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धूमधाम से मनाया प्रकाशोत्सव पर्व
Updated Tue, 28 Nov 2017 11:38 PM IST
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सोरों की हरिपदी गंगा
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सोरों। गुरुनानक देवजी का प्रकाशोत्सव पर्व तीर्थनगरी में धूमधाम से मनाया गया। प्रकाश उत्सव पर्व के अंतिम दिन गरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से कस्बे में पवित्र गुरू ग्रंथ साहिब की शोभायात्रा व नगर कीर्तन पूर्ण उल्लास के साथ निकाला गया।
हरि पदी किनारे स्थित गुरुद्वारे मेें अखंड पाठ साहिब, कीर्तन दरबार, कवि दरबार के आयोजन चल रहे थे। इन आयोजनों में सुबह 11 बजे से हरि पदी से शुरू हुई शोभायात्रा एवं नगर कीर्तन कस्बे के बदरिया, गंगा गली, बस स्टैंड रोड, चंदन चौक, अनाज मंडी, कोतवाली रोड, सहावर गेट, कछला गेट, रामसिंहपुरा, कटरा बाजार होती हुई वापस गुरुद्वारे पर जाकर समाप्त हुई।
शोभायात्रा में सबसे आगे नानकमता से आयी स्कूली छात्राएं प्रभात फेरी निकाल रही थीं। इसके पीछे सिख समाज के नवयुवक हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों को रोमांचित कर रहे थे। परंपरागत वस्त्र धारण किए पंचप्यारे सभी के आकर्षण का प्रमुख केंद्र थे। मुख्य रथ में पवित्र गुरू ग्रंथ साहिब के साथ प्रमुख गुरू ग्रंथी विराजमान थे। कारसेवक रथ के मार्ग में झाडू लगाकर पानी का छिड़काव कर रहे थे।
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परंपरागत वाद्य यंत्रों के साथ महिलाएं वाहे गुरू नाम का संकीर्तन करते हुए चल रहीं थीं। शोभायात्रा के बाद आयोजित विशाल लंगर में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। बाबा तरसेम सिंह, बाबा टहल सिंह, बाबा हरबंश सिंह, बाबा फौजा सिंह, रणजीत सिंह, सेवा सिंह, मीत प्रधान, नेपाल सिंह भाटी आदि लोग मौजूद रहे।
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हरि पदी किनारे स्थित गुरुद्वारे मेें अखंड पाठ साहिब, कीर्तन दरबार, कवि दरबार के आयोजन चल रहे थे। इन आयोजनों में सुबह 11 बजे से हरि पदी से शुरू हुई शोभायात्रा एवं नगर कीर्तन कस्बे के बदरिया, गंगा गली, बस स्टैंड रोड, चंदन चौक, अनाज मंडी, कोतवाली रोड, सहावर गेट, कछला गेट, रामसिंहपुरा, कटरा बाजार होती हुई वापस गुरुद्वारे पर जाकर समाप्त हुई।
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शोभायात्रा में सबसे आगे नानकमता से आयी स्कूली छात्राएं प्रभात फेरी निकाल रही थीं। इसके पीछे सिख समाज के नवयुवक हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों को रोमांचित कर रहे थे। परंपरागत वस्त्र धारण किए पंचप्यारे सभी के आकर्षण का प्रमुख केंद्र थे। मुख्य रथ में पवित्र गुरू ग्रंथ साहिब के साथ प्रमुख गुरू ग्रंथी विराजमान थे। कारसेवक रथ के मार्ग में झाडू लगाकर पानी का छिड़काव कर रहे थे।
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परंपरागत वाद्य यंत्रों के साथ महिलाएं वाहे गुरू नाम का संकीर्तन करते हुए चल रहीं थीं। शोभायात्रा के बाद आयोजित विशाल लंगर में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। बाबा तरसेम सिंह, बाबा टहल सिंह, बाबा हरबंश सिंह, बाबा फौजा सिंह, रणजीत सिंह, सेवा सिंह, मीत प्रधान, नेपाल सिंह भाटी आदि लोग मौजूद रहे।