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सियालदाह-अजमेर एक्सप्रेस में गूंजी किलकारी
Updated Sun, 16 Jul 2017 12:01 AM IST
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टूंडला (फिरोजाबाद)। कानपुर - दिल्ली रेलखंड पर चलती ट्रेन में महिला ने बच्चे को जन्म दिया है। महिला अपने पति के साथ यात्रा कर रही थी। प्रसव के बाद महिला की तबियत बिगड़ने पर ट्रेन को इटावा स्टेशन रोक कर महिला को उपचार दिया गया।
बताया गया है कि राजस्थान के अजमेर निवासी मनोज कुमार शनिवार देर शाम को सियालदाह-अजमेर एक्सप्रेस के एसी कोच संख्या बी-2 के सीट संख्या 34 पर यात्रा कर रहे थे। उसके साथ उसकी पत्नी मीना कुमारी भी थीं।
यह सुपरफास्ट ट्रेन कानपुर रेलवे स्टेशन से निकली तभी मीना को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। मनोज ने पत्नी की हालत को देखते हुए टीटीई को जानकारी दी और अगले रेलवे स्टेशन पर चिकित्सक की मांग की।
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जानकारी मिलने पर नियंत्रण कक्ष के निर्देश पर ट्रेन को इटावा रेलवे स्टेशन पर रोकने के निर्देश दिए गए। ट्रेन जब तक इटावा रेलवे स्टेशन पर पहुंचती, उससे पहले ही महिला को प्रसव शुरू हो गया। ट्रेन में सफर कर रहीं महिला यात्रियों की मदद से ट्रेन में ही महिला ने बच्चे को जन्म दिया।
इस बीच बच्चे की नार फंस जाने से महिला की हालत बिगड़ने लगी। तब तक इटावा स्टेशन आ गया। यहां ट्रेन को रोककर महिला को प्राथमिक उपचार दिया गया। इस दौरान करीब 45 मिनट तक ट्रेन इटावा स्टेशन पर खड़ी रहने के बाद रवाना हुई।
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बताया गया है कि राजस्थान के अजमेर निवासी मनोज कुमार शनिवार देर शाम को सियालदाह-अजमेर एक्सप्रेस के एसी कोच संख्या बी-2 के सीट संख्या 34 पर यात्रा कर रहे थे। उसके साथ उसकी पत्नी मीना कुमारी भी थीं।
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यह सुपरफास्ट ट्रेन कानपुर रेलवे स्टेशन से निकली तभी मीना को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। मनोज ने पत्नी की हालत को देखते हुए टीटीई को जानकारी दी और अगले रेलवे स्टेशन पर चिकित्सक की मांग की।
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जानकारी मिलने पर नियंत्रण कक्ष के निर्देश पर ट्रेन को इटावा रेलवे स्टेशन पर रोकने के निर्देश दिए गए। ट्रेन जब तक इटावा रेलवे स्टेशन पर पहुंचती, उससे पहले ही महिला को प्रसव शुरू हो गया। ट्रेन में सफर कर रहीं महिला यात्रियों की मदद से ट्रेन में ही महिला ने बच्चे को जन्म दिया।
इस बीच बच्चे की नार फंस जाने से महिला की हालत बिगड़ने लगी। तब तक इटावा स्टेशन आ गया। यहां ट्रेन को रोककर महिला को प्राथमिक उपचार दिया गया। इस दौरान करीब 45 मिनट तक ट्रेन इटावा स्टेशन पर खड़ी रहने के बाद रवाना हुई।