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खाते में पड़े हैं कूड़ा संकलन को आए 64 लाख रुपये
Updated Wed, 01 Aug 2018 11:34 PM IST
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कूड़ा
- फोटो : अमर उजाला
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एटा। जिले में कूड़ा प्रबंधन का अभाव लोगों के लिए परेशानी बना हुआ है। लोग आए दिन गंदगी और कूड़े को लेकर आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। वहीं दूसरी ओर जिले की एक पालिका और पंचायत को कूड़े के संकलन के लिए शासन से मिली धनराशि खाते में बंद पड़ी है। जलेसर और अवागढ़ को मिले 64 लाख रुपये को 11 महीने बाद भी खर्च नहीं किया जा सका है। आलम यह है कि क्रय समिति के गठन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से कूड़ा प्रबंधन अटका हुआ है।
दरअसल, पिछले साल अक्तूबर माह में स्वच्छ भारत मिशन शहरी के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट मद से कूड़ा संकलन, संरक्षण और परिवहन के लिए जलेसर नगर पालिका को 45.36 लाख और अवागढ़ नगर पंचायत को 18.62 लाख रुपये दिए गए थे। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत क्रय समिति के जरिए राशि को खर्च किया जाना था। समिति में डीएम समेत निकाय के अधिकारियों के अलावा जल निगम की सीएंड डीएस संस्था के एक अधिकारी को नामित किया जाना था। समिति की प्रक्रिया में प्रशासन ने सीएंड डीएस को पत्र लिखकर कई बार अधिकारी का विवरण मांगा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके चलते क्षेत्र में कूड़ा संकलन को आए 64 लाख रुपये खाते में बंद पड़े हैं। अब देरी होने पर डीएम अमित किशोर ने सीएंड डीएस के निदेशक को पत्र लिखकर अधिकारी को नामित करने के लिए कहा है।
कूड़ा संकलन को क्रय की जानी है गाड़ियां
नगर निकाय को भेजी गई प्रथम किस्त से निकाय क्षेत्र के कूड़ा संकलन और परिवहन के लिए गाड़ियों का क्रय किया जाना है। इन गाड़ियों को जीपीएस से लैस किया जाएगा। साथ ही इनमें कूड़ा संकलन को अलग-अलग व्यवस्था होगी।
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इनका कहना है
कूड़े के प्रबंधन को मिली धनराशि के लिए क्रय समिति का गठन होना है। इसके लिए सीएंड डीएस के निदेशक को पत्र लिखकर अधिकारी नामित करने के लिए कहा गया है। अधिकारी नामित होते ही काम शुरू हो जाएगा।
धर्मेेंद्र सिंह, एडीएम प्रशासन
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दरअसल, पिछले साल अक्तूबर माह में स्वच्छ भारत मिशन शहरी के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट मद से कूड़ा संकलन, संरक्षण और परिवहन के लिए जलेसर नगर पालिका को 45.36 लाख और अवागढ़ नगर पंचायत को 18.62 लाख रुपये दिए गए थे। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत क्रय समिति के जरिए राशि को खर्च किया जाना था। समिति में डीएम समेत निकाय के अधिकारियों के अलावा जल निगम की सीएंड डीएस संस्था के एक अधिकारी को नामित किया जाना था। समिति की प्रक्रिया में प्रशासन ने सीएंड डीएस को पत्र लिखकर कई बार अधिकारी का विवरण मांगा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके चलते क्षेत्र में कूड़ा संकलन को आए 64 लाख रुपये खाते में बंद पड़े हैं। अब देरी होने पर डीएम अमित किशोर ने सीएंड डीएस के निदेशक को पत्र लिखकर अधिकारी को नामित करने के लिए कहा है।
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कूड़ा संकलन को क्रय की जानी है गाड़ियां
नगर निकाय को भेजी गई प्रथम किस्त से निकाय क्षेत्र के कूड़ा संकलन और परिवहन के लिए गाड़ियों का क्रय किया जाना है। इन गाड़ियों को जीपीएस से लैस किया जाएगा। साथ ही इनमें कूड़ा संकलन को अलग-अलग व्यवस्था होगी।
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इनका कहना है
कूड़े के प्रबंधन को मिली धनराशि के लिए क्रय समिति का गठन होना है। इसके लिए सीएंड डीएस के निदेशक को पत्र लिखकर अधिकारी नामित करने के लिए कहा गया है। अधिकारी नामित होते ही काम शुरू हो जाएगा।
धर्मेेंद्र सिंह, एडीएम प्रशासन