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अलीगंज बलॉक की ग्राम पंचायत अंगरैया जमुनाई में 13 लाख का गबन
Updated Wed, 15 Nov 2017 10:58 PM IST
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एटा। अलीगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत अंगरैया जमुनाई में 13 लाख रुपये का गबन सामने आया है। पूर्व प्रधान और वर्तमान प्रधान ने जमकर विकास को आए धन का बंदरबांट किया। साथ ही फर्जी तरीके से कार्य कराए। डीपीआरओ ने दोनों प्रधानों से वसूली करने का निर्देश जारी करते हुए जबाव मांगा है।
दरअसल, डीएम अमित किशोर के निर्देश पर डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने ग्राम पंचायत अंगरैया जमुनाई की जांच की। जांच में पहले तो पंचायत सचिव ने अभिलेख नहीं दिए। जब सख्ती की गई तो अभिलेखों मेें लाखों रुपये का गबन पाया। जांच में सामने आया कि वर्ष 2015-16 में ग्राम पंचायत में हैंडपंपों की मरम्मत में 66500 रुपये का गबन किया गया। अभिलेखों में कहीं भी हैंड पम्प का स्थान व संख्या दर्शाई नही गई है।
साथ ही मजदूरी का भी जिक्र नहीं किया गया। इसके साथ वर्ष 2015-16 और 2016-17 में दस नए हैंडपंपों की स्थापना में 405000 रुपये खर्च किए गए। मगर सभी हैंडपंप शासनादेश और मानक के विपरीत लगाए गए। साथ ही ग्राम प्रधान ने गलत तरीके से तीन हजार रुपये विज्ञापन पर खर्च किए। इसके अलावा इंटरलांकिग कार्य में 386484 रुपये का गबन किया गया। सड़क निर्माण के काम को कार्ययोजना में अलग-अलग दिखाकर बिना वित्तीय स्वीकृति और तकनीकी स्वीकृति कराया गया।
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डीपीआरओ ने दोनों प्रधानों ने वसूली करने के निर्देश दिए हैं। डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि पूर्व प्रधान और सचिव स 325900 रुपये और वर्तमान ग्राम प्रधान, सचिव ग्राम पंचायत से 975363 रुपये मिलाकर 1311263 रुपये की वसूली की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोनों प्रधानों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
वर्तमान प्रधान और सचिव को हटाते हुए वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार रोक दिए गए हैं। साथ ही ग्राम पंचायत अगरैया जमुनाई मे एक त्रिसदस्यीय समिति का गठन कराने के लिए कारण बताओं नोटिस जारी करके जबाव मांगा गया है। साथ ही ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीडीओ पत्र लिखा गया है।
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दरअसल, डीएम अमित किशोर के निर्देश पर डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने ग्राम पंचायत अंगरैया जमुनाई की जांच की। जांच में पहले तो पंचायत सचिव ने अभिलेख नहीं दिए। जब सख्ती की गई तो अभिलेखों मेें लाखों रुपये का गबन पाया। जांच में सामने आया कि वर्ष 2015-16 में ग्राम पंचायत में हैंडपंपों की मरम्मत में 66500 रुपये का गबन किया गया। अभिलेखों में कहीं भी हैंड पम्प का स्थान व संख्या दर्शाई नही गई है।
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साथ ही मजदूरी का भी जिक्र नहीं किया गया। इसके साथ वर्ष 2015-16 और 2016-17 में दस नए हैंडपंपों की स्थापना में 405000 रुपये खर्च किए गए। मगर सभी हैंडपंप शासनादेश और मानक के विपरीत लगाए गए। साथ ही ग्राम प्रधान ने गलत तरीके से तीन हजार रुपये विज्ञापन पर खर्च किए। इसके अलावा इंटरलांकिग कार्य में 386484 रुपये का गबन किया गया। सड़क निर्माण के काम को कार्ययोजना में अलग-अलग दिखाकर बिना वित्तीय स्वीकृति और तकनीकी स्वीकृति कराया गया।
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डीपीआरओ ने दोनों प्रधानों ने वसूली करने के निर्देश दिए हैं। डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि पूर्व प्रधान और सचिव स 325900 रुपये और वर्तमान ग्राम प्रधान, सचिव ग्राम पंचायत से 975363 रुपये मिलाकर 1311263 रुपये की वसूली की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोनों प्रधानों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
वर्तमान प्रधान और सचिव को हटाते हुए वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार रोक दिए गए हैं। साथ ही ग्राम पंचायत अगरैया जमुनाई मे एक त्रिसदस्यीय समिति का गठन कराने के लिए कारण बताओं नोटिस जारी करके जबाव मांगा गया है। साथ ही ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीडीओ पत्र लिखा गया है।