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रोते हुए महिलाकर्मी बोली, साहब तो क्या मैं जहर खा लूं
Updated Thu, 05 Apr 2018 07:11 PM IST
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फोटो
रोते हुए महिलाकर्मी बोली, साहब तो क्या मैं जहर खा लूं
जिला महिला अस्पताल में एनएचएम महिला कर्मी ने मानदेय रोकने पर लगाए गंभीर आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
मथुरा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला महिला अस्पताल में डेटा आपरेटर के पद पर तैनात सविता शर्मा उस वक्त फफक-फफक कर रो पड़ीं जब पता चला कि उसका मानदेय फिर रोक लिया गया है तो बोलीं, क्या करूं। अब जहर खा लूं। निरंतर काम करने के बाद मानदेय भी नहीं मिल रहा है।
गुरुवार को सीएमएस डॉ. बी लाल के समक्ष रो-रोकर अपनी व्यथा सुनाते हुए सविता शर्मा ने कहा कि अप्रैल में बच्चों की पढ़ाई शुरू हो गई। अब स्कूल की फीस जमा करनी है। किताब कापियां खरीदनी हैं। यूनीफार्म लेनी हैं, लेकिन काम करने के बाद यहां मानदेय भी नहीं दिया जा रहा है। उम्मीद तो थी कि सरकार ने इस बार रायल्टी बोनस दिया है। इसे मिलने से काम चल जाएगा, लेकिन अब तो मानदेय भी रोक दिया है। सविता शर्मा बोलीं यह मेरे साथ ही नहीं, जिला महिला अस्पताल में एनएसएम अंतर्गत काम कर रहे अधिकांश कर्मचारियों के साथ हो रहा है। तीन-तीन माह बाद मानदेय मिल रहा है, जो पैसा नहीं देता है, उसी का मानदेय रोका जाता है। इसका सीधा आरोप जिला महिला अस्पताल में सीएमएस द्वारा अधिकृत किए गए बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. किशोर माथुर पर लगाया।
सविता शर्मा की उपस्थिति जाने से रह गई थी। इसके कारण मानदेय नहीं जारी हो सका। जिस चिकित्सक पर वह आरोप लगा रही हैं, उनसे मौखिक स्पष्टीकरण लिया गया है तो उन्होंने इससे इंकार कर दिया है।
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- डॉ. बी लाल, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल मथुरा
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रोते हुए महिलाकर्मी बोली, साहब तो क्या मैं जहर खा लूं
जिला महिला अस्पताल में एनएचएम महिला कर्मी ने मानदेय रोकने पर लगाए गंभीर आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
मथुरा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला महिला अस्पताल में डेटा आपरेटर के पद पर तैनात सविता शर्मा उस वक्त फफक-फफक कर रो पड़ीं जब पता चला कि उसका मानदेय फिर रोक लिया गया है तो बोलीं, क्या करूं। अब जहर खा लूं। निरंतर काम करने के बाद मानदेय भी नहीं मिल रहा है।
गुरुवार को सीएमएस डॉ. बी लाल के समक्ष रो-रोकर अपनी व्यथा सुनाते हुए सविता शर्मा ने कहा कि अप्रैल में बच्चों की पढ़ाई शुरू हो गई। अब स्कूल की फीस जमा करनी है। किताब कापियां खरीदनी हैं। यूनीफार्म लेनी हैं, लेकिन काम करने के बाद यहां मानदेय भी नहीं दिया जा रहा है। उम्मीद तो थी कि सरकार ने इस बार रायल्टी बोनस दिया है। इसे मिलने से काम चल जाएगा, लेकिन अब तो मानदेय भी रोक दिया है। सविता शर्मा बोलीं यह मेरे साथ ही नहीं, जिला महिला अस्पताल में एनएसएम अंतर्गत काम कर रहे अधिकांश कर्मचारियों के साथ हो रहा है। तीन-तीन माह बाद मानदेय मिल रहा है, जो पैसा नहीं देता है, उसी का मानदेय रोका जाता है। इसका सीधा आरोप जिला महिला अस्पताल में सीएमएस द्वारा अधिकृत किए गए बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. किशोर माथुर पर लगाया।
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सविता शर्मा की उपस्थिति जाने से रह गई थी। इसके कारण मानदेय नहीं जारी हो सका। जिस चिकित्सक पर वह आरोप लगा रही हैं, उनसे मौखिक स्पष्टीकरण लिया गया है तो उन्होंने इससे इंकार कर दिया है।
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- डॉ. बी लाल, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल मथुरा