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ऋषिकेश गईं दो बहनें गंगा में डूबी, लापता
Updated Thu, 18 Oct 2018 11:01 PM IST
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Ganga
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कासगंज। अमापुर के फकौता क्षेत्र से ऋषिकेश गई ममेरी फुफेरी बहनें लापता हो गई। उनके लापता हो जाने से परिजन काफी चिंतित हैं।
शिक्षक सत्यपाल निवासी तिकुरिया अमापुर अपने बच्चे का मुंडन संस्कार कराने के लिए 16 अक्तूबर को ऋषिकेश के लिए गए। उनके साथ में सुशीला पुत्री चरन सिंह व उसकी मां भगवान देवी निवासी फकौता, ममेरी बहन बब्ली पुत्री ज्ञान सिंह निवासी शाहपुर एटा व उसकी मां भी चली गई। मुंडन संस्कार के बाद सभी लोग गंगा स्नान करने लगे। इस बीच सुशीला व बब्ली गंगा के तेज बहाव में बहने लगी। उन्होंने अपनी मदद के लिए चीख पुकार मचाई, जबब तक लोग मदद के लिए पहुंचते दोनों बहने गंगा में डूबकर लापता हो गई। गोताखोरों ने दोनों बहनों की गंगा में काफी तलाश की लेकिन दोनों का पता नहीं चल सका। जब इस बात की जानकारी उनके अन्य परिवारीजनों को हुई तो वे भी ऋषिकेश पहुंच गए। लेकिन काफी प्रयास के बाद भी बहनों के न मिलने पर परिवारीजन वापस अपने गांव लौट आए। शिक्षक ने बताया कि वे अपने बच्चे के मुंडन संस्कार के लिए ऋषिकेश गए थे। उनके साथ ये सभी लोग भी गए। वे दूध लेने के लिए चले गए। इस बीच दोनों बहनें व उनकी मां गंगा में स्नान करने लगी। काफी प्रयास के बाद भी दोनों बहनों का गंगा में पता नहीं चल सका है।
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शिक्षक सत्यपाल निवासी तिकुरिया अमापुर अपने बच्चे का मुंडन संस्कार कराने के लिए 16 अक्तूबर को ऋषिकेश के लिए गए। उनके साथ में सुशीला पुत्री चरन सिंह व उसकी मां भगवान देवी निवासी फकौता, ममेरी बहन बब्ली पुत्री ज्ञान सिंह निवासी शाहपुर एटा व उसकी मां भी चली गई। मुंडन संस्कार के बाद सभी लोग गंगा स्नान करने लगे। इस बीच सुशीला व बब्ली गंगा के तेज बहाव में बहने लगी। उन्होंने अपनी मदद के लिए चीख पुकार मचाई, जबब तक लोग मदद के लिए पहुंचते दोनों बहने गंगा में डूबकर लापता हो गई। गोताखोरों ने दोनों बहनों की गंगा में काफी तलाश की लेकिन दोनों का पता नहीं चल सका। जब इस बात की जानकारी उनके अन्य परिवारीजनों को हुई तो वे भी ऋषिकेश पहुंच गए। लेकिन काफी प्रयास के बाद भी बहनों के न मिलने पर परिवारीजन वापस अपने गांव लौट आए। शिक्षक ने बताया कि वे अपने बच्चे के मुंडन संस्कार के लिए ऋषिकेश गए थे। उनके साथ ये सभी लोग भी गए। वे दूध लेने के लिए चले गए। इस बीच दोनों बहनें व उनकी मां गंगा में स्नान करने लगी। काफी प्रयास के बाद भी दोनों बहनों का गंगा में पता नहीं चल सका है।