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जमानतगीर को ही बैंक ने बना दिया कर्जदार
Updated Mon, 29 Jan 2018 11:51 PM IST
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आलीपुर खेड़ा। ढाई साल पहले दुकान के लिए कराए गए लोन के मामले में बैंक ने जमानतगीर को ही कर्जदार बना दिया है। लोन की वसूली के लिए कर्मचारी उसके घर के चक्कर लगा रहे हैं। पीड़ित ने डीएम से न्याय दिलाने की मांग की है।
आर्यावर्त ग्रामीण बैंक से आलीपुर खेड़ा निवासी कैलाश ने 30 सितंबर 2015 को दुकान चलाने के लिए 50 हजार रुपये का लोन लिया था।
अदायगी नहीं होने पर कर्मचारियों ने जब कैलाश से संपर्क किया तो पता चला वह दिल्ली में रहने लगा है। कर्मचारियों ने जमानतगीर चांद मियां निवासी आलीपुर खेड़ा को नोटिस भेजकर तत्काल लोन जमा करने की हिदायत दी। उसने बैंक पहुंचकर शाखा प्रबंधक से संपर्क किया तो प्रबंधक ने जल्द से जल्द धन जमा करने की बात कही। रुपया जमा नहीं होने पर जेल भेजने की धमकी दी।
चांद मियां का कहना है उससे केवल हस्ताक्षर कराए गए थे। जमीन के कोई कागज जमा नहीं कराए गए थे। उसका आरेाप है बैंक कर्मचारी बकायेदार के पास नोटिस नही भेज रहे हैं। उस पर ही धन जमा करने का दबाव बना रहे हैं। लोन लेने वाले की संपत्ति से वसूली नहीं की जा रही है। उसने डीएम से न्याय दिलाने की मांग की है।
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आर्यावर्त ग्रामीण बैंक से आलीपुर खेड़ा निवासी कैलाश ने 30 सितंबर 2015 को दुकान चलाने के लिए 50 हजार रुपये का लोन लिया था।
अदायगी नहीं होने पर कर्मचारियों ने जब कैलाश से संपर्क किया तो पता चला वह दिल्ली में रहने लगा है। कर्मचारियों ने जमानतगीर चांद मियां निवासी आलीपुर खेड़ा को नोटिस भेजकर तत्काल लोन जमा करने की हिदायत दी। उसने बैंक पहुंचकर शाखा प्रबंधक से संपर्क किया तो प्रबंधक ने जल्द से जल्द धन जमा करने की बात कही। रुपया जमा नहीं होने पर जेल भेजने की धमकी दी।
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चांद मियां का कहना है उससे केवल हस्ताक्षर कराए गए थे। जमीन के कोई कागज जमा नहीं कराए गए थे। उसका आरेाप है बैंक कर्मचारी बकायेदार के पास नोटिस नही भेज रहे हैं। उस पर ही धन जमा करने का दबाव बना रहे हैं। लोन लेने वाले की संपत्ति से वसूली नहीं की जा रही है। उसने डीएम से न्याय दिलाने की मांग की है।
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