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कर्मचारी ने माना ऑडियो में है उसकी आवाज, पीओ का इनकार
Updated Mon, 03 Dec 2018 10:21 PM IST
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मैनपुरी। जिला नगरीय विकास अभिकरण में प्रधानमंत्री आवासों में जमकर वसूली की गई। मामला तब सामने आया जब एक कर्मचारी का रुपये मांगने का ऑडियो वायरल हो गया। आरोपी कर्मचारी इस बात को स्वीकार कर रहा है कि ऑडियो उसका है, लेकिन वह किसी और मकसद से रुपये मांगने की बात कह रहा है। वहीं पीओ डूडा ये मानने को तैयार ही नहीं हैं कि ऑडियो में कर्मचारी की आवाज है।
डूडा में प्रधानमंत्री आवासों में फर्जीवाड़ा पहली बार नहीं हुआ है। बीते माह भी आवासों में घूस लेने के मामले में ही तीन कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा चुका है। इसके बाद भी डूडा कार्यालय में तैनात कर्मचारी दिलीप पटेल ने फोन पर एक लाभार्थी से किस्त के लिए 20 हजार रुपये की मांग की। इसका ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
जिले में शायद ही ऐसा कोई अधिकारी या कर्मचारी होगा, जिसने ये ऑडियो न सुना है। इसके बाद भी डूडा अब तक कार्रवाई नहीं कर रहा है। परियोजना अधिकारी डूडा इंदुबाला ये मानने को तैयार ही नहीं हैं कि वायरल ऑडियो में दिलीप पटेल की आवाज है। जबकि दिलीप पटेल खुद सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर चुके हैं कि ऑडियो उन्हीं का है, लेकिन वे किसी और मामले में रुपये मांग रहे थे।
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वे यही बात कहकर अपना बचाव करने में जुटे हुए हैं। पीओ डूडा का कहना है कि वे ऑडियो की जांच कराएंगी, तब ही वे मानेंगी कि ऑडियो में दिलीप की आवाज है। पीओ के इस बयान से लोग भी चिंता में हैं कि जब कर्मचारी अपना ऑडियो होने की बात स्वीकार कर रहा है तो पीओ डूडा उसे क्यों बचा रही हैं। बरहाल जो भी हो, लेकिन डूडा पर सबकी निगाहें लगी हुई हैं।
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डूडा में प्रधानमंत्री आवासों में फर्जीवाड़ा पहली बार नहीं हुआ है। बीते माह भी आवासों में घूस लेने के मामले में ही तीन कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा चुका है। इसके बाद भी डूडा कार्यालय में तैनात कर्मचारी दिलीप पटेल ने फोन पर एक लाभार्थी से किस्त के लिए 20 हजार रुपये की मांग की। इसका ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
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जिले में शायद ही ऐसा कोई अधिकारी या कर्मचारी होगा, जिसने ये ऑडियो न सुना है। इसके बाद भी डूडा अब तक कार्रवाई नहीं कर रहा है। परियोजना अधिकारी डूडा इंदुबाला ये मानने को तैयार ही नहीं हैं कि वायरल ऑडियो में दिलीप पटेल की आवाज है। जबकि दिलीप पटेल खुद सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर चुके हैं कि ऑडियो उन्हीं का है, लेकिन वे किसी और मामले में रुपये मांग रहे थे।
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वे यही बात कहकर अपना बचाव करने में जुटे हुए हैं। पीओ डूडा का कहना है कि वे ऑडियो की जांच कराएंगी, तब ही वे मानेंगी कि ऑडियो में दिलीप की आवाज है। पीओ के इस बयान से लोग भी चिंता में हैं कि जब कर्मचारी अपना ऑडियो होने की बात स्वीकार कर रहा है तो पीओ डूडा उसे क्यों बचा रही हैं। बरहाल जो भी हो, लेकिन डूडा पर सबकी निगाहें लगी हुई हैं।