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सर्दी के सितम से कांप उठे लोग
Updated Tue, 02 Jan 2018 11:37 PM IST
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बर्फीली हवाओं
- फोटो : amar ujala
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मैनपुरी। जिले में न्यूनतम तापमान 06 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है और हवाएं 08 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं। इससे शीत का प्रकोप और बढ़ गया है। लोग सर्दी के सितम से सिहर उठे। उन्होंने अलाव का सहारा लिया। इस दौरान बाजार में आम दिनों की अपेक्षा लोगों की संख्या कम रही।
वहीं, आकाश में घने बादल छाए रहने से किसानों की धड़कने बढ़ी हुई नजर आ रही हैं। बारिश के कारण फसल में होने वाले नुकसान की चिंता उन्हें सता रही है। वहीं, उन किसानों के चेहरे पर खुशी नजर आ रही है, जिनकी फसल में पानी देने का वक्त आ गया है।
नया साल शुरू होने के साथ ही सर्दी ने भी अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को भी आकाश में घने बादल छाए रहे। पूरे दिन धूप नहीं निकलने से किसानों को फसल में पैदावार कम होने की चिंता सताने लगी है।
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कई किसानों का कहना है कि बारिश नहीं होनी चाहिए। बारिश होने से खेती में नुकसान होने की संभावना बढ़ जाएगी। किसाना भूपेंद्र ने बताया कि अभी कई खेतों में गेहूं की फसल देरी से रोपी गई है। उनका पौधा निकलना अभी बाकी है।
ऐसे में बारिश हो जाती है तो खेत की मिट्टी कड़क हो जाएगी। इस कारण गेहूं का पौधा नहीं निकल सकेगा। उन्होंने बताया कि अभी बारिश होने से किसानों के खेत में पैदावार निश्चित रूप से कम हो जाएगी। किसान अशोक कुमार का कहना है कि खेतों में बोई गई गेहूं की फसल काफी छोटी है। उसे बढ़ने के धूप मिलना जरूरी है। लेकिन दो दिनों से धूप नहीं निकलने से भी खेती पर प्रभाव पड़ रहा है।
गेहूं की फसल के लिए अभी धूप जरूरी है। धूप नहीं निकलने से पौधा छोटा रह जाएगा। वहीं खेत में पैदावार पर भी असर पड़ेगा।
जगदीश मिश्रा, कृषि वैज्ञानिक
गलन ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें
आकाश में घने बादलों के बीच गलन और शीतलहर ने लोगों के जन-जीवन को प्रभावित कर दिया है। मंगलवार को भी गलन भरा दिन रहा। लोग अपने घरों में कैद रहे। इस दौरान अलाव तापकर लोगों ने अपने शरीर को गर्म किया।
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वहीं, आकाश में घने बादल छाए रहने से किसानों की धड़कने बढ़ी हुई नजर आ रही हैं। बारिश के कारण फसल में होने वाले नुकसान की चिंता उन्हें सता रही है। वहीं, उन किसानों के चेहरे पर खुशी नजर आ रही है, जिनकी फसल में पानी देने का वक्त आ गया है।
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नया साल शुरू होने के साथ ही सर्दी ने भी अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को भी आकाश में घने बादल छाए रहे। पूरे दिन धूप नहीं निकलने से किसानों को फसल में पैदावार कम होने की चिंता सताने लगी है।
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कई किसानों का कहना है कि बारिश नहीं होनी चाहिए। बारिश होने से खेती में नुकसान होने की संभावना बढ़ जाएगी। किसाना भूपेंद्र ने बताया कि अभी कई खेतों में गेहूं की फसल देरी से रोपी गई है। उनका पौधा निकलना अभी बाकी है।
ऐसे में बारिश हो जाती है तो खेत की मिट्टी कड़क हो जाएगी। इस कारण गेहूं का पौधा नहीं निकल सकेगा। उन्होंने बताया कि अभी बारिश होने से किसानों के खेत में पैदावार निश्चित रूप से कम हो जाएगी। किसान अशोक कुमार का कहना है कि खेतों में बोई गई गेहूं की फसल काफी छोटी है। उसे बढ़ने के धूप मिलना जरूरी है। लेकिन दो दिनों से धूप नहीं निकलने से भी खेती पर प्रभाव पड़ रहा है।
गेहूं की फसल के लिए अभी धूप जरूरी है। धूप नहीं निकलने से पौधा छोटा रह जाएगा। वहीं खेत में पैदावार पर भी असर पड़ेगा।
जगदीश मिश्रा, कृषि वैज्ञानिक
गलन ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें
आकाश में घने बादलों के बीच गलन और शीतलहर ने लोगों के जन-जीवन को प्रभावित कर दिया है। मंगलवार को भी गलन भरा दिन रहा। लोग अपने घरों में कैद रहे। इस दौरान अलाव तापकर लोगों ने अपने शरीर को गर्म किया।