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निकायों की सीमा से सटे गांवों की मतदाता सूची तलब
Updated Sun, 02 Jul 2017 11:22 PM IST
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नगर पालिका
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मैनपुरी। गांव और शहर दोनों स्थानों की मतदाता सूची में शामिल लोगों को चिन्हित करने के लिए चुनाव आयोग ने कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए प्रत्येक जिले से ऐसे गांवों की सूची मांगी गई है जो निकायों की सीमा से सटे हुए हैं। इसके बाद आयोग अपने स्तर पर उक्त गांवों और निकाय की मतदाता सूची का मिलान कराएगा। इसके बाद दोनों स्थानों पर नाम मिलने पर विलोपन का कार्य शुरू किया जाएगा।
निकायों के पास स्थित गांवों के लोग ग्राम सभा की मतदाता सूची के साथ ही निकायों की मतदाता सूची में भी नाम जुड़वा लेते हैं। जब पंचायत चुनाव होते हैं तो वे गांव में मतदान करते हैं। वहीं निकाय चुनाव होने पर वे शहर में मतदान करते हैं। ऐसे मतदाताओं को चिह्नित करने के लिए चुनाव आयोग ने प्रत्येक जिले से ऐसे गांवों की सूची मांगी है जो निकायों की सीमा से सटे हुए हैं। उक्त गांवों की सूची मिलने के बाद चुनाव आयोग निकाय और गांवों की मतदाता सूची के मिलान का काम अपने स्तर पर आन लाइन शुरू करेगा।
इस प्रक्रिया में यदि किसी व्यक्ति का नाम दोनों स्थानों पर मिलता है तो उसके बाद एक स्थान की मतदाता सूची से उसके नाम के विलोपन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विदित रहे कि जनसंख्या के अनुपात में मतदाता सूची में वोटरों की संख्या कहीं अधिक है। तमाम प्रयासों के बाद भी जनसंख्या और मतदाता सूची में मतदाताओं का अनुपात सही नहीं हो रहा है। इसके बाद चुनाव आयोग ने यह कदम उठाया है।
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50 से अधिक हैं गांव
जिले में एक नगर पालिका और आठ नगर पंचायत हैं। नगर पालिका के अलावा कुरावली, भोगांव, बेवर, कुसमरा, किशनी, करहल, घिरोर, ज्योंति नगर पंचायतें हैं। इन सभी की सीमा से लगे गांवों की संख्या 50 से अधिक है। इनके चिह्नांकन का कार्य अभी जारी है।
एडीएम बीराम का कहना है कि चुनाव आयोग के निर्देश पर निकायों की सीमा से लगे गांवों के चिह्नांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शीघ्र ही यह प्रक्रिया पूरी कर आयोग को उक्त गांवों की सूची भेज दी जाएगी।
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निकायों के पास स्थित गांवों के लोग ग्राम सभा की मतदाता सूची के साथ ही निकायों की मतदाता सूची में भी नाम जुड़वा लेते हैं। जब पंचायत चुनाव होते हैं तो वे गांव में मतदान करते हैं। वहीं निकाय चुनाव होने पर वे शहर में मतदान करते हैं। ऐसे मतदाताओं को चिह्नित करने के लिए चुनाव आयोग ने प्रत्येक जिले से ऐसे गांवों की सूची मांगी है जो निकायों की सीमा से सटे हुए हैं। उक्त गांवों की सूची मिलने के बाद चुनाव आयोग निकाय और गांवों की मतदाता सूची के मिलान का काम अपने स्तर पर आन लाइन शुरू करेगा।
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इस प्रक्रिया में यदि किसी व्यक्ति का नाम दोनों स्थानों पर मिलता है तो उसके बाद एक स्थान की मतदाता सूची से उसके नाम के विलोपन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विदित रहे कि जनसंख्या के अनुपात में मतदाता सूची में वोटरों की संख्या कहीं अधिक है। तमाम प्रयासों के बाद भी जनसंख्या और मतदाता सूची में मतदाताओं का अनुपात सही नहीं हो रहा है। इसके बाद चुनाव आयोग ने यह कदम उठाया है।
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50 से अधिक हैं गांव
जिले में एक नगर पालिका और आठ नगर पंचायत हैं। नगर पालिका के अलावा कुरावली, भोगांव, बेवर, कुसमरा, किशनी, करहल, घिरोर, ज्योंति नगर पंचायतें हैं। इन सभी की सीमा से लगे गांवों की संख्या 50 से अधिक है। इनके चिह्नांकन का कार्य अभी जारी है।
एडीएम बीराम का कहना है कि चुनाव आयोग के निर्देश पर निकायों की सीमा से लगे गांवों के चिह्नांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शीघ्र ही यह प्रक्रिया पूरी कर आयोग को उक्त गांवों की सूची भेज दी जाएगी।