिंह पर मां के अंतिम संस्कार के लिए भी कोई इंतजाम नहीं कर सका। जानकारी पर कस्बा के कुछ भले समाजसेवियों ने चंदा कर राम सिंह की मां का अंतिम संस्कार कराया। सचिव की मनमानी और मां के अंतिम संस्कार में हुई देरी से हर किसी की आंखें नम थीं। वहीं लोगों ने ऐसे अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही प्रभारी सचिव नेम सिंह को मुख्यालय से संबद्ध कराए जाने की मांग की है।
व्यक्तिगत लड़ाई से रोका वेतन भुगतान
मारहरा। बताया जाता है व्यक्तिगत पुरानी लड़ाई के चलते प्रभारी सचिव ने चपरासी राम सिंह का वेतन रोक रखा है। जो समस्या बोर्ड की बैठक में भी उठ चुकी है। बोर्ड की बैठक में वेतन आहरण के आदेश के बाद भी सचिव नेम सिंह द्वारा वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है।
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छह माह पहले राम सिंह को सस्पेंड कर दिया गया था। हालांकि बहाल तो हो गया है। मगर उच्चाधिकारियों ने वेतन निकालने को लेकर कोई आदेश नहीं किए है। इस वजह से अभी तक वेतन नहीं जारी किया गया है।
नेम सिंह राजपूत, सचिव, सहकारी समिति मारहरा
मामला क्षेत्रीय सहकारी समिति मारहरा का है। इसमें राम सिंह चतुर्थ श्रेणी कर्मी है। बताया जाता है कि राम सिंह को प्रभारी सचिव नेम सिंह छह माह से वेतन भुगतान नहीं कर रहे हैं। वेतन नहीं मिलने के चलते राम सिंह की बीमार मां का इलाज नहीं हो सका। अचानक सोमवार सुबह राम सिंह की मां रामलली चल बसीं, लेकिन दुर्भाग्य देखिए राम सिंह पर मां के अंतिम संस्कार के लिए भी कोई इंतजाम नहीं कर सका। जानकारी पर कस्बा के कुछ भले समाजसेवियों ने चंदा कर राम सिंह की मां का अंतिम संस्कार कराया। सचिव की मनमानी और मां के अंतिम संस्कार में हुई देरी से हर किसी की आंखें नम थीं। वहीं लोगों ने ऐसे अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही प्रभारी सचिव नेम सिंह को मुख्यालय से संबद्ध कराए जाने की मांग की है।
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व्यक्तिगत लड़ाई से रोका वेतन भुगतान
मारहरा। बताया जाता है व्यक्तिगत पुरानी लड़ाई के चलते प्रभारी सचिव ने चपरासी राम सिंह का वेतन रोक रखा है। जो समस्या बोर्ड की बैठक में भी उठ चुकी है। बोर्ड की बैठक में वेतन आहरण के आदेश के बाद भी सचिव नेम सिंह द्वारा वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है।
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छह माह पहले राम सिंह को सस्पेंड कर दिया गया था। हालांकि बहाल तो हो गया है। मगर उच्चाधिकारियों ने वेतन निकालने को लेकर कोई आदेश नहीं किए है। इस वजह से अभी तक वेतन नहीं जारी किया गया है।
नेम सिंह राजपूत, सचिव, सहकारी समिति मारहरा