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सरकारी कार्यालय-आवास पर लगेंगे प्रीपेड बिजली मीटर
Updated Mon, 31 Jul 2017 09:03 PM IST
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आगरा। सरकारी विभागों और आवासों पर बिजली बिल के करोड़ों रुपये बकाया का विभाग ने तोड़ निकाला है। अब यहां पर प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। इस तरह जितने का रिचार्ज कराया जाएगा, सिर्फ उतनी ही बिजली उपयोग कर सकेंगे। शासन के निर्देश पर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) ने इस बाबत तैयारी शुरू कर दी है। सितंबर से योजना पर काम शुरू हो जाएगा।
गौरतलब है कि डीवीवीएनएल परिक्षेत्र के 21 जिलों के सरकारी विभागों और आवासों पर लगभग 306 करोड़ रुपये बकाया है। आगरा में भी किसी विभाग पर पांच तो किसी पर छह लाख रुपये बकाया चला आ रहा है। बिजली विभाग तमाम कोशिशों के बावजूद वसूली नहीं कर पाया है। विभाग ने कई बार नोटिस भी दिए, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। सबसे ज्यादा दिक्कत सरकारी आवासों पर आती है। ट्रांसफर होने के बाद अधिकारी बिजली का बिल जमा किए बिना ही चले जाते हैं। वहीं, विभिन्न विभागों में कर्मचारियों को बिल की चिंता नहीं रहती। इसकी वजह से एसी, कूलर, पंखे धड़ल्ले से उपयोग किए जाते हैं। मगर, अब ऐसा नहीं हो सकेगा।
मोबाइल फोन सिम की तरह से रिचार्ज होंगे बिजली मीटर
बिजली के प्रीपेड मीटर मोबाइल फोन की सिम की तरह से रिचार्ज होंगे। इसके कूपन मिलेंगे। इन मीटरों में सिम की तरह ही एक चिप लगी होगी। इसका एक नंबर होगा। उस नंबर के आधार पर ही मीटर रिचार्ज होगा। जितने का रिचार्ज होगा, उतनी ही बिजली उपयोग कर सकेंगे। इसके बाद बिजली स्वत: ही बंद हो जाएगी। हालांकि कूपन की राशि खत्म होने से पहले मीटर में लगा अलार्म सावधान करेगा।
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शहर में लगेंगे एक हजार प्रीपेड की मीटर
टोरंट ने आम लोगों को भी प्रीपेड मीटर की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए पहले चरण में एक हजार प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे।
नियामक आयोग के निर्देश पर डीवीवीएनएल के पांचों मंडलों में सरकारी कार्यालय और आवासों पर प्रीपेड मीटर लगाने की तैयारी की जा रही है। सितंबर से योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
-एसके वर्मा, प्रबंध निदेशक, डीवीवीएनएल
शासन के निर्देशानुसार प्रीपेड बिजली मीटर लगाने की कवायद शुरू कर दी गई है। विभागों पर पुराना बकाया चला आ रहा है। नया किसी पर बिल बकाया नहीं है।
-भूपेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, टोरंट पॉवर
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गौरतलब है कि डीवीवीएनएल परिक्षेत्र के 21 जिलों के सरकारी विभागों और आवासों पर लगभग 306 करोड़ रुपये बकाया है। आगरा में भी किसी विभाग पर पांच तो किसी पर छह लाख रुपये बकाया चला आ रहा है। बिजली विभाग तमाम कोशिशों के बावजूद वसूली नहीं कर पाया है। विभाग ने कई बार नोटिस भी दिए, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। सबसे ज्यादा दिक्कत सरकारी आवासों पर आती है। ट्रांसफर होने के बाद अधिकारी बिजली का बिल जमा किए बिना ही चले जाते हैं। वहीं, विभिन्न विभागों में कर्मचारियों को बिल की चिंता नहीं रहती। इसकी वजह से एसी, कूलर, पंखे धड़ल्ले से उपयोग किए जाते हैं। मगर, अब ऐसा नहीं हो सकेगा।
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मोबाइल फोन सिम की तरह से रिचार्ज होंगे बिजली मीटर
बिजली के प्रीपेड मीटर मोबाइल फोन की सिम की तरह से रिचार्ज होंगे। इसके कूपन मिलेंगे। इन मीटरों में सिम की तरह ही एक चिप लगी होगी। इसका एक नंबर होगा। उस नंबर के आधार पर ही मीटर रिचार्ज होगा। जितने का रिचार्ज होगा, उतनी ही बिजली उपयोग कर सकेंगे। इसके बाद बिजली स्वत: ही बंद हो जाएगी। हालांकि कूपन की राशि खत्म होने से पहले मीटर में लगा अलार्म सावधान करेगा।
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शहर में लगेंगे एक हजार प्रीपेड की मीटर
टोरंट ने आम लोगों को भी प्रीपेड मीटर की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए पहले चरण में एक हजार प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे।
नियामक आयोग के निर्देश पर डीवीवीएनएल के पांचों मंडलों में सरकारी कार्यालय और आवासों पर प्रीपेड मीटर लगाने की तैयारी की जा रही है। सितंबर से योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
-एसके वर्मा, प्रबंध निदेशक, डीवीवीएनएल
शासन के निर्देशानुसार प्रीपेड बिजली मीटर लगाने की कवायद शुरू कर दी गई है। विभागों पर पुराना बकाया चला आ रहा है। नया किसी पर बिल बकाया नहीं है।
-भूपेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, टोरंट पॉवर