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लाइन खींची गई पर नहीं मिली बिजली
Updated Sun, 20 May 2018 10:47 PM IST
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बिजली
- फोटो : FILE PHOTO
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कासगंज। विद्युत विभाग की लापरवाही से सिढ़पुरा विकासखंड के गांव जनकखेड़ा में 12 साल पहले विद्युत लाइन खींचने के बाद भी विभाग कनेक्शन देना ही भूल गया। 12 साल से गांव के लोग बिजली की सुविधा का लाभ उठाने से वंचित हैं। तमाम शिकायतों के बाद भी अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
जनकखेड़ा गांव विकासखंड सिढ़पुरा पटियाली मार्ग पर बसा है। जो इस मार्ग से महज 100 मीटर दूर है। इस गांव में अन्य सुविधाएं भी नहीं हैं। 12 सालों में लोक सभा, विधानसभा, ग्राम पंचायत के 2-2 चुनाव ग्रामीणों ने देख लिए। नेता जनप्रतिनिधि वोट मांगने पहुंचे और बिजली चालू कराने का वादा भी कर गए, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका।
कई बार अधिकारियों के सामने भी शिकायत की गई लेकिन विद्युत विभाग के अधिकारी प्रशासनिक अधिकारियों को भी गुमराह करते रहे। इस गांव की आबादी भी करीब 300 के आसपास है। पूरे गांव में 12 वर्ष पूर्व बिजली की लाइन खींचीं, पोल लगे और ट्रांसफार्मर भी लगाए गए। जिस समय गांव में विद्युत लाइन खींची जा रही थी ग्रामीण जयप्रकाश बताते हैं कि उस समय ग्रामीणों में खुशी थी लेकिन उन्हें क्या पता था कि लाइन खींचने के बाद विद्युत विभाग लाइन बिछाकर भूल जाएगा। ग्राम प्रधान अवनीश पचौरी का कहना है कि उन्होंने काफी प्रयास किए लेकिन सफल नहीं हो सके।
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रविवार को सांसद राजवीर सिंह को ट्वीट किया गया। सांसद ने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से बात की और ट्वीट करने वाले अमित तिवारी से पूरा ब्यौरा मांगा। ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है।
शीघ्र ही विद्युत आपूर्ति चालू की जाएगी। 300 से कम आबादी वाले गांव के विद्युतीकरण का कार्य किया जा रहा है। जो गांव विद्युतीकरण से छूटे हैं उनमें विद्युतीकरण की तैयारी की जा रही है।
- सत्यदेव, अधिशासी अभियंता
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जनकखेड़ा गांव विकासखंड सिढ़पुरा पटियाली मार्ग पर बसा है। जो इस मार्ग से महज 100 मीटर दूर है। इस गांव में अन्य सुविधाएं भी नहीं हैं। 12 सालों में लोक सभा, विधानसभा, ग्राम पंचायत के 2-2 चुनाव ग्रामीणों ने देख लिए। नेता जनप्रतिनिधि वोट मांगने पहुंचे और बिजली चालू कराने का वादा भी कर गए, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका।
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कई बार अधिकारियों के सामने भी शिकायत की गई लेकिन विद्युत विभाग के अधिकारी प्रशासनिक अधिकारियों को भी गुमराह करते रहे। इस गांव की आबादी भी करीब 300 के आसपास है। पूरे गांव में 12 वर्ष पूर्व बिजली की लाइन खींचीं, पोल लगे और ट्रांसफार्मर भी लगाए गए। जिस समय गांव में विद्युत लाइन खींची जा रही थी ग्रामीण जयप्रकाश बताते हैं कि उस समय ग्रामीणों में खुशी थी लेकिन उन्हें क्या पता था कि लाइन खींचने के बाद विद्युत विभाग लाइन बिछाकर भूल जाएगा। ग्राम प्रधान अवनीश पचौरी का कहना है कि उन्होंने काफी प्रयास किए लेकिन सफल नहीं हो सके।
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रविवार को सांसद राजवीर सिंह को ट्वीट किया गया। सांसद ने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से बात की और ट्वीट करने वाले अमित तिवारी से पूरा ब्यौरा मांगा। ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है।
शीघ्र ही विद्युत आपूर्ति चालू की जाएगी। 300 से कम आबादी वाले गांव के विद्युतीकरण का कार्य किया जा रहा है। जो गांव विद्युतीकरण से छूटे हैं उनमें विद्युतीकरण की तैयारी की जा रही है।
- सत्यदेव, अधिशासी अभियंता