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जिले के 25 गांवों में पेयजल परियोजनाओं का बुरा हाल

Wed, 14 Mar 2018 11:03 PM IST
Updated Wed, 14 Mar 2018 11:03 PM IST
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जिले के 25 गांवों में पेयजल परियोजनाओं का बुरा हाल
हैंडपंप। - फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
एटा।
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गर्मियां शुरू हो गई हैं लेकिन शहर में पानी का संकट बना हुआ है। जिले के 25 ग्राम पंचायतों में ग्रामीण पाइप्ड पेयजल परियोजनाएं ठप पड़ी हुई हैं। कहीं पाइप लाइन टूटी पड़ी है, तो परियोजनाएं निर्माण के बाद से शुरू ही नहीं हो सकी हैं। हालात यह हैं कि सफेद हाथी बने ओवरहैड टैंक सिर्फ शो पीस बने हुए हैं।
जिले की ग्राम पंचायतों में पेयजल आपूर्ति के लिए कुछ साल पहले ग्रामीण पाइप्ड पेयजल परियोजनाएं शुरू की गई थीं। इसके तहत गांवों में ओवरहैड टैंक के साथ पाइप लाइन के जरिए पानी की सप्लाई देने की व्यवस्था की गई, मगर परियोजनाएं हमेशा संसाधनों के अभाव में अधर में लटकी रहीं। अब गर्मियों का मौसम शुरू हो गया है, तो एक बार फिर से ग्रामीणों को पानी की चिंता सताने लगी है। जिले में 25 ग्राम पंचायतों में पेयजल परियोजनाओं का बुरा हाल है। कहीं आपरेटर की तैनाती नहीं है, तो कहीं पाइप लाइन टूटी पड़ी है। इसके साथ ही कई ग्राम पंचायतों में परियोजना के ओवरहैड टैंक रिबोर होने हैं। पिछले दिनों हुई ग्रामीण पेयजल परियोजना की बैठक में सीडीओ ने सभी ग्राम पंचायतों में 24 मार्च तक पेयजल परियोजनाओं को दुुरुस्त कर चालू करने के निर्देश दिए हैं।
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यहां शुरू नहीं हुई परियोजना
रफतनगर सैंथरा, लोया बादशाहपुर, मिलावली, घिलौआ- इन ग्राम पंचायतों में परियोजना बनने के बाद से शुरू ही नहीं हो सकी।

यहां बंद पड़ी परियोजना
पहरई, जिटौली, धुमरी, पलरा, बरथरी, युसूफपुर नगला धनी, घुमरिया, नरहरा, सराय अगहत, बारा समसपुर, मलावन, कंसुरी, मोहनपुर, तखावन, भगीपुर, न्यौराई, भागपुर बरौली, हिम्मतपुर चाचरमऊ, मनुपुर, रामनगर जलालपुर, बिचपुरी, नगला मीरा, चिरगवां, छिनौना, देवकरनपुर।
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तीन किमी. दूर से भरकर लाते हैं पानी
जिले के अवागढ़ ब्लॉक के गांव भरकना में ग्रामीणों के पानी की व्यवस्था किसी जंग से कम नहीं है। ग्रामीणों को पानी लाने के लिए गांव से तीन किमी दूर गांव खेरिया और नगला बरू जाना पड़ता है। डिजिटल इंडिया के दौर में जिले के लोग आज भी पानी के लिए भटक रहे हैं। आलम यह है कि सुबह से गांव में पानी के दौड़ शुरू हो जाती है। लोग साइकिल और मोटर साइकिल पर टंकियां रखकर पानी लाते हैं। लोग कई बार पानी की समस्या को लेकर प्रशासन से मांग कर चुके हैं, मगर कोई सुनने वाला नहीं है।

ग्रामीणों से लेंगे 50 रुपये जलकर
पाइप लाइन परियोजनाओं को दुरुस्त कराने के साथ-साथ ग्राम पंचायतों में नई व्यवस्था लागू की जा रही है। पाइप लाइन से पानी लेने वाले ग्रामीणों को हर महीने 50 रुपये जलकर अदा करना होगा। जिसके जरिए ग्राम पंचायत आपरेटर को मानदेय देने के साथ परियोजना के संसाधनों की व्यवस्था करेगी।


ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल परियोजनाओं को शुरू कराने और दुरुस्त कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं। 24 मार्च तक व्यवस्था को सुचारू कर दिया जाएगा। ग्रामीणों को गर्मियों में कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
- उग्रसेन पांडेय, सीडीओ
ये हैं आंकड़े
57 ग्रामीण पेयजल परियोजनाएं हैं जिले में
25 ग्राम पंचायतों में परियोजनाएं पड़ी बंद
17 परियोजनाओं पर नहीं है आपरेटर की तैनाती
04 ग्राम पंचायतों में शुरू ही नहीं हुई परियोजना
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