फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   लाखों के नोटिस थमाने पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

लाखों के नोटिस थमाने पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

Fri, 03 Nov 2017 11:54 PM IST
Updated Fri, 03 Nov 2017 11:54 PM IST
विज्ञापन
लाखों के नोटिस थमाने पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
highcourt
फिरोजाबाद। स्वकर के नाम पर नगर निगम की मनमानी रुकने का नाम नहीं ले रही। कांच इकाइयों को हाउस और वाटर टैक्स जमा करने के लिए लाखों रुपये के नोटिस थमा दिए। मामले में उद्यमी की याचिका पर हाइकोर्ट ने नगर निगम से जवाब मांगा है।
विज्ञापन


नगर पालिका से नगर निगम का दर्जा मिलने के बाद स्वकर के नाम पर जनता से करोड़ों रुपये वसूली की। नगर निगम द्वारा प्रदेश के कई महानगरों से अधिक टैक्स की दरें आरोपित करते हुए मनमाना टैक्स वसूला। नगर निगम के खिलाफ जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं ने आंदोलन किया। सैकड़ों आपत्तियां दर्ज कराई गईं। शासन तक शिकायतें पहुंची। विधानसभा में अवैध वसूली का मामला उठा।
विज्ञापन


इसके बावजूद नगर निगम की मनमानी पर लगाम नहीं लगी। विगत सितंबर में नगर निगम ने तमाम कांच इकाइयों को हाउस और वाटर टैक्स के नाम लाखों रुपये के नोटिस जारी कर दिए। इसमें ढोलपुरा स्थित पारस ग्लास लि. को 7,11,990 रुपये का नोटिस जारी कर दिया। नोटिस में चेतावनी दी गई कि 15 दिन में बकाया टैक्स जमा नहीं होने पर आरसी एवं कुर्की वारंट जारी किए जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


लाखों का नोटिस देखकर उद्यमियों के होश उड़ गए। इसके बाद पारस ग्लास के स्वामी ने नगर निगम के नोटिस के खिलाफ हाइकोर्ट की शरण ली। हाइकोर्ट के जज अभिनव उपाध्याय और अशोक कुमार ने उद्यमी द्वारा दायर याचिका का संज्ञान लेते हुए नगर निगम को तत्काल जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई नौ नवंबर को होगी।

स्वकर के विरोध में लोक नागरिक कल्याण समिति के सचिव सतेंद्र जैन सौली, सामाजिक संस्था के पदाधिकारियों ने गांधीपार्क में सत्याग्रह आंदोलन किया था। सत्याग्रह आंदोलन से घबरा कर नगर निगम में ही सामाजिक कार्यकर्ता पर हमला हुआ। उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद उक्त मामले में जांच चल रही है।


नगर निगम में तैनात अफसर पूरी तरह मनमानी पर उतारू हैं। नगर निगम द्वारा कर अधीक्षक के हस्ताक्षर से 15 सितंबर को लाखों का नोटिस जारी किया। नोटिस में वर्ष 2015-16 का दो बार टैक्स लगा दिया। दोनों बार दो लाख 37 हजार 330 रुपये की बकाया राशि दिखाई गई है। अफसरों ने नोटिस जारी करते समय इतनी बड़ी गलती को भी नजरअंदाज कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed