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बारिश होते ही भीग जाएगा 4479 एमटी गेहूं
Updated Thu, 07 Jun 2018 11:06 PM IST
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पटवाई के मथुरापुर पर पीसीएफ के केंद्र पर खुले में पड़ा गेहूं । अमर उजाला
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कासगंज।
मानसून का मौसम आ चुका है। जिले में कभी भी बारिश शुरू हो सकती है। मौसम विभाग ने भी शुक्रवार को आंधी बारिश का अलर्ट जारी कर रखा है। इन सब के बीच गेहूं के भंडारण को गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। करोड़ों रुपये का गेहूं क्रय केंद्रों पर खुले में पड़ा है। बारिश होने के साथ ही यह गेहूं भीग जाएगा।
जिले में इस बार अच्छी गेहूं की खरीद हुई है। अब तक 35069.25 मीट्रिंक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। जिले में गेहूं के भंडारण के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है। विभाग ने अपने गोदाम में लगभग 9000 मीट्रिक टन गेहूं का भंडारण कर लिया। इसके बाद गोदाम भर गया। गेहूं के भंडारण के लिए अन्य जनपदों से संपर्क साधा गया। बदायूं के उझानी में 4500 एमटी भंडारण हो गया। इसके बाद यहां से भी भंडारण के लिए इंकार कर दिया गया। एटा में भी अब तक 17000 एमटी से अधिक का गेहूं भंडारित हो चुका है। ऐसे में एटाने भी कासगंज के गेहूं का भंडारण करने से हाथ खड़े कर लिए। इससे क्रय केंद्रों पर खुले में रखे 4479.55 एमटी गेहूं के भंडारण की समस्या हो गई है। गेहूं की खरीद 30 जून तक होनी है। जिससे क्रय केंद्रों पर और भी गेहूं आएगा। जनपद में एसडब्लूसी का कादरबाड़ी में गोदाम है। इस गोदाम की क्षमता 3000 एमटी है। इसके अलावा मंडी समिति के गल्ला मंडी परिसर में कवर्ड सीमेंटेड चबूतरे हैं। यदि ये दोनों स्थल भंडारण के लिए मिल जाएं तो भंडारण की समस्या दूर हो सकती है, लेकिन न तो सीएमडीसी ने ही अपने गोदाम को खोला है और न ही मंडी समिति ने ही अभी तक इस दिशा में कोई रुचि दिखाई है। जबकि क्रय केंद्रों पर करीब 8 करोड़ रुपये का गेहूं खुले में पड़ा है। बारिश होने के साथ ही यह गेहूं भीग कर खराब हो सकता है। इसकी चिंता किसी को नहंीं है।
नहीं माना मंडलायुक्त के आदेश को
कासगंज। गेहूं के भंडारण के लिए मंडलायुक्त ने करीब एक पखवाड़े पहले एसडब्लूसी अलीगढ़ को कादरबाड़ी के गोदाम में तथा मंडी समिति के सीमेंटेड 2 कवर्ड चबूतरे में भंडारण शुरू कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन इन निर्देशों को हवा में उड़ा दिया गया। अभी तक इनमें से किसी भी स्थान पर भंडारण शुरू नही किया गया है।
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गेहूं के भंडारण के लिए एसडब्लूसी ने अभी तक अपना स्टॉफ उपलब्ध नहीं कराया है। इस कारण गेहूं का भंडारण नहीं हो पा रहा। बारिश होने पर इस गेहूं के भीगने का खतरा बना हुआ है। विजय कुमार शुक्ला, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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मानसून का मौसम आ चुका है। जिले में कभी भी बारिश शुरू हो सकती है। मौसम विभाग ने भी शुक्रवार को आंधी बारिश का अलर्ट जारी कर रखा है। इन सब के बीच गेहूं के भंडारण को गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। करोड़ों रुपये का गेहूं क्रय केंद्रों पर खुले में पड़ा है। बारिश होने के साथ ही यह गेहूं भीग जाएगा।
जिले में इस बार अच्छी गेहूं की खरीद हुई है। अब तक 35069.25 मीट्रिंक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। जिले में गेहूं के भंडारण के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है। विभाग ने अपने गोदाम में लगभग 9000 मीट्रिक टन गेहूं का भंडारण कर लिया। इसके बाद गोदाम भर गया। गेहूं के भंडारण के लिए अन्य जनपदों से संपर्क साधा गया। बदायूं के उझानी में 4500 एमटी भंडारण हो गया। इसके बाद यहां से भी भंडारण के लिए इंकार कर दिया गया। एटा में भी अब तक 17000 एमटी से अधिक का गेहूं भंडारित हो चुका है। ऐसे में एटाने भी कासगंज के गेहूं का भंडारण करने से हाथ खड़े कर लिए। इससे क्रय केंद्रों पर खुले में रखे 4479.55 एमटी गेहूं के भंडारण की समस्या हो गई है। गेहूं की खरीद 30 जून तक होनी है। जिससे क्रय केंद्रों पर और भी गेहूं आएगा। जनपद में एसडब्लूसी का कादरबाड़ी में गोदाम है। इस गोदाम की क्षमता 3000 एमटी है। इसके अलावा मंडी समिति के गल्ला मंडी परिसर में कवर्ड सीमेंटेड चबूतरे हैं। यदि ये दोनों स्थल भंडारण के लिए मिल जाएं तो भंडारण की समस्या दूर हो सकती है, लेकिन न तो सीएमडीसी ने ही अपने गोदाम को खोला है और न ही मंडी समिति ने ही अभी तक इस दिशा में कोई रुचि दिखाई है। जबकि क्रय केंद्रों पर करीब 8 करोड़ रुपये का गेहूं खुले में पड़ा है। बारिश होने के साथ ही यह गेहूं भीग कर खराब हो सकता है। इसकी चिंता किसी को नहंीं है।
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नहीं माना मंडलायुक्त के आदेश को
कासगंज। गेहूं के भंडारण के लिए मंडलायुक्त ने करीब एक पखवाड़े पहले एसडब्लूसी अलीगढ़ को कादरबाड़ी के गोदाम में तथा मंडी समिति के सीमेंटेड 2 कवर्ड चबूतरे में भंडारण शुरू कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन इन निर्देशों को हवा में उड़ा दिया गया। अभी तक इनमें से किसी भी स्थान पर भंडारण शुरू नही किया गया है।
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गेहूं के भंडारण के लिए एसडब्लूसी ने अभी तक अपना स्टॉफ उपलब्ध नहीं कराया है। इस कारण गेहूं का भंडारण नहीं हो पा रहा। बारिश होने पर इस गेहूं के भीगने का खतरा बना हुआ है। विजय कुमार शुक्ला, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी