{"_id":"5c990ff8bdec22143c035357","slug":"101553534968-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक भाषण से ही जीत लिया था नेताजी ने चुनाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक भाषण से ही जीत लिया था नेताजी ने चुनाव
विज्ञापन
leader
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। चुनावी भाषण जितने आज तल्ख दिखते हैं उतने ही पहले भी हुआ करते थे। देश में हुए तीसरे आम चुनाव में एटा सीट पर चुनाव लड़े सेठ विशनचंद्र ने एक भाषण से ही पूरा चुनाव अपनी तरफ मोड़ लिया था और जीत भी हासिल की थी। उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि कोई मुस्लिम मेरे डिब्बे में वोट न डाले। ऐसा किया तो डिब्बे गंगा जी में बहाने पड़ेंगे।
बुजुर्ग बताते हैं कि सन 1962 के लोकसभा चुनाव में हिंदू महासभा से एटा में सेठ विशन चंद्र ने चुनाव लड़ा था, जो शाहजहांपुर जिले के रहने वाले थे। बताते हैं कि शहर के मेहता पार्क में एक सभा आयोजित हुई थी। इस सभा को संबोधित करते हुए खड़े हुए प्रत्याशी विशन चंद्र ने साफ कहा कि मुसलमान मुझे वोट न दें और न ही मेरे डिब्बों से हाथ लगाएं। यदि डिब्बा को हाथ लगाया तो वह अपवित्र हो जाएंगे और उन्हें गंगाजी में बहाना पड़ेगा। यह बात मुसलमानों को इस कदर चुभी कि उन्होंने वोट सेठ विशनचंद्र को ही दिया, बोले कितने डिब्बे गंगाजी में बहाओगे, बहाकर दिखाओ और उनके चुनाव चिन्ह पर धड़ाधड़ वोट डाले। जब परिणाम आया तो सेठ विशन चंद्र ही चुनाव जीते। यह चुनाव काफी रोचक व सुर्खियों में रहा। उस समय के चश्मदीद लोग आज भी यह चर्चा करते थकते नहीं हैं। कहते हैं यदि आज ऐसा कोई कह दे तो तलवार निकल आएंगी, लेकिन पहले की बात अलग थी। लोग इसे अपनी इज्जत का सवाल मानते थे। शहर के बुजुर्ग रफाकत अली कहते हैं कि यह बात सही है कि उस समय हुए चुनाव के दौरान सेठ विशन चंद्र ने यह बात कहकर चुनाव अपनी ओर कर लिया था। मुसलमानों ने भी उन्हें अच्छे खासे वोट दिए थे।
विज्ञापन
बुजुर्ग बताते हैं कि सन 1962 के लोकसभा चुनाव में हिंदू महासभा से एटा में सेठ विशन चंद्र ने चुनाव लड़ा था, जो शाहजहांपुर जिले के रहने वाले थे। बताते हैं कि शहर के मेहता पार्क में एक सभा आयोजित हुई थी। इस सभा को संबोधित करते हुए खड़े हुए प्रत्याशी विशन चंद्र ने साफ कहा कि मुसलमान मुझे वोट न दें और न ही मेरे डिब्बों से हाथ लगाएं। यदि डिब्बा को हाथ लगाया तो वह अपवित्र हो जाएंगे और उन्हें गंगाजी में बहाना पड़ेगा। यह बात मुसलमानों को इस कदर चुभी कि उन्होंने वोट सेठ विशनचंद्र को ही दिया, बोले कितने डिब्बे गंगाजी में बहाओगे, बहाकर दिखाओ और उनके चुनाव चिन्ह पर धड़ाधड़ वोट डाले। जब परिणाम आया तो सेठ विशन चंद्र ही चुनाव जीते। यह चुनाव काफी रोचक व सुर्खियों में रहा। उस समय के चश्मदीद लोग आज भी यह चर्चा करते थकते नहीं हैं। कहते हैं यदि आज ऐसा कोई कह दे तो तलवार निकल आएंगी, लेकिन पहले की बात अलग थी। लोग इसे अपनी इज्जत का सवाल मानते थे। शहर के बुजुर्ग रफाकत अली कहते हैं कि यह बात सही है कि उस समय हुए चुनाव के दौरान सेठ विशन चंद्र ने यह बात कहकर चुनाव अपनी ओर कर लिया था। मुसलमानों ने भी उन्हें अच्छे खासे वोट दिए थे।
विज्ञापन