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बंदी भाइयों का टीका करने को बहनों को करने पड़े जतन
Updated Sat, 21 Oct 2017 10:24 PM IST
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आगरा। भाई दूज पर बंदी भाइयों का टीका करने के लिए जिला और केंद्रीय कारागार में शनिवार को बहनों की भीड़ लगी रही। जिला कारागार में बहनों को भाइयों से मिलने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा और अव्यवस्थाओं से परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिला कारागार में बंदी भाइयों का टीका करने के लिए शनिवार सुबह आठ बजे से ही महिलाओं का आना शुरू हो गया था। मुख्य द्वार के पास लाइन लगाकर पर्ची दी जा रही थी। इसके बाद महिलाओं को मुहर लगवाने के लिए लाइन में लगना पड़ रहा था। काफी देर बाद एक कर्मचारी नाम बोलकर पर्ची बांट रहा था। महिलाओं के बैठने के लिए उचित इंतजाम नहीं किए गए थे। जेल में प्रवेश के लिए लाइन में घंटों लगना पड़ा।
जेल अधीक्षक शशिकांत मिश्रा के मुताबिक, शाम 3:30 बजे तक पांच शिफ्ट में 823 बंदियों से मिलने के लिए 1644 महिलाएं आईं। इनके अलावा बच्चे भी आए थे। नियमानुसार मिलाई कराई गई। पुरुषों के प्रवेश पर प्रतिबंध था। वहीं केंद्रीय कारागार के अधीक्षक ने बताया कि 170 बंदियों से मिलने के लिए 450 महिलाएं आईं। चेकिंग के बाद ही सभी को अंदर जाने दिया गया।
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घर की मिठाई नहीं गई तो मायूस हुईं बहना
जिला और केंद्रीय कारागार में उन बहनों को मायूस होना पड़ा, जो घर की बनी हुई मिठाई लेकर आईं थीं। जेल कर्मचारियों ने घर की बनी मिठाई को नहीं ले जाने दिया। जेल के अंदर पैक मिठाई ही जाने दी गई। इसके अलावा किसी तरह का सामान नहीं ले जाने दिया गया। इटावा की बहनों का कहना था कि वह भाई की पसंद के पेड़े बनाकर लाए थे। मगर, उन्हें पेड़े नहीं ले जाने दिए गए।
केंद्रीय कारागार पर लगाई गई पीएसी
केंद्रीय कारागार पर सुरक्षा के लिए पीएसी लगाई गई थी। पीएसी कर्मी सामान की चेकिंग कर रहे थे। इसके अलावा जिला कारागार पर हरीपर्वत पुलिस को तैनात किया गया था।
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जिला कारागार में बंदी भाइयों का टीका करने के लिए शनिवार सुबह आठ बजे से ही महिलाओं का आना शुरू हो गया था। मुख्य द्वार के पास लाइन लगाकर पर्ची दी जा रही थी। इसके बाद महिलाओं को मुहर लगवाने के लिए लाइन में लगना पड़ रहा था। काफी देर बाद एक कर्मचारी नाम बोलकर पर्ची बांट रहा था। महिलाओं के बैठने के लिए उचित इंतजाम नहीं किए गए थे। जेल में प्रवेश के लिए लाइन में घंटों लगना पड़ा।
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जेल अधीक्षक शशिकांत मिश्रा के मुताबिक, शाम 3:30 बजे तक पांच शिफ्ट में 823 बंदियों से मिलने के लिए 1644 महिलाएं आईं। इनके अलावा बच्चे भी आए थे। नियमानुसार मिलाई कराई गई। पुरुषों के प्रवेश पर प्रतिबंध था। वहीं केंद्रीय कारागार के अधीक्षक ने बताया कि 170 बंदियों से मिलने के लिए 450 महिलाएं आईं। चेकिंग के बाद ही सभी को अंदर जाने दिया गया।
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घर की मिठाई नहीं गई तो मायूस हुईं बहना
जिला और केंद्रीय कारागार में उन बहनों को मायूस होना पड़ा, जो घर की बनी हुई मिठाई लेकर आईं थीं। जेल कर्मचारियों ने घर की बनी मिठाई को नहीं ले जाने दिया। जेल के अंदर पैक मिठाई ही जाने दी गई। इसके अलावा किसी तरह का सामान नहीं ले जाने दिया गया। इटावा की बहनों का कहना था कि वह भाई की पसंद के पेड़े बनाकर लाए थे। मगर, उन्हें पेड़े नहीं ले जाने दिए गए।
केंद्रीय कारागार पर लगाई गई पीएसी
केंद्रीय कारागार पर सुरक्षा के लिए पीएसी लगाई गई थी। पीएसी कर्मी सामान की चेकिंग कर रहे थे। इसके अलावा जिला कारागार पर हरीपर्वत पुलिस को तैनात किया गया था।