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चूड़ी पर भी जीएसटी की मार
Updated Sat, 08 Jul 2017 11:45 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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फिरोजाबाद। सुहागनगरी के परंपरागत चूड़ी उद्योग को वैसे तो जीएसटी में पूरी तरह कर मुक्त रखा गया है। चूड़ी बनाने में प्रयोग होने वाले कच्चे माल एवं केमिकल पर टैक्स बढ़ने से आने वाले दिनों में चूड़ी पर भी महंगाई की मार पड़ सकती है।
कांच की रंग-बिरंग चूड़ियां महिलाओं की पहली पसंद है। फिरोजाबाद में बनने वाली कांच की चूड़ियाें की देश-विदेश में बिक्री होती है। परंगरागत चूड़ी उद्योग को अभी तक सभी तरह के टैक्स में करमुक्त रखा गया है।
जीएसटी लागू होने के बाद भी कांच की चूड़ी कर मुक्त है। केंद्र सरकार ने जीएसटी में भले ही चूड़ी उद्योग को बड़ी राहत दी है, परंतु उन पर भी टैक्स का बोझ बढ़ गया है। उद्यमियों का कहना है कि गुजरात व राजस्थान से आने वाले कच्चे माल व केमीकल पर अबतक हमें मात्र पांच प्रतिशत ही टैक्स देना पड़ता था।
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जीएसटी लागू होने के बाद यह टैक्स बढ़कर 18 प्रशित पहुंच गया है। कच्चे माल व केमीकल पर टैक्स की रेट अधिक होने के कारण आने वाले दिनों में चूड़ियां भी महंगाई होंगी।
जीएसटी लागू होने के बाद उद्यमी इस आंकलन में जुटे हैं कि आखिर कच्चे माल व केमीकल पर टैक्स की रेट बढ़ने के बाद चूड़ियाें पर कितने रेट बढ़ाए जा सकते हैं। इधर जीएसटी लागू होने के बाद केमीकल कंपनियों ने नया स्टॉक भी बाजार में नहीं उतारा है। ऐसे में उद्यमी कच्चे माल व केमीकल के पुराने स्टॉक का प्रयोग कर रहे है।
जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों को आने वाली शिकायतों के निस्तारण के लिए वणिज्य कर विभाग में हेल्प डेस्क बनाई गई, जो 24 घंटे कार्यरत है। कार्य दिवस के साथ यह अवकाश के दिनों भी निरंतर कर रही है, जिससे अधिक से अधिक व्यापारियों की समस्या का समाधान हो सके।
नोडल अधिकारी अंबुज सिंह ने बताया कि हेल्प डेस्क पर प्रतिदिन 40 से 50 शिकायतें आ रही हैं। इसमें अधिकांश शिकायतें आईडी पासवर्ड न मिलने, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की समस्या के संबंध में आ रही हैं।
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कांच की रंग-बिरंग चूड़ियां महिलाओं की पहली पसंद है। फिरोजाबाद में बनने वाली कांच की चूड़ियाें की देश-विदेश में बिक्री होती है। परंगरागत चूड़ी उद्योग को अभी तक सभी तरह के टैक्स में करमुक्त रखा गया है।
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जीएसटी लागू होने के बाद भी कांच की चूड़ी कर मुक्त है। केंद्र सरकार ने जीएसटी में भले ही चूड़ी उद्योग को बड़ी राहत दी है, परंतु उन पर भी टैक्स का बोझ बढ़ गया है। उद्यमियों का कहना है कि गुजरात व राजस्थान से आने वाले कच्चे माल व केमीकल पर अबतक हमें मात्र पांच प्रतिशत ही टैक्स देना पड़ता था।
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जीएसटी लागू होने के बाद यह टैक्स बढ़कर 18 प्रशित पहुंच गया है। कच्चे माल व केमीकल पर टैक्स की रेट अधिक होने के कारण आने वाले दिनों में चूड़ियां भी महंगाई होंगी।
जीएसटी लागू होने के बाद उद्यमी इस आंकलन में जुटे हैं कि आखिर कच्चे माल व केमीकल पर टैक्स की रेट बढ़ने के बाद चूड़ियाें पर कितने रेट बढ़ाए जा सकते हैं। इधर जीएसटी लागू होने के बाद केमीकल कंपनियों ने नया स्टॉक भी बाजार में नहीं उतारा है। ऐसे में उद्यमी कच्चे माल व केमीकल के पुराने स्टॉक का प्रयोग कर रहे है।
जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों को आने वाली शिकायतों के निस्तारण के लिए वणिज्य कर विभाग में हेल्प डेस्क बनाई गई, जो 24 घंटे कार्यरत है। कार्य दिवस के साथ यह अवकाश के दिनों भी निरंतर कर रही है, जिससे अधिक से अधिक व्यापारियों की समस्या का समाधान हो सके।
नोडल अधिकारी अंबुज सिंह ने बताया कि हेल्प डेस्क पर प्रतिदिन 40 से 50 शिकायतें आ रही हैं। इसमें अधिकांश शिकायतें आईडी पासवर्ड न मिलने, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की समस्या के संबंध में आ रही हैं।