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ताज: बरसाती कीड़ों और एल्गी के कारण पड़े काले धब्बे
Updated Sat, 26 Aug 2017 02:40 PM IST
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ताजमहल पर बढ़ा कीड़ों का हमला
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा
आगरा। बरसाती कीड़ों और एल्गी की वजह से ताज के मुख्य गुंबद के आर्च पर काले धब्बे पड़े हैं। शुक्रवार दोपहर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) साइंस ब्रांच के अधिकारियों ने गुंबद का निरीक्षण किया, जिसमें इसको वजह माना है।
एएसआई अधीक्षण पुरातत्व रसायनविद् डॉ. एम के भटनागर ने शुक्रवार को ताज बंदी में मुख्य गुंबद पर पड़े काले धब्बों की जांच की। रात भर कीड़ों पर निगाह रखी गई। सुबह लिए गये सैंपल देखे। इनमें बरसात के मौसम में आने वाले कीड़े पाये गये।
आर्च पर ऊपर की ओर मकड़ी के जालों में फंसे कई कीड़े मिले हैं। वहीं नमी के कारण संगमरमर के कुछ टुकड़ों पर एल्गी के हरे निशान भी मिले। यमुना किनारे की ओर नमी ज्यादा होने से ऐसे निशान दिखते रहे हैं, जिनकी सफाई भी होती रही है। इस बार कीड़ों, यमुना से लाई गई गंदगी और एल्गी के एक साथ आने के कारण यह दाग ज्यादा नजर आए हैं। ताज पर यमुना किनारे की लाइट के कारण आ रहे कीड़ों के मद्देनजर सीआईएसएफ ने लाइटें नीचे झुका दी हैं।
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मुश्किल होगा ताज पर लाइटिंग करना
ताजमहल पर बरसाती कीड़ों के कारण काले धब्बे पड़ने की घटना के बाद अब ताजमहल को रात में कृत्रिम प्रकाश से रोशन करना मुश्किल हो जाएगा। पूर्व कमिश्नर और डीएम ने ताज पर लाइटिंग करने की योजना आगे बढ़ाई थी लेकिन एएसआई साइंस ब्रांच एत्माद्दौला पर इसके असर की रिपोर्ट को आधार बनाकर लगातार मना करती रही। अब इन काले धब्बों में बरसाती कीड़ों को मुख्य वजह माना गया है। ऐसे में रोशनी के साथ आने वाले कीड़ों के कारण फिर से ताज पर लाइटिंग करना मुश्किल हो जाएगा।
गोल्डी काइरोनोमस ने बनाया घर
यमुना नदी में गंदगी और सामान्य से ज्यादा तापमान में हमला करने वाला कीड़ा गोल्डी काइरोनोमस ताजमहल को अब अपना स्थायी घर बना चुका है। काले धब्बों की जांच में कुछ कीड़े गोल्डी काइरोनोमस के भी मिले हैं ,जो अप्रैल और अक्तूबर में ताज पर नजर आते रहे हैं। अगस्त में बारिश न होने से तापमान सामान्य से छह डिग्री तक ऊपर रहा था और इस बीच यमुना के जलस्तर में भी कमी आई। इस कारण यह कीड़ा ताज पर फिर से नजर आया है।
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एएसआई अधीक्षण पुरातत्व रसायनविद् डॉ. एम के भटनागर ने शुक्रवार को ताज बंदी में मुख्य गुंबद पर पड़े काले धब्बों की जांच की। रात भर कीड़ों पर निगाह रखी गई। सुबह लिए गये सैंपल देखे। इनमें बरसात के मौसम में आने वाले कीड़े पाये गये।
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आर्च पर ऊपर की ओर मकड़ी के जालों में फंसे कई कीड़े मिले हैं। वहीं नमी के कारण संगमरमर के कुछ टुकड़ों पर एल्गी के हरे निशान भी मिले। यमुना किनारे की ओर नमी ज्यादा होने से ऐसे निशान दिखते रहे हैं, जिनकी सफाई भी होती रही है। इस बार कीड़ों, यमुना से लाई गई गंदगी और एल्गी के एक साथ आने के कारण यह दाग ज्यादा नजर आए हैं। ताज पर यमुना किनारे की लाइट के कारण आ रहे कीड़ों के मद्देनजर सीआईएसएफ ने लाइटें नीचे झुका दी हैं।
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मुश्किल होगा ताज पर लाइटिंग करना
ताजमहल पर बरसाती कीड़ों के कारण काले धब्बे पड़ने की घटना के बाद अब ताजमहल को रात में कृत्रिम प्रकाश से रोशन करना मुश्किल हो जाएगा। पूर्व कमिश्नर और डीएम ने ताज पर लाइटिंग करने की योजना आगे बढ़ाई थी लेकिन एएसआई साइंस ब्रांच एत्माद्दौला पर इसके असर की रिपोर्ट को आधार बनाकर लगातार मना करती रही। अब इन काले धब्बों में बरसाती कीड़ों को मुख्य वजह माना गया है। ऐसे में रोशनी के साथ आने वाले कीड़ों के कारण फिर से ताज पर लाइटिंग करना मुश्किल हो जाएगा।
गोल्डी काइरोनोमस ने बनाया घर
यमुना नदी में गंदगी और सामान्य से ज्यादा तापमान में हमला करने वाला कीड़ा गोल्डी काइरोनोमस ताजमहल को अब अपना स्थायी घर बना चुका है। काले धब्बों की जांच में कुछ कीड़े गोल्डी काइरोनोमस के भी मिले हैं ,जो अप्रैल और अक्तूबर में ताज पर नजर आते रहे हैं। अगस्त में बारिश न होने से तापमान सामान्य से छह डिग्री तक ऊपर रहा था और इस बीच यमुना के जलस्तर में भी कमी आई। इस कारण यह कीड़ा ताज पर फिर से नजर आया है।