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दहेज उत्पीडन के मामले में पांच आरोपियों को तीन साल की सजा
Updated Mon, 04 Dec 2017 10:52 PM IST
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कासगंज। सत्र न्यायाधीश ओमप्रकाश त्रिपाठी के न्यायालय ने दहेज उत्पीडन के एक मामले में पांच आरोपियों को तीन तीन साल की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपियों पर 1.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतरिक्त सजा का भी प्रावधान किया गया है।
बदन सिंह निवासी भूपाल गढ़ी ढोलना ने अपनी पुत्री निशा की शादी 6 जून 1995 को अशोक पुत्र उत्तम सिंह के साथ की। 20 जनवरी 2001 को ससुरालीजनों ने बाइक, भेंस व पांच बीघा जमीन की मांग करते हुए विवाहिता को मारपीट कर घर से निकाल दिया। 9 अपे्रल 2001 को ेअश्राोक, उत्तम सिंह, कल्लू, सोनकली, गुडडो देवी के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। निशा की 9 दिसंबर 2001 को मौत हो गई।
न्यायालय ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य एवं अधिवक्ताओं की जिरह के आधार पर सभी आरोपियों को धारा 498 ए का दोषी मानते हुए 3-3 वर्ष की सश्रम सजा तथा 10-10 हजार का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर 3-3 माह के अतरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई। धारा 323/34 में एक एक वर्ष के सश्रम कारावास व 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर डेढ़ माह के अतरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया।
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धारा 406 में 3-3 साल की सजा तथा 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगया गया। जुर्माना अदा न करने पर 3 माह के अतरिक्त कारावास की सजा का प्रावधान किया गया। धारा 4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में एक एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा तथा 5-5 हजार रुपये के जुर्माना लगाया गया। जुर्माना अदा न करने पर डेढ़ माह के अतरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद्र गोला रहे।
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बदन सिंह निवासी भूपाल गढ़ी ढोलना ने अपनी पुत्री निशा की शादी 6 जून 1995 को अशोक पुत्र उत्तम सिंह के साथ की। 20 जनवरी 2001 को ससुरालीजनों ने बाइक, भेंस व पांच बीघा जमीन की मांग करते हुए विवाहिता को मारपीट कर घर से निकाल दिया। 9 अपे्रल 2001 को ेअश्राोक, उत्तम सिंह, कल्लू, सोनकली, गुडडो देवी के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। निशा की 9 दिसंबर 2001 को मौत हो गई।
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न्यायालय ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य एवं अधिवक्ताओं की जिरह के आधार पर सभी आरोपियों को धारा 498 ए का दोषी मानते हुए 3-3 वर्ष की सश्रम सजा तथा 10-10 हजार का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर 3-3 माह के अतरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई। धारा 323/34 में एक एक वर्ष के सश्रम कारावास व 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर डेढ़ माह के अतरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया।
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धारा 406 में 3-3 साल की सजा तथा 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगया गया। जुर्माना अदा न करने पर 3 माह के अतरिक्त कारावास की सजा का प्रावधान किया गया। धारा 4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में एक एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा तथा 5-5 हजार रुपये के जुर्माना लगाया गया। जुर्माना अदा न करने पर डेढ़ माह के अतरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद्र गोला रहे।