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दहेज प्रथा रोकने को चलाया जाएगा अभियान: डीएम
Updated Mon, 25 Sep 2017 10:51 PM IST
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dowry murder
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कासगंज।
जिलाधिकारी आरपी सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 एवं उत्तर प्रदेश दहेज प्रतिशेध नियमावली 2004 के प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन किए जाने की व्यवस्थाएं की गई हैं। समाज में दहेज संबंधी हो रही घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए जनता में दहेज प्रथा रोकने, दहेज प्रथा की बुराइयों को नष्ट करने तथा प्रत्येक व्यक्ति को दहेज न लेने के संबंध में अभियान चलाकर जागरूक एवं चेतना का सृजन किए जाने के उद्देश्य से प्रभावी कार्रवाई करना जरूरी है।
एक किसान की बेटी द्वारा अपने पिता के ऋण एवं दहेज की मांग के कारण आत्महत्या की घटना के परिपेक्ष्य में शासन द्वारा समाज से दहेज की बुराई को खत्म करने तथा दहेज न लेने, देने के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी ने सभी कार्यालयाध्यक्षों को निर्देश जारी किए हैं कि जनपद में कार्यरत समस्त कार्मिकों से दहेज न लेने-देने संबंधी स्वहस्ताक्षरित घोषणा पत्र लिया जाए।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक एवं सभी प्रधानाचार्यों को उन्होंने निर्देश दिए हैं कि समस्त विद्यालयों, महाविद्यालयों व अन्य संस्थाओं में भी दहेज न लेने हेतु शपथ दिलाई जाना सुनिश्चित करें। उत्तर प्रदेश शासन तथा निदेशक महिला कल्याण उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा दहेज प्रतिशेधन अधिनियम 1961 के सफल क्रियान्वयन हेतु जनपद में एडवाइजरी बोर्ड का गठन किया गया है तथा दायित्वों के निर्वहन हेतु जिला प्रोबेशन अधिकारी को जिला दहेज प्रतिशेध अधिकारी अधिकृत किया गया है। शासन के निर्देशानुसार प्रदेश में प्रत्येक वर्ष 26 नवंबर को दहेज प्रतिशेध दिवस मनाया जाएगा।
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जिलाधिकारी आरपी सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 एवं उत्तर प्रदेश दहेज प्रतिशेध नियमावली 2004 के प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन किए जाने की व्यवस्थाएं की गई हैं। समाज में दहेज संबंधी हो रही घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए जनता में दहेज प्रथा रोकने, दहेज प्रथा की बुराइयों को नष्ट करने तथा प्रत्येक व्यक्ति को दहेज न लेने के संबंध में अभियान चलाकर जागरूक एवं चेतना का सृजन किए जाने के उद्देश्य से प्रभावी कार्रवाई करना जरूरी है।
एक किसान की बेटी द्वारा अपने पिता के ऋण एवं दहेज की मांग के कारण आत्महत्या की घटना के परिपेक्ष्य में शासन द्वारा समाज से दहेज की बुराई को खत्म करने तथा दहेज न लेने, देने के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी ने सभी कार्यालयाध्यक्षों को निर्देश जारी किए हैं कि जनपद में कार्यरत समस्त कार्मिकों से दहेज न लेने-देने संबंधी स्वहस्ताक्षरित घोषणा पत्र लिया जाए।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक एवं सभी प्रधानाचार्यों को उन्होंने निर्देश दिए हैं कि समस्त विद्यालयों, महाविद्यालयों व अन्य संस्थाओं में भी दहेज न लेने हेतु शपथ दिलाई जाना सुनिश्चित करें। उत्तर प्रदेश शासन तथा निदेशक महिला कल्याण उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा दहेज प्रतिशेधन अधिनियम 1961 के सफल क्रियान्वयन हेतु जनपद में एडवाइजरी बोर्ड का गठन किया गया है तथा दायित्वों के निर्वहन हेतु जिला प्रोबेशन अधिकारी को जिला दहेज प्रतिशेध अधिकारी अधिकृत किया गया है। शासन के निर्देशानुसार प्रदेश में प्रत्येक वर्ष 26 नवंबर को दहेज प्रतिशेध दिवस मनाया जाएगा।
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