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वेदपाठी भाइयों का हुआ था अपहरण, महिला समेत 3 गिरफ्तार
Updated Sun, 25 Jun 2017 12:02 AM IST
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- फोटो : Demo Pic
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मथुरा। कथावाचक मृदुलकांत शास्त्री के कलाकार (वेदपाठी) दोनों भाइयों को पुलिस ने छाता रेलवे फाटक के पास एक खेत से बरामद कर लिया है। पुलिस ने अपहरणकर्ता में एक दंपति समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि गांव बहेटा के ग्राम प्रधान समेत तीन अपहरणकर्ता फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि अपहरणकर्ता 15 करोड़ की फिरौती मांगने वाले थे।
वृंदावन के कैलाश नगर निवासी वेदपाठी भाई रविशंकर और नागेश मिश्रा 20 जून से लापता थे। दोनों के अपहरण का मुकदमा उसी दिन कोतवाली में दर्ज करा दिया गया था।
शनिवार को पुलिस ने रविशंकर और नागेश मिश्रा को बरामद कर लिया। इस खुलासे के लिए बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में बताया गया कि दोनों का अपहरण किया गया था। रविशंकर और नागेश मिश्रा को गोवर्धन चौराहा पर नवनिर्मित हास्पिटल के अनुष्ठान की बात कहकर बुलाया था। दोनों भाइयों को गाड़ी से लेने वृंदावन की ओमेक्स कालोनी निवासी विजय पांडेय उर्फ विष्णु स्वामी एवं उनकी पत्नी डा. रश्मि जोशी उर्फ अन्नू पहुंची थीं। 24 घंटे बीतने के बाद भी दोनों भाई वापस नहीं लौटे तो कथावाचक मृदुलकांत शास्त्री ने कोतवाली वृंदावन में अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया।
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एसएसपी विनोद कुमार मिश्र ने बताया स्वाट टीम प्रभारी हरवेंद्र मिश्रा एवं एसएसआई विनोद तोमर कि छाता के रेलवे फाटक के पास एक खेत से दोनों को मुक्त करा लिया है। दोनों से मिली जानकारी के बाद वृंदावन के गांव तोष निवासी नरेश एवं जन्मस्थान के पास से अपहरण के मास्टर माइंड विजय पांडेय एवं उसकी पत्नी डा. रश्मि को गिरफ्तार कर लिया गया। इस अपहरण में थाना शेरगढ़ के गांव बहेटा प्रधान चिरमोली एवं दो साथी भाग खड़े हुए। पुलिस टीम को पांच हजार रुपये के इनाम से पुरस्कृत किया गया है।
हांगकांग की यात्रा कर चुका है अपहरण का मास्टर माइंड
एसपी सिटी श्रवण कुमार सिंह एवं सीओ सदर अजय कुमार ने बताया कि अपहरण का मास्टरमाइंड विजय पांडेय हांगकांग आदि देश-विदेश का दौरा कर चुका है। काफी शातिर किस्म के इस युवक ने दोनों वेदपाठी भाइयों को अपहरण करने की योजना बनाई और उसमें पत्नी समेत प्रधान को शामिल कर अमलीजामा पहनाया। दोनों वेदपाठी भाइयों ने बचपन से कथावाचक मृदुलकांत शास्त्री के घर रहकर ही अनुष्ठान सीखे हैं। दोनों वेदपाठी चचेरे भाई चित्रकूट के रहने वाले हैं।
गले नहीं उतरा पुलिस का गुडवर्क
कैलाश नगर कॉलोनी से वेदपाटी भाइयों के अपहरण के मामले का शनिवार को भले ही मथुरा पुलिस ने खुलासा कर दिया हो, लेकिन पुलिस का खुलासा लोगों के गले नहीं उतर रहा है। मामले में जिस आरोपी डा. अन्नू को पुलिस उनके पति विजय पांडेय के साथ मथुरा से गिरफ्तार करने का दावा कर रही है, उसे लेकर बताया जा रहा है कि डा. अन्नू स्वयं को निर्दोष बताने के लिए 23 जून शुक्रवार की सुबह खुद ही पुलिस के पास पहुंची थी। इसके बाद वे दिन भर और पूरी रात महिला पुलिस की कस्टडी और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कोतवाली में ही रहीं। इसकी जानकारी शुक्रवार शाम कोतवाली पहुंचे धर्माचार्यों को भी है। ऐसे में डा. अन्नू की गिरफ्तारी कृष्ण जन्मभूमि के गेट नंबर 3 से दिखाए जाने की बात पर स्थानीय लोग प्रशभनचिंह लगा रहे है।
