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मृत बालक को जीवित करने के लिए की तांत्रिक क्रिया
Updated Thu, 28 Jun 2018 11:32 PM IST
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फिरोजाबाद। दो माह के बालक को उपचार के लिए ट्रामा सेंटर लाए। चिकित्सक द्वारा मृत घोषित करने के बाद उसे सौ शैय्या अस्पताल की ओर ले गए। यहां बाल रोग विशेषज्ञ डा. एलके गुप्ता को दिखाया। उन्होंने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। लेकिन अंधविश्वास के चलतेलोग उसे तांत्रिक के पास ले गए लेकिन पुलिस के पहुंचने से पूर्व ही तांत्रिक गायब हो गया।
गुरुवार दोपहर एक बजे दो माह के बच्चे को कपड़ों में लपेटकर कुछ लोग पहले तो सीधे सरकारी ट्रॉमा सेंटर पर पहुंचे। यहां मौजूद चिकित्सक ने बच्चे को देखा तो वह मृत था। लेकिन परिजनों को विश्वास नहीं हो रहा था।उनका तो रुख सीधे सौ सैय्या अस्पताल की ओर हो गया। उन्होंनें बाहर मौजूद मिले डा.एलके गुप्ता को दिखाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि मैं अपने कक्ष में जांच करूंगा। उन्होंने कक्ष में जाकर बच्चे को देखा तो उन्होंने मृत घोषित कर दिया।
परिवार के लोगों ने तांत्रिक बुला लिया। तांत्रिक ने तंत्र क्रिया को करना शुरू कर दिया। इसे देखते ही मौके पर भीड़ एकत्रित हो गई। इसकी भनक अस्पताल चौकी पर तैनात उप निरीक्षक चरन सिंह एवं कांस्टेबिल आदेश कुमार को हुई। दोनों मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक वह गायब हो चुके थे।यह मामला जिला अस्पताल में चरचा का विषय बना रहा। डा. एलके गुप्ता ने कहा कि दो माह का एक बच्चा लेकर कुछ लोग आए थे। मृत घोषित किए जाने के बाद वह तांत्रिक से ठीक कराने की बात कह रहे थे।
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गुरुवार दोपहर एक बजे दो माह के बच्चे को कपड़ों में लपेटकर कुछ लोग पहले तो सीधे सरकारी ट्रॉमा सेंटर पर पहुंचे। यहां मौजूद चिकित्सक ने बच्चे को देखा तो वह मृत था। लेकिन परिजनों को विश्वास नहीं हो रहा था।उनका तो रुख सीधे सौ सैय्या अस्पताल की ओर हो गया। उन्होंनें बाहर मौजूद मिले डा.एलके गुप्ता को दिखाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि मैं अपने कक्ष में जांच करूंगा। उन्होंने कक्ष में जाकर बच्चे को देखा तो उन्होंने मृत घोषित कर दिया।
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परिवार के लोगों ने तांत्रिक बुला लिया। तांत्रिक ने तंत्र क्रिया को करना शुरू कर दिया। इसे देखते ही मौके पर भीड़ एकत्रित हो गई। इसकी भनक अस्पताल चौकी पर तैनात उप निरीक्षक चरन सिंह एवं कांस्टेबिल आदेश कुमार को हुई। दोनों मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक वह गायब हो चुके थे।यह मामला जिला अस्पताल में चरचा का विषय बना रहा। डा. एलके गुप्ता ने कहा कि दो माह का एक बच्चा लेकर कुछ लोग आए थे। मृत घोषित किए जाने के बाद वह तांत्रिक से ठीक कराने की बात कह रहे थे।
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