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बारिश से बढ़ गया पेट रोग, मलेरिया का खतरा
Updated Sat, 23 Sep 2017 10:00 PM IST
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आगरा। पानी पी रहें तो सावधान हो जाइए, ये आपको बीमार कर सकता है। दो दिन से बरसात होने पर पानी के दूषित होने का खतरा बढ़ गया है। चिकित्सक मानते हैं कि दूषित पानी से पेट रोग और बच्चों में हेपेटाइटिस ए और ई के मरीज आने लगे हैं। ओपीडी में 10-15 फीसदी मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
एसएन मेडिकल कालेज की मेडिसिन विभाग में औसतन 400 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें 40-55 नए मरीज पेट रोग के हैं। एसएन के डा. आशीष गौतम ने बताया कि घरों में पाइप लाइन फट जाने पर सीवर का पानी मिलकर दूषित कर देता है।
हैंडपंप के आसपास भी गंदगी जमा होने से ऐसा होता है। सीधे इसके इस्तेमाल से उल्टी-दस्त होना, पेट में संक्रमण की परेशानी पनपती है। एसएन के बाल रोग विशेषज्ञ डा. एसपी सिंह ने बताया कि दूषित पानी से बच्चों में हेपेटाइटिस ए-ई फैलता है। हेपेटाइटिस ए से पीड़ित एक-दो बच्चे ओपीडी में आ रहे हैं।
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बढ़ने लगे मलेरिया के मरीज
बरसात होने से मलेरिया के मरीजों के बढ़ने की संभावना बढ़ गई है। दो दिन की बात करें तो एसएन की ओपीडी में 8-10 में मलेरिया के लक्षण मिल रहे हैं। इनकी जांच कराने को नमूने भेजे जा रहे हैं। जिला मलेरिया अधिकारी आरके दीक्षित ने बताया कि मादा एनोफ्लीज मच्छर के काटने से मलेरिया होता है। ये रुके हुए पानी में पनपता है। ऐसे में अपने आसपास जलभराव न होने दें।
इनका रखें ख्याल:
पानी को उबालने के बाद ठंडा करके ही पीएं
बच्चों को कटे-फटे फल, बासी भोजन न खिलाएं
आसपास जलभराव न होने दें, कीटनाशक छिड़काव करें
मच्छरदानी का उपयोग करें, फुल बाजू के कपड़े पहनें
रुके हुए पानी में केरोसिन की कुछ बूंद जरूर डाल दें
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एसएन मेडिकल कालेज की मेडिसिन विभाग में औसतन 400 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें 40-55 नए मरीज पेट रोग के हैं। एसएन के डा. आशीष गौतम ने बताया कि घरों में पाइप लाइन फट जाने पर सीवर का पानी मिलकर दूषित कर देता है।
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हैंडपंप के आसपास भी गंदगी जमा होने से ऐसा होता है। सीधे इसके इस्तेमाल से उल्टी-दस्त होना, पेट में संक्रमण की परेशानी पनपती है। एसएन के बाल रोग विशेषज्ञ डा. एसपी सिंह ने बताया कि दूषित पानी से बच्चों में हेपेटाइटिस ए-ई फैलता है। हेपेटाइटिस ए से पीड़ित एक-दो बच्चे ओपीडी में आ रहे हैं।
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बढ़ने लगे मलेरिया के मरीज
बरसात होने से मलेरिया के मरीजों के बढ़ने की संभावना बढ़ गई है। दो दिन की बात करें तो एसएन की ओपीडी में 8-10 में मलेरिया के लक्षण मिल रहे हैं। इनकी जांच कराने को नमूने भेजे जा रहे हैं। जिला मलेरिया अधिकारी आरके दीक्षित ने बताया कि मादा एनोफ्लीज मच्छर के काटने से मलेरिया होता है। ये रुके हुए पानी में पनपता है। ऐसे में अपने आसपास जलभराव न होने दें।
इनका रखें ख्याल:
पानी को उबालने के बाद ठंडा करके ही पीएं
बच्चों को कटे-फटे फल, बासी भोजन न खिलाएं
आसपास जलभराव न होने दें, कीटनाशक छिड़काव करें
मच्छरदानी का उपयोग करें, फुल बाजू के कपड़े पहनें
रुके हुए पानी में केरोसिन की कुछ बूंद जरूर डाल दें