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Agra News: 100 करोड़ का सीवर प्रोजेक्ट फेल, लाइनें चोक, मशीनें खराब
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100 करोड़ के सीवर प्रोजेक्ट मे नई मशीने कबाड़ हो गई जबकि सीवर लाइन चोक है
आगरा। सीवर लाइन के मैनहोल से होकर पानी की लाइनें जिस ताजगंज से निकाली गईं, वह 100 करोड़ रुपये का सीवर प्रोजेक्ट फेल साबित हो रहा है। देश के पहले वैक्यूम सीवर होने का दावा इस प्रोजेक्ट में किया गया था लेकिन लाइनें चोक हैं और मशीनें बंद पड़ीं हैं।
यह खुलासा आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी के सीवर लाइन प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने पर हुआ है। स्मार्ट सिटी के ताजगंज और एबीडी क्षेत्र में 53 किमीं लंंबी सीवर लाइन इस प्रोजेक्ट के तहत बिछाई गई थी। लाइनें चोक होने के कारण सीवर का गंदा पानी उफन रहा है।
स्मार्ट सिटी कंपनी के 100 करोड़ रुपये की लागत वाले सीवर प्रोजेक्ट में सीवर व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए खरीदी गई मशीनें रखरखाव के अभाव में कबाड़ हो रही हैं। तीन सीवर जेटिंग मशीनों में से एक ही चालू है, जबकि दो खराब पड़ी हैं। सात डिसिल्टिंग मशीनों में से केवल दो ही काम कर रहीं है, जबकि 5 मशीनों में से अधिकांश का हाइड्राेलिक सिस्टम खराब है।
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उन्हें लंबे समय से इस्तेमाल ही नहीं किया गया। नगर निगम की ओर से जलकल इंजीनियरों ने यह रिपोर्ट तैयार की है। इसमें बताया गया है कि सीवर कनेक्शनों का ब्योरा नहीं दिया गया है। जो मशीनें खरीदी गई हैं, उनके मैकेनिकल परीक्षण के लिए थर्ड पार्टी जांच कराई जाए।
क्षमता से कम पर चल रहे पंपिंग स्टेशन
रिपोर्ट में बताया गया है कि निरीक्षण में पंपिंग स्टेशनों के संचालन में खामियां पाई गईं हैं। सभी सीवेज पंपिंग स्टेशन क्षमता से कम पर चल रहे हैं। यह प्रोजेक्ट ताजगंज के 60 हजार घरों से 28.24 एमएलडी सीवर ले जाने के लिए बनाया गया था, लेकिन मियांपुर पंपिंग स्टेशन से तोरा पर केवल एक से 1.5 एमएलडी सीवर ही पहुंच रहा है। इससे स्पष्ट है कि ब्रांच सीवर लाइनें पूरी तरह से चोक पड़ी हैं। कोल्हाई वैक्यूम स्टेशन में 115 मॉनिटरिंग ट्रांसमीटर में से केवल 45 ही चालू हैं।
रिपोर्ट में अमर उजाला की खबर की पुष्टि
रिपोर्ट में कहा गया है कि ताजगंज में सीवर प्रोजेक्ट में गंभीर तकनीकी खामियां और पाइपलाइनों का जाल है। असद गली समेत कई गलियों और बाजारों में पेयजल की पाइपलाइनों को सीवर मैनहोल से निकाला गया है। अगर सीवर लाइन चोक है तो घरों में लीकेज पाइपलाइन से गंदे और दूषित पानी की आपूर्ति होने की आशंका है। मुरली नगर, पुरानी मंडी में लाइनें चोक हैं। एसटीपी के सामने 100 मीटर तक लाइन चोक है। 20 ढक्कन क्षतिग्रस्त हैं। कोलिहाई में पीएसी लाइन जुड़ी ही नहीं है।
दोबारा कराई जाएगी जांच