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वृंदावन के कैलाश नगर निवासी वेदपाठी भाई रविशंकर और नागेश मिश्रा 20 जून से लापता थे। दोनों के अपहरण का मुकदमा उसी दिन कोतवाली में दर्ज करा दिया गया था।
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शनिवार को पुलिस ने रविशंकर और नागेश मिश्रा को बरामद कर लिया। इस खुलासे के लिए बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में बताया गया कि दोनों का अपहरण किया गया था। रविशंकर और नागेश मिश्रा को गोवर्धन चौराहा पर नवनिर्मित हास्पिटल के अनुष्ठान की बात कहकर बुलाया था। दोनों भाइयों को गाड़ी से लेने वृंदावन की ओमेक्स कालोनी निवासी विजय पांडेय उर्फ विष्णु स्वामी एवं उनकी पत्नी डा. रश्मि जोशी उर्फ अन्नू पहुंची थीं। 24 घंटे बीतने के बाद भी दोनों भाई वापस नहीं लौटे तो कथावाचक मृदुलकांत शास्त्री ने कोतवाली वृंदावन में अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया।
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एसएसपी विनोद कुमार मिश्र ने बताया स्वाट टीम प्रभारी हरवेंद्र मिश्रा एवं एसएसआई विनोद तोमर कि छाता के रेलवे फाटक के पास एक खेत से दोनों को मुक्त करा लिया है। दोनों से मिली जानकारी के बाद वृंदावन के गांव तोष निवासी नरेश एवं जन्मस्थान के पास से अपहरण के मास्टर माइंड विजय पांडेय एवं उसकी पत्नी डा. रश्मि को गिरफ्तार कर लिया गया। इस अपहरण में थाना शेरगढ़ के गांव बहेटा प्रधान चिरमोली एवं दो साथी भाग खड़े हुए। पुलिस टीम को पांच हजार रुपये के इनाम से पुरस्कृत किया गया है।
हांगकांग की यात्रा कर चुका है अपहरण का मास्टर माइंड
एसपी सिटी श्रवण कुमार सिंह एवं सीओ सदर अजय कुमार ने बताया कि अपहरण का मास्टरमाइंड विजय पांडेय हांगकांग आदि देश-विदेश का दौरा कर चुका है। काफी शातिर किस्म के इस युवक ने दोनों वेदपाठी भाइयों को अपहरण करने की योजना बनाई और उसमें पत्नी समेत प्रधान को शामिल कर अमलीजामा पहनाया। दोनों वेदपाठी भाइयों ने बचपन से कथावाचक मृदुलकांत शास्त्री के घर रहकर ही अनुष्ठान सीखे हैं। दोनों वेदपाठी चचेरे भाई चित्रकूट के रहने वाले हैं।
गले नहीं उतरा पुलिस का गुडवर्क
कैलाश नगर कॉलोनी से वेदपाटी भाइयों के अपहरण के मामले का शनिवार को भले ही मथुरा पुलिस ने खुलासा कर दिया हो, लेकिन पुलिस का खुलासा लोगों के गले नहीं उतर रहा है। मामले में जिस आरोपी डा. अन्नू को पुलिस उनके पति विजय पांडेय के साथ मथुरा से गिरफ्तार करने का दावा कर रही है, उसे लेकर बताया जा रहा है कि डा. अन्नू स्वयं को निर्दोष बताने के लिए 23 जून शुक्रवार की सुबह खुद ही पुलिस के पास पहुंची थी। इसके बाद वे दिन भर और पूरी रात महिला पुलिस की कस्टडी और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कोतवाली में ही रहीं। इसकी जानकारी शुक्रवार शाम कोतवाली पहुंचे धर्माचार्यों को भी है। ऐसे में डा. अन्नू की गिरफ्तारी कृष्ण जन्मभूमि के गेट नंबर 3 से दिखाए जाने की बात पर स्थानीय लोग प्रशभनचिंह लगा रहे है।