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समय सीमा में आवेदन का निस्तारण करना जरूरी
Updated Mon, 26 Feb 2018 07:12 PM IST
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मैनपुरी। सरकारी विभागों में आवेदन के निस्तारण की समय सीमा निर्धारित है। जानकारी के अभाव में लोग कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं। जागरूकता नहीं होने से कार्यालयों में शोषण होता है। काम कराने के लिए आवेदक परेशान होते हैं। निर्धारित समय सीमा में आवेदन का निस्तारण नहीं होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होती है।
सरकारी विभागों में आवेदन के निस्तारण के लिए सिटीजन चार्टर लागू है। इसके तहत आवेदन का निस्तारण करने के लिए समय सीमा तक निर्धारित है। आवेदक को निर्धारित समय में ही आवेदन का निस्तारण करकेे जानकारी देना अनिवार्य है। सिटीजन चार्टर की जानकारी नहीं होने से लोग परेशान होते हैं। आवेदन करने के बाद जानकारी के अभाव में आवेदक कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं। सरकारी कार्यालयों में काम करने के नाम पर आवेदकों का शोषण होता है।
कर्मचारियों की बात नहीं मानने पर उनका काम लटका दिया जाता है। कभी-कभी तो कर्मचारी आपत्ति लगाकर आवेदन निरस्त तक कर देते हैं। जबकि निर्धारित समय में काम नहीं होने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान तक है। जागरूकता नहीं होने से आवेदक संबंधित कर्मचारी के खिलाफ शिकायत करने की बजाए उसकी नाजायाज मांग पूरी करने को मजबूर हो जाता है।
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सरकारी विभागों में आवेदन के निस्तारण के लिए सिटीजन चार्टर लागू है। इसके तहत आवेदन का निस्तारण करने के लिए समय सीमा तक निर्धारित है। आवेदक को निर्धारित समय में ही आवेदन का निस्तारण करकेे जानकारी देना अनिवार्य है। सिटीजन चार्टर की जानकारी नहीं होने से लोग परेशान होते हैं। आवेदन करने के बाद जानकारी के अभाव में आवेदक कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं। सरकारी कार्यालयों में काम करने के नाम पर आवेदकों का शोषण होता है।
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कर्मचारियों की बात नहीं मानने पर उनका काम लटका दिया जाता है। कभी-कभी तो कर्मचारी आपत्ति लगाकर आवेदन निरस्त तक कर देते हैं। जबकि निर्धारित समय में काम नहीं होने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान तक है। जागरूकता नहीं होने से आवेदक संबंधित कर्मचारी के खिलाफ शिकायत करने की बजाए उसकी नाजायाज मांग पूरी करने को मजबूर हो जाता है।
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