- ताजगंज सीवर प्रोजेक्ट में जल निगम से नई तकनीक वाले वाॅल्व मॉनिटरिंग यूनिट के परीक्षण और डिजाइन की दोबारा जांच कराई जाएगी ताकि कमियों को दूर किया जा सके। खामियां दूर करने के बाद ही जलकल विभाग हैंडओवर ले सकेगा। - अरुणेंद्र राजपूत, जीएम, जलकल
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यह खुलासा आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी के सीवर लाइन प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने पर हुआ है। स्मार्ट सिटी के ताजगंज और एबीडी क्षेत्र में 53 किमीं लंंबी सीवर लाइन इस प्रोजेक्ट के तहत बिछाई गई थी। लाइनें चोक होने के कारण सीवर का गंदा पानी उफन रहा है।
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स्मार्ट सिटी कंपनी के 100 करोड़ रुपये की लागत वाले सीवर प्रोजेक्ट में सीवर व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए खरीदी गई मशीनें रखरखाव के अभाव में कबाड़ हो रही हैं। तीन सीवर जेटिंग मशीनों में से एक ही चालू है, जबकि दो खराब पड़ी हैं। सात डिसिल्टिंग मशीनों में से केवल दो ही काम कर रहीं है, जबकि 5 मशीनों में से अधिकांश का हाइड्राेलिक सिस्टम खराब है।
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उन्हें लंबे समय से इस्तेमाल ही नहीं किया गया। नगर निगम की ओर से जलकल इंजीनियरों ने यह रिपोर्ट तैयार की है। इसमें बताया गया है कि सीवर कनेक्शनों का ब्योरा नहीं दिया गया है। जो मशीनें खरीदी गई हैं, उनके मैकेनिकल परीक्षण के लिए थर्ड पार्टी जांच कराई जाए।
क्षमता से कम पर चल रहे पंपिंग स्टेशन
रिपोर्ट में बताया गया है कि निरीक्षण में पंपिंग स्टेशनों के संचालन में खामियां पाई गईं हैं। सभी सीवेज पंपिंग स्टेशन क्षमता से कम पर चल रहे हैं। यह प्रोजेक्ट ताजगंज के 60 हजार घरों से 28.24 एमएलडी सीवर ले जाने के लिए बनाया गया था, लेकिन मियांपुर पंपिंग स्टेशन से तोरा पर केवल एक से 1.5 एमएलडी सीवर ही पहुंच रहा है। इससे स्पष्ट है कि ब्रांच सीवर लाइनें पूरी तरह से चोक पड़ी हैं। कोल्हाई वैक्यूम स्टेशन में 115 मॉनिटरिंग ट्रांसमीटर में से केवल 45 ही चालू हैं।
रिपोर्ट में अमर उजाला की खबर की पुष्टि
रिपोर्ट में कहा गया है कि ताजगंज में सीवर प्रोजेक्ट में गंभीर तकनीकी खामियां और पाइपलाइनों का जाल है। असद गली समेत कई गलियों और बाजारों में पेयजल की पाइपलाइनों को सीवर मैनहोल से निकाला गया है। अगर सीवर लाइन चोक है तो घरों में लीकेज पाइपलाइन से गंदे और दूषित पानी की आपूर्ति होने की आशंका है। मुरली नगर, पुरानी मंडी में लाइनें चोक हैं। एसटीपी के सामने 100 मीटर तक लाइन चोक है। 20 ढक्कन क्षतिग्रस्त हैं। कोलिहाई में पीएसी लाइन जुड़ी ही नहीं है।
दोबारा कराई जाएगी जांच
- ताजगंज सीवर प्रोजेक्ट में जल निगम से नई तकनीक वाले वाॅल्व मॉनिटरिंग यूनिट के परीक्षण और डिजाइन की दोबारा जांच कराई जाएगी ताकि कमियों को दूर किया जा सके। खामियां दूर करने के बाद ही जलकल विभाग हैंडओवर ले सकेगा। - अरुणेंद्र राजपूत, जीएम, जलकल