फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   जलस्तर में गिरावट पर नहीं मिली राहत

जलस्तर में गिरावट पर नहीं मिली राहत

Fri, 07 Sep 2018 10:19 PM IST
Updated Fri, 07 Sep 2018 10:19 PM IST
विज्ञापन
जलस्तर में गिरावट पर नहीं मिली राहत
जलस्तर में गिरावट पर नहीं मिली राहत - फोटो : अमर उजाला
कासगंज। गंगा के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की गिरावट आने के बाद भी लोगों को कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। बाढ़ प्रभावित इलाकों से पानी की निकासी न होने से हालत बद से बदतर होते जा रहे हैं।
विज्ञापन

पिछले 13 दिनों से लगातार मीडियम फ्लड के हालात बने हुए हैं जो आज भी बरकरार हैं। अभी एक दो दिन और मीडियम फ्लड से मुक्ति मिलने की उम्मीद नहीं है। 26 अगस्त को 1.62 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज होते ही जिले में मीडियम फ्लड के हालात हो गए जो लगातार जारी हैं। शुक्रवार को भी 1.85 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बना हुआ था। अभी एक दो दिन और मीडियम फ्लड के हालात रहने की उम्मीद है। डेढ़ लाख क्यूसेक से कम डिस्चार्ज होने पर ही मीडियम फ्लड के हालातों से निजात मिलेगी, लेकिन लो फ्लड फिर भी बना रहेगा। बाढ़ प्रभावित गांव हंसी नगला, नगला जाटवान, बमनपुरा, अजीतनगर, किलौनी किसौल सहित बाढ़ प्रभावित अन्य गांव में संक्रामक बीमारियों ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। लोग बुखार, डायरिया, स्कीन डिसीज, गले के इंफेक्शन आदि के शिकार हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें बाढ़ के कारण जगह-जगह मार्ग कटे होने से सभी जगह नहीं पहुंच पा रहीं। गंगा की बाढ़ का पानी बूढ़ी गंगा की धार में भी आ चुका है। जहां से उस्मानपुर की पुलिया भी कट चुकी है। कई इलाकों में सड़क और पुलियों के यही हाल हैं। बाढ़ का पानी रहने के कारण मरम्मत का कार्य भी नहीं हो पा रहा। बाढ़ उतरे तो क्षतिग्रस्त मार्गों और पुलियों की मरम्मत हो सके। इससे आवागमन सुचारु हो। कादरगंज इलाके में गंगा की पैनी धार से कटान का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। जलस्तर और कम होने पर यहां कटान हो सकता है। इसको लेकर सिंचाई विभाग सतर्क है। लगातार निगरानी की जा रही है। लगातार बाढ़ के पानी में फसलें डूबी होने के कारण पीली पड़कर बर्बाद हो गई हैं। लोग लगातार पानी उतरने की प्रतिक्षा कर रहे हैं। जिससे जन जीवन पटरी पर आ सके।
विज्ञापन

डिस्चार्ज-
नरौरा- 185281 क्यूसेक
बिजनौर- 108236 क्यूसेक
हरिद्वार- 76685 क्यूसेक
कछला गेज- 163.60 मीटर के निशान पर।
- गंगा का डिस्चार्ज नरौरा से कम हुआ है। हालांकि अभी मीडियम फ्लड के हालात हैं, लेकिन बिजनौर और हरिद्वार का डिस्चार्ज कम हो रहा है। इससे जलस्तर में और कमी आएगी। बाढ़ पीड़ितों को और राहत मिलेगी। एके सिंह, सहायक बाढ़ प्रभारी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूर्व मंत्री ने किया बाढग़्रस्त इलाकों का दौरा
कासगंज। पूर्व मंत्री मान पाल सिंह ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में दौरा किया एवं पीड़ितों को बातचीत कर मदद का भरोसा दिया। पूर्व मंत्री ने कहा कि वे मदद के लिए जिलाधिकारी से वार्ता करेंगे। उन्होंने नगला जय किशन, नगला खना, राजेपुरकुर्रा, नगला हंसी, नगला गोवधी आदि इलाकों में दौरा किया। नेता मनोज यादव, विशाल कश्यप, चंद्रभान सिंह राजपूत, बृजपाल सिंह, पप्पू यादव आदि मौजूद रहे।


बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगाया स्वास्थ्य शिविर दी दवाएं
पटियाली। तहसीली क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों में तमाम बाढ़ पीड़ित बुखार, पेट दर्द, डायरिया आदि बीमारियों के शिकार हैं। गंजडुंडवारा के चिकित्सा अधीक्षक डा. मुकेश कुमार ने ग्राम नरदौली इलाके में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करके ग्रामीणों का परीक्षण कर दवाएं दीं। 100 से अधिक पीड़ितों को दवाईयों का वितरण किया गया। कुछ पीड़ितों को स्वास्थ्य केंद्र भी भेजा गया। एसडीएम धीरेंद्र सिंह के निर्देश पर स्वास्थ्य टीम गांव में पहुंची। इस दौरान डा. अमन मिश्रा, डा. राघवेंद्र, डा. मेघनशु आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed